Mantras for Wisdom & Knowledge
Illuminating mantras for wisdom, learning and intellectual growth.
These mantras invoke Goddess Saraswati and the illuminating power of the Gayatri Mantra to bestow knowledge, intellect, memory, concentration and eloquence. Beloved by students, teachers, researchers and seekers, they clear mental dullness and awaken clarity and insight. Each mantra below includes full Sanskrit lyrics, transliteration, meaning and a chanting guide.
407 mantras available in this collection
আ নো ভদ্রাঃ ক্রতবো যন্তু
आ नो भद्राः क्रतवो यन्तु विश्वतोऽदब्धासो अपरीतास उद्भिदः।
Read & Chant →আলস্যং হি মনুষ্যাণাং শরীরস্থো মহান্ রিপুঃ
आलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्थो महान् रिपुः।
Read & Chant →আপদর্থে ধনং রক্ষেৎ (ধন, স্ত্রী ও আত্মরক্ষা)
आपदर्थे धनं रक्षेद् दारान् रक्षेद् धनैरपि।
Read & Chant →আপৎসু মিত্রং জানীয়াৎ
आपत्सु मित्रं जानीयाद्युद्धे शूरमृणे शुचिम्।
Read & Chant →অভিরামী অন্তাদি (কাপ্পু ও প্রারম্ভিক পদ)
தாரமர் கொன்றையும் சண்பக மாலையும் சாத்தும் தில்லை
Read & Chant →অদ্বৈত পঞ্চরত্নম্ (আত্ম পঞ্চকম্)
नाहं देहो नेन्द्रियाण्यन्तरङ्गो
Read & Chant →অগজানন পদ্মার্কম্
अगजानन पद्मार्कं गजाननमहर्निशम् ।
Read & Chant →অঘমর্ষণ সূক্তম্
ऋतं च सत्यं चाभीद्धात्तपसोऽध्यजायत ।
Read & Chant →অগ্নে নয় সুপথা রায়ে
अग्ने नय सुपथा राये अस्मान्
Read & Chant →অগ্নি গায়ত্রী মন্ত্র
ॐ वैश्वानराय विद्महे लालीलाय धीमहि ।
Read & Chant →অহং ব্রহ্মাস্মি (আমিই ব্রহ্ম)
ब्रह्म वा इदमग्र आसीत् तदात्मानमेवावेत् ।
Read & Chant →অরুণাং করুণাতরঙ্গিতাক্ষীং (ললিতা ধ্যান)
अरुणां करुणातरङ्गिताक्षीं
Read & Chant →অহং সর্বস্য প্রভবো
अहं सर्वस्य प्रभवो
Read & Chant →অহং বৈশ্বানরো ভূত্বা — ভোজন মন্ত্র (গীতা 15.14)
अहं वैश्वानरो भूत्वा प्राणिनां देहमाश्रितः ।
Read & Chant →ঐং বীজ মন্ত্র (সরস্বতী বীজ মন্ত্র)
ॐ ऐं
Read & Chant →অক্রোধেন জয়েত্ক্রোধম্
अक्रोधेन जयेत्क्रोधमसाधुं साधुना जयेत्।
Read & Chant →অক্রূর স্তুতি (অক্রূরের প্রার্থনা)
नतोऽस्म्यहं त्वाखिलहेतुहेतुं
Read & Chant →অল্পাক্ষরমসন্দিগ্ধম্ (সত্য সূত্রের লক্ষণ)
अल्पाक्षरमसन्दिग्धं सारवद् विश्वतोमुखम्।
Read & Chant →আঙ্গিকং ভুবনং যস্য (নটরাজ ধ্যান)
आङ्गिकं भुवनं यस्य वाचिकं सर्ववाङ्मयम्।
Read & Chant →অন্নং ব্রহ্মেতি (অন্নই ব্রহ্ম)
अन्नं ब्रह्मेति व्यजानात् ।
Read & Chant →নানাটি বতুকু নাটকমু (অন্নমাচার্য)
నానాటి బతుకు నాటకము
Read & Chant →অণোরণীয়ান্মহতো মহীয়ান্ (সূক্ষ্ম থেকে সূক্ষ্ম, মহান থেকে মহান)
अणोरणीयान्महतो महीयानात्मास्य जन्तोर्निहितो गुहायाम् ।
Read & Chant →অন্তর্জ্যোতির্বহির্জ্যোতিঃ (শিবোঽহম্)
अन्तर्ज्योतिर्बहिर्ज्योतिः प्रत्यग्ज्योतिः परात्परः।
Read & Chant →আরাধিতা সৈব নৃণাম্ (দেবীর শরণ — ফল-শ্লোক)
ऋषिरुवाच
Read & Chant →অসম্ভবং হেমমৃগস্য জন্ম
असम्भवं हेममृगस्य जन्म तथापि रामो लुलुभे मृगाय।
Read & Chant →অসঙ্গোঽহম্ অসঙ্গোঽহম্ (সচ্চিদানন্দরূপোঽহম্)
असङ्गोऽहम् असङ्गोऽहम् असङ्गोऽहम् पुनः पुनः।
Read & Chant →অসতো মা সদ্গময় (পবমান মন্ত্র)
ॐ असतो मा सद्गमय ।
Read & Chant →অসিতগিরিসমং স্যাৎ
असितगिरिसमं स्यात् कज्जलं सिन्धुपात्रे
Read & Chant →অথাতো ভক্তিং ব্যাখ্যাস্যামঃ (নারদ ভক্তি সূত্র ১)
अथातो भक्तिं व्याख्यास्यामः ॥ १ ॥
Read & Chant →অথাতো ব্রহ্মজিজ্ঞাসা (ব্রহ্মসূত্র ১.১.১)
अथातो ब्रह्मजिज्ञासा ॥ १ ॥
Read & Chant →অতি সর্বত্র বর্জয়েৎ
अति रूपेण वै सीता अतिगर्वेण रावणः।
Read & Chant →অতিথির্যস্য ভগ্নাশো
अतिथिर्यस्य भग्नाशो गृहात्प्रतिनिवर्तते।
Read & Chant →ওমিত্যেতদক্ষরমিদং সর্বম্ (ওঁ-ই এই সব কিছু)
ओमित्येतदक्षरमिदं सर्वं तस्योपव्याख्यानं भूतं भवद्भविष्यदिति सर्वमोङ्कार एव ।
Read & Chant →অবধূত গীতা (প্রারম্ভিক শ্লোক)
ईश्वरानुग्रहादेव पुंसामद्वैतवासना।
Read & Chant →অয়ম্ আত্মা ব্রহ্ম (এই আত্মাই ব্রহ্ম)
सर्वं ह्येतद् ब्रह्म अयम् आत्मा ब्रह्म ।
Read & Chant →আয়ুঃ কর্ম চ বিত্তং চ (জন্মের পূর্বেই নির্ধারিত পাঁচটি বিষয়)
आयुः कर्म च वित्तं च विद्या निधनमेव च।
Read & Chant →বালাত্রিপুরসুন্দরী ধ্যান স্তোত্রম্
अरुणकिरणजालैः रञ्जिताशावकाशा
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ১.১ — ধর্মক্ষেত্রে কুরুক্ষেত্রে
धृतराष्ट्र उवाच
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ১.২১ — সেনয়োরুভয়োর্মধ্যে
अर्जुन उवाच
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ১.২৬ — তত্রাপশ্যৎস্থিতান্পার্থঃ
तत्रापश्यत्स्थितान्पार्थः पितृ़नथ पितामहान्।
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ১.২৮ — কৃপয়া পরয়াআবিষ্টো
अर्जुन उवाच
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ১.২৯ — সীদন্তি মম গাত্রাণি
सीदन्ति मम गात्राणि मुखं च परिशुष्यति।
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ১.৩১ — নিমিত্তানি চ পশ্যামি
निमित्तानि च पश्यामि विपरीतानि केशव।
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ১.৩২ — ন কাঙ্ক্ষে বিজয়ং কৃষ্ণ
न काङ्क्षे विजयं कृष्ण न च राज्यं सुखानि च।
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ১.৩৭ — তস্মান্নার্হা বয়ং হন্তুম্
तस्मान्नार्हा वयं हन्तुं धार्तराष्ट्रान्स्वबान्धवान्।
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ১.৪০ — কুলক্ষয়ে প্রণশ্যন্তি
कुलक्षये प्रणश्यन्ति कुलधर्माः सनातनाः।
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ১.৪৫ — অহো বত মহত্পাপম্
अहो बत महत्पापं कर्तुं व्यवसिता वयम्।
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ১.৪৬ — যদি মামপ্রতীকারম্
यदि मामप्रतीकारमशस्त्रं शस्त्रपाणयः।
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ১.৪৭ — এবমুক্ত্বার্জুনঃ সংখ্যে
सञ्जय उवाच
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ১০.১০ — তেষাং সতত-যুক্তানাং
तेषां सततयुक्तानां भजतां प्रीतिपूर्वकम्।
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ১০.২১ — আদিত্যানামহং বিষ্ণুঃ
आदित्यानामहं विष्णुर्ज्योतिषां रविरंशुमान्।
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ১০.২২ — বেদানাং সাম-বেদোঽস্মি
वेदानां सामवेदोऽस्मि देवानामस्मि वासवः।
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ১০.২৫ — মহর্ষীণাং ভৃগুরহম্
महर्षीणां भृगुरहं गिरामस्म्येकमक्षरम्।
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ১১.১২ — দিবি সূর্য-সহস্রস্য
दिवि सूर्यसहस्रस्य भवेद्युगपदुत्थिता।
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ১১.১৫ — পশ্যামি দেবাংস্তব দেব দেহে
अर्जुन उवाच
Read & Chant →ভগবদ্গীতা 11.16 — অনেকবাহূদরবক্ত্রনেত্রম্
अनेकबाहूदरवक्त्रनेत्रं
Read & Chant →ভগবদ্গীতা 11.17 — কিরীটিনং গদিনং চক্রিণম্
किरीटिनं गदिनं चक्रिणं च
Read & Chant →ভগবদ্গীতা 11.18 — ত্বমক্ষরং পরমম্
त्वमक्षरं परमं वेदितव्यं
Read & Chant →ভগবদ্গীতা 11.24 — নভঃস্পৃশং দীপ্তম্
नभःस्पृशं दीप्तमनेकवर्णं
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ১১.৩২ — কালোঽস্মি লোকক্ষয়কৃৎ
श्री भगवानुवाच
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ১১.৩৩ — তস্মাত্ত্বমুত্তিষ্ঠ
तस्मात्त्वमुत्तिष्ठ यशो लभस्व
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ১১.৩৬ — স্থানে হৃষীকেশ
अर्जुन उवाच
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ১১.৩৮ — ত্বমাদিদেবঃ পুরুষঃ পুরাণঃ
त्वमादिदेवः पुरुषः पुराण
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ১১.৪০ — নমঃ পুরস্তাদথ পৃষ্ঠতস্তে
नमः पुरस्तादथ पृष्ठतस्ते
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ১১.৪৩ — পিতাসি লোকস্য চরাচরস্য
पितासि लोकस्य चराचरस्य
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ১১.৫৩ — নাহং বেদৈর্ন তপসা
नाहं वेदैर्न तपसा न दानेन न चेज्यया।
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ১১.৫৪ — ভক্ত্যা ত্বনন্যয়া
भक्त्या त्वनन्यया शक्यमहमेवंविधोऽर्जुन।
Read & Chant →ভগবদ্গীতা 11.55 — মত্কর্মকৃন্মত্পরমো
मत्कर्मकृन्मत्परमो मद्भक्तः सङ्गवर्जितः।
Read & Chant →ভগবদ্গীতা 11.8 — ন তু মাং শক্যসে দ্রষ্টুম্
न तु मां शक्यसे द्रष्टुमनेनैव स्वचक्षुषा।
Read & Chant →ভগবদ্গীতা 11.9 — এবমুক্ত্বা ততো রাজন্
सञ्जय उवाच
Read & Chant →ভগবদ্গীতা 12.15 — যস্মান্নোদ্বিজতে লোকো
यस्मान्नोद्विजते लोको लोकान्नोद्विजते च यः।हर्षामर्षभयोद्वेगैर्मुक्तो यः स च मे प्रियः॥
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা 12.8 — ময্যেব মন আধৎস্ব
मय्येव मन आधत्स्व मयि बुद्धिं निवेशय।निवसिष्यसि मय्येव अत ऊर्ध्वं न संशयः॥
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা 13.2 — ইদং শরীরং কৌন্তেয় (ক্ষেত্র-ক্ষেত্রজ্ঞ)
श्रीभगवानुवाच
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা 13.28 — সমং সর্বেষু ভূতেষু
समं सर्वेषु भूतेषु तिष्ठन्तं परमेश्वरम्।विनश्यत्स्वविनश्यन्तं यः पश्यति स पश्यति॥
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা 13.8 — অমানিত্বমদম্ভিত্বমহিংসা
अमानित्वमदम्भित्वमहिंसा क्षान्तिरार्जवम्।आचार्योपासनं शौचं स्थैर्यमात्मविनिग्रहः॥
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা 14.26 — মাং চ যোঽব্যভিচারেণ
मां च योऽव्यभिचारेण भक्तियोगेन सेवते।
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ১৪.২৭ — ব্রহ্মণো হি প্রতিষ্ঠাহম্
ब्रह्मणो हि प्रतिष्ठाऽहममृतस्याव्ययस्य च।
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ১৪.৪ — সর্বযোনিষু কৌন্তেয়
सर्वयोनिषु कौन्तेय मूर्तयः सम्भवन्ति याः।
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ১৫.১৫ — সর্বস্য চাহং হৃদি সন্নিবিষ্টো
सर्वस्य चाहं हृदि सन्निविष्टो मत्तः स्मृतिर्ज्ञानमपोहनं च।वेदैश्च सर्वैरहमेव वेद्यो वेदान्तकृद्वेदविदेव चाहम्॥
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ১৬.২১ — ত্রিবিধং নরকস্যেদং দ্বারম্
त्रिविधं नरकस्येदं द्वारं नाशनमात्मनः।कामः क्रोधस्तथा लोभस्तस्मादेतत्त्रयं त्यजेत्॥
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ১৬.২৪ — তস্মাচ্ছাস্ত্রং প্রমাণং তে
तस्माच्छास्त्रं प्रमाणं ते कार्याकार्यव्यवस्थितौ।
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা 16.3 — তেজঃ ক্ষমা ধৃতিঃ শৌচম্
तेजः क्षमा धृतिः शौचमद्रोहो नातिमानिता।
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা 17.15 — অনুদ্বেগকরং বাক্যম্
अनुद्वेगकरं वाक्यं सत्यं प्रियहितं च यत्।
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা 17.16 — মনঃপ্রসাদঃ সৌম্যত্বম্
मनःप्रसादः सौम्यत्वं मौनमात्मविनिग्रहः।
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা 18.13 — পঞ্চৈতানি মহাবাহো
पञ्चैतानि महाबाहो कारणानि निबोध मे।सांख्ये कृतान्ते प्रोक्तानि सिद्धये सर्वकर्मणाम्॥
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা 18.20 — সর্বভূতেষু যেনৈকম্
सर्वभूतेषु येनैकं भावमव्ययमीक्षते।अविभक्तं विभक्तेषु तज्ज्ञानं विद्धि सात्त्विकम्॥
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা 18.42 — শমো দমস্তপঃ শৌচম্
शमो दमस्तपः शौचं क्षान्तिरार्जवमेव च।ज्ञानं विज्ञानमास्तिक्यं ब्रह्मकर्म स्वभावजम्॥
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা 18.46 — যতঃ প্রবৃত্তির্ভূতানাম্
यतः प्रवृत्तिर्भूतानां येन सर्वमिदं ततम्।
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা 18.54 — ব্রহ্মভূতঃ প্রসন্নাত্মা
ब्रह्मभूतः प्रसन्नात्मा न शोचति न काङ्क्षति।समः सर्वेषु भूतेषु मद्भक्तिं लभते पराम्॥
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা 18.55 — ভক্ত্যা মামভিজানাতি
भक्त्या मामभिजानाति यावान्यश्चास्मि तत्त्वतः।ततो मां तत्त्वतो ज्ञात्वा विशते तदनन्तरम्॥
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা 18.56 — সর্বকর্মাণ্যপি সদা কুর্বাণো
सर्वकर्माण्यपि सदा कुर्वाणो मद्व्यपाश्रयः।मत्प्रसादादवाप्नोति शाश्वतं पदमव्ययम्॥
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা 18.61 — ঈশ্বরঃ সর্বভূতানাম্
ईश्वरः सर्वभूतानां हृद्देशेऽर्जुन तिष्ठति।
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ১৮.৬৩ — ইতি তে জ্ঞানমাখ্যাতম্
इति ते ज्ञानमाख्यातं गुह्याद्गुह्यतरं मया।विमृश्यैतदशेषेण यथेच्छसि तथा कुरु॥
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ১৮.৬৪ — সর্বগুহ্যতমং ভূয়ঃ
सर्वगुह्यतमं भूयः श्रृणु मे परमं वचः।इष्टोऽसि मे दृढमिति ततो वक्ष्यामि ते हितम्॥
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা 18.65 — মন্মনা ভব মদ্ভক্তো
मन्मना भव मद्भक्तो मद्याजी मां नमस्कुरु।मामेवैष्यसि सत्यं ते प्रतिजाने प्रियोऽसि मे॥
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ১৮.৬৭ — ইদং তে নাতপস্কায
इदं ते नातपस्काय नाभक्ताय कदाचन।न चाशुश्रूषवे वाच्यं न च मां योऽभ्यसूयति॥
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ১৮.৬৮ — য ইমং পরমং গুহ্যম্
य इमं परमं गुह्यं मद्भक्तेष्वभिधास्यति।भक्ितं मयि परां कृत्वा मामेवैष्यत्यसंशयः॥
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ১৮.৭ — নিয়তস্য তু সংন্যাসঃ
नियतस्य तु संन्यासः कर्मणो नोपपद्यते।मोहात्तस्य परित्यागस्तामसः परिकीर्तितः॥
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ১৮.৭০ — অধ্যেষ্যতে চ য ইমম্
अध्येष्यते च य इमं धर्म्यं संवादमावयोः।ज्ञानयज्ञेन तेनाहमिष्टः स्यामिति मे मतिः॥
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ১৮.৭২ — কচ্চিদেতচ্ছ্রুতং পার্থ
कच्चिदेतच्छ्रुतं पार्थ त्वयैकाग्रेण चेतसा।कच्चिदज्ञानसंमोहः प्रनष्टस्ते धनञ्जय॥
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ১৮.৭৩ — নষ্টো মোহঃ স্মৃতির্লব্ধা
अर्जुन उवाचनष्टो मोहः स्मृतिर्लब्धा त्वत्प्रसादान्मयाच्युत।स्थितोऽस्मि गतसन्देहः करिष्ये वचनं तव॥
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা 2.14 — মাত্রাস্পর্শাস্তু কৌন্তেয়
मात्रास्पर्शास्तु कौन्तेय शीतोष्णसुखदुःखदाः।
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ২.১৬ — নাসতো বিদ্যতে ভাবো
नासतो विद्यते भावो नाभावो विद्यते सतः।
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা 2.17 — অবিনাশি তু তদ্বিদ্ধি
अविनाशि तु तद्विद्धि येन सर्वमिदं ततम्।
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ২.২৭ — জাতস্য হি ধ্রুবো মৃত্যুঃ
जातस्य हि ध्रुवो मृत्युर्ध्रुवं जन्म मृतस्य च।
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ২.৪০ — নেহাভিক্রমনাশোऽস্তি
नेहाभिक्रमनाशोऽस्ति प्रत्यवायो न विद्यते।
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ২.৫৫ — প্রজহাতি যদা কামান্
श्रीभगवानुवाच
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ২.৫৬ — দুঃখেষ্বনুদ্বিগ্নমনাঃ
दुःखेष्वनुद्विग्नमनाः सुखेषु विगतस्पृहः।
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ২.৬৯ — যা নিশা সর্বভূতানাং
या निशा सर्वभूतानां तस्यां जागर्ति संयमी।
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ২.৭ — কার্পণ্যদোষোপহতস্বভাবঃ
कार्पण्यदोषोपहतस्वभावः
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা 2.71 — বিহায় কামান্যঃ সর্বান্
विहाय कामान्यः सर्वान्पुमांश्चरति निःस्पृहः।
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা 3.19 — তস্মাদসক্তঃ সততম্
तस्मादसक्तः सततं कार्यं कर्म समाचर।
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা 3.27 — প্রকৃতেঃ ক্রিয়মাণানি গুণৈঃ
प्रकृतेः क्रियमाणानि गुणैः कर्माणि सर्वशः।
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা 3.30 — ময়ি সর্বাণি কর্মাণি
मयि सर्वाणि कर्माणि संन्यस्याध्यात्मचेतसा।
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা 3.42 — ইন্দ্রিয়াণি পরাণ্যাহুঃ
इन्द्रियाणि पराण्याहुरिन्द्रियेभ्यः परं मनः।
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ৪.১০ — বীতরাগভয়ক্রোধা
वीतरागभयक्रोधा मन्मया मामुपाश्रिताः।
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ৪.১১ — যে যথা মাং প্রপদ্যন্তে
ये यथा मां प्रपद्यन्ते तांस्तथैव भजाम्यहम्।
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ৪.১৮ — কর্মণ্যকর্ম যঃ পশ্যেত্
कर्मण्यकर्म यः पश्येदकर्मणि च कर्म यः।
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ৪.৯ — জন্ম কর্ম চ মে দিব্যম্
जन्म कर्म च मे दिव्यमेवं यो वेत्ति तत्त्वतः।
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ৫.২২ — যে হি সংস্পর্শজা ভোগা
ये हि संस्पर्शजा भोगा दुःखयोनय एव ते।
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ৫.৮ — নৈব কিঞ্চিৎ করোমীতি
नैव किंचित्करोमीति युक्तो मन्येत तत्त्ववित्।
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ৬.১৬ — নাত্যশ্নতস্তু যোগোঽস্তি
नात्यश्नतस्तु योगोऽस्ति न चैकान्तमनश्नतः।
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ৬.১৭ — যুক্তাহারবিহারস্য
युक्ताहारविहारस्य युक्तचेष्टस्य कर्मसु।
Read & Chant →ভগবদ্গীতা ৬.১৯ — যথা দীপো নিবাতস্থো
यथा दीपो निवातस्थो नेङ्गते सोपमा स्मृता।
Read & Chant →ভগবদ্গীতা ৬.৩৪ — চঞ্চলং হি মনঃ কৃষ্ণ
चञ्चलं हि मनः कृष्ण प्रमाथि बलवद्दृढम्।
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ৬.৪৬ — তপস্বিভ্যোঽধিকো যোগী
तपस्विभ्योऽधिको योगी ज्ञानिभ्योऽपि मतोऽधिकः।
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ৬.৬ — বন্ধুরাত্মাত্মনস্তস্য
बन्धुरात्माऽऽत्मनस्तस्य येनात्मैवात्मना जितः।
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ৭.১৪ — দৈবী হ্যেষা গুণময়ী
दैवी ह्येषा गुणमयी मम माया दुरत्यया।
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ৭.৩ — মনুষ্যাণাং সহস্রেষু
मनुष्याणां सहस्रेषु कश्िचद्यतति सिद्धये।
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা 7.8 — রসোঽহমপ্সু কৌন্তেয়
रसोऽहमप्सु कौन्तेय प्रभास्मि शशिसूर्ययोः।
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ৮.৬ — যং যং বাপি স্মরন্ ভাবং
यं यं वापि स्मरन्भावं त्यजत्यन्ते कलेवरम्।
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা ৯.১১ — অবজানন্তি মাং মূঢা
अवजानन्ति मां मूढा मानुषीं तनुमाश्रितम्।
Read & Chant →শ্রীমদ্ভগবদ্গীতা 9.13 — মহাত্মানস্তু মাং পার্থ
महात्मानस्तु मां पार्थ दैवीं प्रकृतिमाश्रिताः।
Read & Chant →ভদ্রং কর্ণেভিঃ শৃণুয়াম
ॐ भद्रं कर्णेभिः शृणुयाम देवाः ।
Read & Chant →শ্রী ভগবদ্ধ্যানসোপানম্
अन्तर्ज्योतिः किमपि यमिनामञ्जनं योगदृष्टे-
Read & Chant →ভগবদ্গীতা কিঞ্চিদধীতা
भगवद्गीता किञ्चिदधीता गङ्गाजल लवकणिका पीता ।
Read & Chant →ভজ গোবিন্দম্
भज गोविन्दं भज गोविन्दं गोविन्दं भज मूढमते ।
Read & Chant →ভবন্তি নম্রাস্তরবঃ ফলোদ্গমৈঃ (নম্রতার শ্লোক)
भवन्ति नम्रास्तरवः फलोद्गमैः
Read & Chant →ভীষ্ম স্তুতি
इति मतिरुपकल्पिता वितृष्णा
Read & Chant →ভো শম্ভো শিব শম্ভো স্বয়ম্ভো
भो शम्भो शिव शम्भो स्वयम्भो॥
Read & Chant →বোধোऽন্যসাধনেভ্যো হি (আত্মবোধ ২)
बोधोऽन्यसाधनेभ्यो हि साक्षान्मोक्षैकसाधनम्।
Read & Chant →ব্রহ্মা গায়ত্রী মন্ত্র
ॐ वेदात्मनाय विद्महे हिरण्यगर्भाय धीमहि ।
Read & Chant →ব্রহ্ম জ্ঞানাবলী মালা
असङ्गोऽहमसङ्गोऽहमसङ्गोऽहं पुनः पुनः।
Read & Chant →ব্রহ্মকৃত রাম স্তুতি
भवान्नारायणो देवः श्रीमांश्चक्रायुधः प्रभुः।
Read & Chant →ব্রহ্ম সত্যং জগন্মিথ্যা
ब्रह्म सत्यं जगन्मिथ्या जीवो ब्रह्मैव नापरः।
Read & Chant →ব্রহ্ম স্তুতি
श्रीब्रह्मोवाच
Read & Chant →ব্রহ্মম্ ওক্কটে (অন্নমাচার্য)
బ్రహ్మ మొక్కటే పరబ్రహ్మ మొక్కటే
Read & Chant →ব্রহ্মানন্দং পরমসুখদং (গুরু / দক্ষিণামূর্তি ধ্যান)
ब्रह्मानन्दं परमसुखदं केवलं ज्ञानमूर्तिं
Read & Chant →ব্রহ্মার্পণং ব্রহ্ম হবিঃ
ब्रह्मार्पणं ब्रह्म हविर्ब्रह्माग्नौ ब्रह्मणा हुतम् ।
Read & Chant →ব্রহ্মবিদ্ ব্রহ্মৈব ভবতি (ব্রহ্মকে যিনি জানেন তিনি স্বয়ং ব্রহ্ম হন)
स यो ह वै तत्परमं ब्रह्म वेद ब्रह्मैव भवति नास्याब्रह्मवित्कुले भवति ।
Read & Chant →বৃহস্পতি দেব আরতি
ॐ जय बृहस्पति देवा ।
Read & Chant →বৃহস্পতি গায়ত্রী মন্ত্র (গুরু / বৃহস্পতি গায়ত্রী)
ॐ वृषभध्वजाय विद्महे क्रुणिहस्ताय धीमहि ।
Read & Chant →বৃহস্পতি কবচম্
॥ श्रीगणेशाय नमः ॥
Read & Chant →বুধ গায়ত্রী মন্ত্র (বুধগ্রহ গায়ত্রী)
ॐ गजध्वजाय विद्महे शुकहस्ताय धीमहि ।
Read & Chant →বুধ কবচম্
श्रीगणेशाय नमः ।
Read & Chant →চলা লক্ষ্মীশ্চলাঃ প্রাণাঃ
चला लक्ष्मीश्चलाः प्राणाश्चलं जीवितयौवनम्।
Read & Chant →দত্তাত্রেয় অষ্টোত্তর শতনামাবলী
श्रीदत्ताय नमः
Read & Chant →দেহিনোऽস্মিন্যথা দেহে (ভগবদ্গীতা 2.13)
देहिनोऽस्मिन्यथा देहे कौमारं यौवनं जरा।
Read & Chant →দেবী সূক্তম্ (ঋগ্বেদোক্ত)
ॐ अहं रुद्रेभिर्वसुभिश्चराम्यहमादित्यैरुत विश्वदेवैः।
Read & Chant →ধ্রুব স্তুতি (ধ্রুব-কৃত ভগবান বিষ্ণুর স্তুতি)
योऽन्तः प्रविश्य मम वाचमिमां प्रसुप्तां
Read & Chant →ধ্যায়তো বিষয়ান্পুংসঃ (ভগবদ্গীতা ২.৬২)
ध्यायतो विषयान्पुंसः सङ्गस्तेषूपजायते।
Read & Chant →দিনযামিন্যৌ সায়ং প্রাতঃ
दिनयामिन्यौ सायं प्रातः शिशिरवसन्तौ पुनरायातः ।
Read & Chant →দৃষ্টিপূতং ন্যসেৎপাদম্
दृष्टिपूतं न्यसेत्पादं वस्त्रपूतं जलं पिबेत्।
Read & Chant →দুর্গা গায়ত্রী মন্ত্র
ॐ कात्यायन्यै च विद्महे कन्याकुमार्यै च धीमहि ।
Read & Chant →দুর্জনঃ পরিহর্তব্যঃ (বিদ্বান হলেও দুর্জনকে ত্যাগ করো)
दुर्जनः परिहर्तव्यो विद्ययालङ्कृतोऽपि सन्।
Read & Chant →দ্বা সুপর্ণা (এক বৃক্ষে দুই পাখি)
द्वा सुपर्णा सयुजा सखाया समानं वृक्षं परिषस्वजाते ।
Read & Chant →দ্বাদশ স্তোত্র
वन्दे वन्द्यं सदानन्दं वासुदेवं निरञ्जनम्।
Read & Chant →একদন্ত স্তোত্রম্ (একদন্তশরণাগতি স্তোত্রম্)
श्रीगणेशाय नमः ।
Read & Chant →একৈবাহং জগত্যত্র (দেবীর অদ্বৈত ঘোষণা)
देव्युवाच
Read & Chant →একং সদ্বিপ্রা বহুধা বদন্তি
इन्द्रं मित्रं वरुणमग्निमाहुरथो दिव्यः स सुपर्णो गरुत्मान्।
Read & Chant →একেনাপি সুবৃক্ষেণ (একটি ভালো গাছ, একটি সুপুত্র)
एकेनापि सुवृक्षेण पुष्पितेन सुगन्धिना।
Read & Chant →একো দেবঃ সর্বভূতেষু গূঢ়ঃ (সকল প্রাণীর মধ্যে লুকানো এক ঈশ্বর)
एको देवः सर्वभूतेषु गूढः सर्वव्यापी सर्वभूतान्तरात्मा ।
Read & Chant →এবং ভগবতী দেবী সা নিত্যাপি
एवं भगवती देवी सा नित्यापि पुनः पुनः ।
Read & Chant →গণানাং ত্বা গণপতিং হবামহে
ॐ गणानां त्वा गणपतिं हवामहे
Read & Chant →গণেশ চালীসা
जय गणपति सदगुण सदन, कविवर बदन कृपाल । विघ्न हरण मंगल करण, जय जय गिरिजालाल ॥
Read & Chant →গণেশ গায়ত্রী মন্ত্র
ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि ।
Read & Chant →গণেশ পঞ্চরত্নম্
मुदाकरात्तमोदकं सदा विमुक्तिसाधकं
Read & Chant →গণেশাষ্টকম্
यतोऽनन्तशक्तेरनन्ताश्च जीवा
Read & Chant →গণেশ ভুজঙ্গম্
रणत्क्षुद्रघण्टानिनादाभिरामं
Read & Chant →শ্রী গণেশ পঞ্চরত্নম্
मुदा करात्त मोदकं सदा विमुक्ति साधकं ।
Read & Chant →গণপতি অথর্বশীর্ষ
॥ शान्ति पाठ ॥
Read & Chant →গতং শোকো ন কর্তব্যো (অতীতের জন্য শোক কোরো না)
गतं शोको न कर्तव्यो भविष्यं नैव चिन्तयेत्।
Read & Chant →গৌরীদশকম্
लीलारब्धस्थापितलुप्ताखिललोकां
Read & Chant →গায়ত্রী আবাহনম্ (আয়াতু বরদা দেবী)
ॐ आयातु वरदा देवी अक्षरं ब्रह्मसम्मितम्।
Read & Chant →গায়ত্রী কবচম্
अस्य श्रीगायत्रीकवचस्य ब्रह्मविष्णुमहेश्वरा ऋषयः।
Read & Chant →প্রাণায়াম মন্ত্র (ব্যাহৃতি ও শিরস্ সহ গায়ত্রী)
ॐ भूः। ॐ भुवः। ॐ सुवः।
Read & Chant →গীতা ধ্যানম্
ॐ पार्थाय प्रतिबोधितां भगवता नारायणेन स्वयं
Read & Chant →গোবিন্দাষ্টকম্ (সত্যং জ্ঞানমনন্তং নিত্যম্)
सत्यं ज्ञानमनन्तं नित्यमनाकाशं परमाकाशं
Read & Chant →গোবিন্দং ভজ মূঢমতে
भज गोविन्दं भज गोविन्दं गोविन्दं भज मूढमते ।
Read & Chant →গুণৈরুত্তমতাং যাতি (শ্রেষ্ঠতা গুণে, পদে নয়)
गुणैरुत्तमतां याति नोच्चैरासनसंस्थितः।
Read & Chant →গুরু গীতা (নির্বাচিত শ্লোক)
गुकारश्चान्धकारो हि ककारस्तेज उच्यते।
Read & Chant →শ্রীগুরুপাদুকা স্তোত্রম্
अनन्तसंसारसमुद्रतार-नौकायिताभ्यां गुरुभक्तिदाभ्याम्।
Read & Chant →গুরু বন্দনা
गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः
Read & Chant →হনুমান স্তুতি (অতুলিতবলধামং)
अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं
Read & Chant →Hari Anant Hari Katha Ananta
हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता ।
Read & Chant →Hari Vayu Stuti
पान्त्वस्मान् पुरुहूत-वैरि-बलवन्-मातङ्ग-माद्यद्-घटा-
Read & Chant →হস্তামলকীয়ম্ (হস্তামলকস্তোত্রম্)
कस्त्वं शिशो कस्य कुतोऽसि गन्ता
Read & Chant →Hastasya Bhushanam Danam
हस्तस्य भूषणं दानं सत्यं कण्ठस्य भूषणम्।
Read & Chant →হয়গ্রীব স্তোত্রম্ (হয়গ্রীব সম্পদা স্তোত্রম্)
ज्ञानानन्दमयं देवं निर्मलस्फटिकाकृतिम् ।
Read & Chant →হেতুঃ সমস্তজগতাম্
हेतुः समस्तजगतां त्रिगुणापि दोषै-
Read & Chant →হিরণ্ময়েন পাত্রেণ (সত্যের মুখ স্বর্ণে আবৃত)
हिरण्मयेन पात्रेण सत्यस्यापिहितं मुखम् ।
Read & Chant →হিরণ্যগর্ভ সূক্তম্
हिरण्यगर्भः समवर्तताग्रे भूतस्य जातः पतिरेक आसीत् ।
Read & Chant →ঈশাবাস্যমিদং সর্বম্ (এই সবকিছু ঈশ্বরে পরিব্যাপ্ত)
ईशा वास्यमिदं सर्वं यत्किञ्च जगत्यां जगत् ।
Read & Chant →তমীশ্বরাণাং পরমং মহেশ্বরম্ (ঈশ্বরদের পরম মহেশ্বর)
तमीश्वराणां परमं महेश्वरं तं देवतानां परमं च दैवतम् ।
Read & Chant →জয় হনুমান জ্ঞান গুন সাগর, জয় কপীস তিহুঁ লোক উজাগর
जय हनुमान ज्ञान गुन सागर।
Read & Chant →জননী জন্মভূমিশ্চ স্বর্গাদপি গরীয়সী
अपि स्वर्णमयी लङ्का न मे लक्ष्मण रोचते।
Read & Chant →জন্মাদ্যস্য যতঃ (ভাগবত মঙ্গলাচরণ)
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।
Read & Chant →কা তে কান্তা কস্তে পুত্রঃ
का ते कान्ता कस्ते पुत्रः संसारोऽयमतीव विचित्रः ।
Read & Chant →Karyeshu Mantri (The Six Virtues of an Ideal Wife)
कार्येषु मन्त्री करणेषु दासी
Read & Chant →Kah Kalah Kani Mitrani (Questions for Constant Self-Reflection)
कः कालः कानि मित्राणि को देशः कौ व्ययागमौ।
Read & Chant →Kakah Krishnah Pikah Krishnah
काकः कृष्णः पिकः कृष्णः को भेदः पिककाकयोः।
Read & Chant →ককাররূপা কল্যাণী (ললিতা ত্রিশতী আরম্ভ)
ककाररूपा कल्याणी कल्याणगुणशालिनी ।
Read & Chant →Kamadhenu Guna Vidya (Knowledge, the Wish-Fulfilling Cow)
कामधेनुगुणा विद्या ह्यकाले फलदायिनी।
Read & Chant →Kamakshi Stotram
कल्पानोकह-पुष्प-जाल-विलसन्नीलालकां मातृकां
Read & Chant →Kandar Alankaram
காப்பு
Read & Chant →Kandar Anubhuti
நெஞ்சக் கனகல்லு நெகிழ்ந்து உருகத்
Read & Chant →কর্মণ্যেবাধিকারস্তে (ভগবদ্গীতা 2.47)
कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन ।
Read & Chant →Kashi Vishwanathashtakam
गङ्गातरङ्गरमणीयजटाकलापं
Read & Chant →Kaupina Panchakam
वेदान्तवाक्येषु सदा रमन्तो
Read & Chant →Ketu Kavacham
॥ श्रीगणेशाय नमः ॥
Read & Chant →Keyura Na Vibhushayanti (Vagbhushanam Bhushanam)
केयूराणि न भूषयन्ति पुरुषं हारा न चन्द्रोज्ज्वलाः
Read & Chant →Kimekam Daivatam Loke
युधिष्ठिर उवाच —
Read & Chant →Kastvam Koham Kuta Ayatah
कस्त्वं कोऽहं कुत आयातः का मे जननी को मे तातः ।
Read & Chant →কৃষ্ণ গায়ত্রী মন্ত্র
ॐ देवकीनन्दनाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि ।
Read & Chant →Krishnaya Yadavendraya
कृष्णाय यादवेन्द्राय ज्ञानमुद्राय योगिने।
Read & Chant →Kshanashah Kanashashchaiva
क्षणशः कणशश्चैव विद्यामर्थं च साधयेत्।
Read & Chant →Mahabir Vikram Bajrangi, Kumati Nivar Sumati Ke Sangi
महाबीर बिक्रम बजरंगी।
Read & Chant →Kurma Stotram
नमाम ते देव पदारविन्दं प्रपन्नतापोपशमातपत्रम् ।
Read & Chant →লক্ষ্মী গায়ত্রী মন্ত্র
ॐ महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णुपत्न्यै च धीमहि ।
Read & Chant →Lakshmi Narasimha Pancharatnam
त्वत्प्रभुजीवप्रियमिच्छसि चेन्
Read & Chant →Lalayet Pancha Varshani (How to Raise a Child)
लालयेत् पञ्च वर्षाणि दश वर्षाणि ताडयेत्।
Read & Chant →Lalita Pancharatnam
प्रातः स्मरामि ललितावदनारविन्दं
Read & Chant →Lalita Pratah Smarana Stotram
प्रातः स्मरामि ललितावदनारविन्दं
Read & Chant →Ma Kuru Dhana Yauvana Garvam
मा कुरु धन यौवन गर्वं हरति निमेषात्कालः सर्वम् ।
Read & Chant →Mahavidya Mahamaya Stuti
तथा संहृतिरूपान्ते जगतोऽस्य जगन्मये ।
Read & Chant →Mamaivamsho Jiva Loke (Bhagavad Gita 15.7)
ममैवांशो जीवलोके जीवभूतः सनातनः।
Read & Chant →Manache Shlok (Selected Verses)
गणाधीश जो ईश सर्वां गुणांचा।
Read & Chant →Mandodari Stuti
व्यक्तमेष महायोगी परमात्मा सनातनः।
Read & Chant →Manisha Panchakam
जाग्रत्स्वप्नसुषुप्तिषु स्फुटतरा या संविदुज्जृम्भते
Read & Chant →Mantra Matrika Pushpamala Stavam
कल्लोलोल्लसितामृताब्धिलहरीमध्ये विराजन्मणि-
Read & Chant →মন্ত্র পুষ্পম্
ॐ यो ऽपां पुष्पं वेद
Read & Chant →Maranantani Vairani
मरणान्तानि वैराणि निर्वृत्तं नः प्रयोजनम्।
Read & Chant →Mata Gurutara Bhumeh (Yaksha Prashna)
माता गुरुतरा भूमेः खात् पितोच्चतरस्तथा।
Read & Chant →Mata Shatruh Pita Bairi
माता शत्रुः पिता वैरी येन बालो न पाठितः।
Read & Chant →Mattah Parataram Nanyat
मत्तः परतरं नान्यत्
Read & Chant →Medha Suktam
ॐ यश्छन्दसामृषभो विश्वरूपः।
Read & Chant →Meenakshi Pancharatnam
उद्यद्भानुसहस्रकोटिसदृशां केयूरहारोज्ज्वलां
Read & Chant →Mookambika Ashtakam
नमस्ते जगद्धात्रि सद्ब्रह्मरूपे
Read & Chant →মূল মন্তর
ੴ ਸਤਿ ਨਾਮੁ
Read & Chant →Mrigaah Mrigaih Sangam Anuvrajanti
मृगा मृगैः सङ्गमनुव्रजन्ति गावश्च गोभिस्तुरगास्तुरङ्गैः।
Read & Chant →Mucukunda Stuti
लब्ध्वा जनो दुर्लभमत्र मानुषं
Read & Chant →Muktim Ichchhasi Chet Tata (Ashtavakra Gita 1.11)
मुक्तिमिच्छसि चेत्तात विषयान्विषवत्त्यज।
Read & Chant →Na Jayate Mriyate Va (Bhagavad Gita 2.20)
न जायते म्रियते वा कदाचि
Read & Chant →Na Kashchit Kasyachin Mitram (None Is Born a Friend or Foe)
न कश्चित्कस्यचिन्मित्रं न कश्चित्कस्यचिद्रिपुः।
Read & Chant →Na Tatra Suryo Bhati (There the Sun Does Not Shine)
न तत्र सूर्यो भाति न चन्द्रतारकं
Read & Chant →নৈনং ছিন্দন্তি শস্ত্রাণি
नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि नैनं दहति पावकः ।
Read & Chant →ণমোকার মন্ত্র
णमो अरिहंताणं
Read & Chant →Narayanam Namaskritya
नारायणं नमस्कृत्य नरं चैव नरोत्तमम् ।
Read & Chant →Nasadiya Suktam (Hymn of Creation)
नासदासीन्नो सदासीत्तदानीं नासीद्रजो नो व्योमा परो यत्।
Read & Chant →Nataraja Stotram (Patanjali)
सदञ्चितमुदञ्चितनिकुञ्चितपदं झलझलं चलितमञ्जुकटकं
Read & Chant →Nayam Atma Pravachanena Labhyo (The Self Is Not Attained by Learning)
नायमात्मा प्रवचनेन लभ्यो न मेधया न बहुना श्रुतेन ।
Read & Chant →Nigama Kalpataror Galitam Phalam (The Ripened Fruit of the Vedas)
निगमकल्पतरोर्गलितं फलं
Read & Chant →Nindantu Niti-Nipunah
निन्दन्तु नीतिनिपुणा यदि वा स्तुवन्तु
Read & Chant →নির্বাণ ষট্কম্ (আত্ম ষট্কম্)
मनोबुद्ध्यहंकारचित्तानि नाहं
Read & Chant →ওঁ পূর্ণমদঃ পূর্ণমিদম্
ॐ पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात्पूर्णमुदच्यते।
Read & Chant →ওঁ সহ নাববতু (শান্তি মন্ত্র)
ॐ सह नाववतु । सह नौ भुनक्तु ।
Read & Chant →Paropadeshe Panditeyam
परोपदेशे पाण्डित्यं सर्वेषां सुकरं नृणाम्।
Read & Chant →Paropakaraya Satam Vibhutayah
पिबन्ति नद्यः स्वयमेव नाम्भः स्वयं न खादन्ति फलानि वृक्षाः।
Read & Chant →Pragya Vivardhana Karthikeya Stotram
श्रीगणेशाय नमः।
Read & Chant →প্রজ্ঞানং ব্রহ্ম (চেতনাই ব্রহ্ম)
प्रज्ञानं ब्रह्म ॥
Read & Chant →Prasnottara Ratna Malika
कः खलु नालङ्क्रियते दृष्टादृष्टार्थसाधनपटीयान्।
Read & Chant →Punarapi Jananam Punarapi Maranam
पुनरपि जननं पुनरपि मरणं पुनरपि जननीजठरे शयनम् ।
Read & Chant →Punar Vittam Punar Mitram
पुनर्वित्तं पुनर्मित्रं पुनर्भार्या पुनर्मही।
Read & Chant →পুরুষ সূক্তম্
हरिः ॐ सहस्रशीर्षा पुरुषः सहस्राक्षः सहस्रपात् ।
Read & Chant →Pustakastha Tu Ya Vidya (Knowledge in a Book Is of No Use)
पुस्तकस्था तु या विद्या परहस्तगतं धनम्।
Read & Chant →Rajarajeshwari Ashtakam
अम्बा शाम्भवि चन्द्रमौलिरबला अपर्णा उमा पार्वती
Read & Chant →Rama Ashtakam
भजे विशेषसुन्दरं समस्तपापखण्डनम्।
Read & Chant →Rupam Drishyam Lochanam Drik (Drig Drishya Viveka 1)
रूपं दृश्यं लोचनं दृक् तद् दृश्यं दृक् तु मानसम् ।
Read & Chant →Sa cha Vaishyas Tapas Tepe
मार्कण्डेय उवाच
Read & Chant →Sa Vai Pumsam Paro Dharmo (The Supreme Dharma)
स वै पुंसां परो धर्मो यतो भक्तिरधोक्षजे।
Read & Chant →Sahasa Vidadhita Na Kriyam
सहसा विदधीत न क्रियामविवेकः परमापदां पदम्।
Read & Chant →Sahitya Sangita Kala Vihinah
साहित्यसङ्गीतकलाविहीनः
Read & Chant →Samjnana Suktam (Sangacchadhvam)
ॐ सं गच्छध्वं सं वदध्वं सं वो मनांसि जानताम्।
Read & Chant →Sampurna Kumbho Na Karoti Shabdam
सम्पूर्णकुम्भो न करोति शब्दं
Read & Chant →সরস্বতী আরতি — ওঁ জয় সরস্বতী মাতা
ॐ जय सरस्वती माता, जय जय सरस्वती माता।
Read & Chant →সরস্বতী চালীসা
जनक जननि पद कमल रज, निज मस्तक पर धारि।
Read & Chant →Saraswati Dwadasanama Stotram
सरस्वतीं नमस्यामि वीणापुस्तकधारिणीम्।
Read & Chant →সরস্বতী গায়ত্রী মন্ত্র
ॐ सरस्वत्यै च विद्महे ब्रह्मपुत्र्यै च धीमहि ।
Read & Chant →Saraswati Kavacham
शृणु वत्स प्रवक्ष्यामि कवचं सर्वकामदम्।
Read & Chant →Saraswati Mahabhage (Saraswati Prarthana)
सरस्वति महाभागे विद्ये कमललोचने।
Read & Chant →সরস্বতী মন্ত্র
ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः ॥
Read & Chant →সরস্বতি নমস্তুভ্যং
सरस्वति नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणि।
Read & Chant →Saraswati Sahasranama Stotram
ध्यानम् ।
Read & Chant →Saraswati Suktam
ॐ अम्बितमे नदीतमे देवितमे सरस्वति।
Read & Chant →সরস্বতী বন্দনা
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता
Read & Chant →Sarpah Krurah Khalah Krurah
सर्पः क्रूरः खलः क्रूरः सर्पात्क्रूरतरः खलः।
Read & Chant →সর্বধর্মান্ পরিত্যজ্য (ভগবদ্গীতা 18.66)
सर्वधर्मान्परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज ।
Read & Chant →Sarvam Khalvidam Brahma (All This is Brahman)
सर्वं खल्विदं ब्रह्म तज्जलानिति शान्त उपासीत ।
Read & Chant →Sarvasya Buddhirupena — Narayani Namostute (Cosmic Forms of the Mother)
सर्वस्य बुद्धिरूपेण जनस्य हृदि संस्थिते ।
Read & Chant →Satsangatve Nissangatvam
सत्सङ्गत्वे निस्सङ्गत्वं निस्सङ्गत्वे निर्मोहत्वम् ।
Read & Chant →Satyam Bruyat Priyam Bruyat
सत्यं ब्रूयात् प्रियं ब्रूयात् न ब्रूयात् सत्यमप्रियम्।
Read & Chant →Satyam Jnanam Anantam Brahma (Brahman is Truth, Knowledge, Infinity)
सत्यं ज्ञानमनन्तं ब्रह्म ।
Read & Chant →Satyameva Jayate (Truth Alone Triumphs)
सत्यमेव जयते नानृतं सत्येन पन्था विततो देवयानः ।
Read & Chant →Sham No Mitrah Sham Varunah
ॐ शं नो मित्रः शं वरुणः। शं नो भवत्वर्यमा।
Read & Chant →Athato Bhakti-Jijnasa (Shandilya Bhakti Sutra 1)
अथातो भक्तिजिज्ञासा ॥ १ ॥
Read & Chant →Shanmukha Gayatri Mantra (Kartikeya Gayatri)
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे
Read & Chant →Shanmukha Stotram (Shadananam Kumkuma Raktavarnam)
षडाननं कुङ्कुमरक्तवर्णं
Read & Chant →Sharada Bhujangam
सुवक्षोजकुम्भां सुधापूर्णकुम्भां
Read & Chant →Sharada Stotram
नमस्ते शारदे देवि काश्मीरपुरवासिनि।
Read & Chant →Shatesu Jayate Shurah
शतेषु जायते शूरः सहस्रेषु च पण्डितः।
Read & Chant →Sri Shikshashtakam
चेतोदर्पणमार्जनं भवमहादावाग्निनिर्वापणं
Read & Chant →Shiva Bhujanga Prayata Stotram
कृपासागरायाशुकाव्यप्रदाय
Read & Chant →শিব গায়ত্রী মন্ত্র (রুদ্র গায়ত্রী)
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि ।
Read & Chant →Shiva Pratah Smarana Stotram
प्रातः स्मरामि भवभीतिहरं सुरेशं
Read & Chant →Shiva Sankalpa Suktam
यज्जाग्रतो दूरमुदैति दैवं तदु सुप्तस्य तथैवैति।
Read & Chant →Shivananda Lahari
कलाभ्यां चूडालंकृतशशिकलाभ्यां निजतपः-
Read & Chant →Shraddhavan Labhate Jnanam (Bhagavad Gita 4.39)
श्रद्धावाँल्लभते ज्ञानं तत्परः संयतेन्द्रियः।
Read & Chant →Shreyan Svadharmo Vigunah (Bhagavad Gita 3.35)
श्रेयान्स्वधर्मो विगुणः परधर्मात्स्वनुष्ठितात्।
Read & Chant →Ramcharitmanas Balkand Mangalacharan
वर्णानामर्थसंघानां रसानां छन्दसामपि।
Read & Chant →শ্রী যন্ত্র মন্ত্র (ষোড়শী মন্ত্র)
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं
Read & Chant →Shrotram Shrutenaiva Na Kundalena
श्रोत्रं श्रुतेनैव न कुण्डलेन
Read & Chant →Shyamala Navaratnamalika
ओङ्कारपञ्जरशुकीमुपनिषदुद्यानकेलिकलकण्ठीम् ।
Read & Chant →Sindhuraruna Vigraham (Lalita Sahasranama Dhyana)
सिन्दूरारुण विग्रहां त्रिनयनां माणिक्यमौलि स्फुरत्
Read & Chant →Slokardhena Pravakshyami
श्लोकार्धेन प्रवक्ष्यामि यदुक्तं ग्रन्थकोटिभिः।
Read & Chant →Soundarya Lahari Verse 2 — Taniyamsam Pamsum
तनीयांसं पांसुं तव चरणपङ्केरुहभवं
Read & Chant →Soundarya Lahari Verse 22 — Bhavani Tvam Dase Mayi
भवानि त्वं दासे मयि वितर दृष्टिं सकरुणा-
Read & Chant →Soundarya Lahari Verse 27 — Japo Jalpah Shilpam
जपो जल्पः शिल्पं सकलमपि मुद्राविरचना
Read & Chant →Soundarya Lahari Verse 3 — Avidyanam Antah
अविद्यानामन्त-स्तिमिर-मिहिरद्वीपनगरी
Read & Chant →Soundarya Lahari Verse 35 — Manas Tvam Vyoma Tvam
मनस्त्वं व्योम त्वं मरुदसि मरुत्सारथिरसि
Read & Chant →Soundarya Lahari Verse 8 — Sudhasindhor Madhye
सुधासिन्धोर्मध्ये सुरविटपिवाटीपरिवृते
Read & Chant →Soundarya Lahari Verse 99 — Sarasvatya Lakshmya
सरस्वत्या लक्ष्म्या विधिहरिसपत्नो विहरते
Read & Chant →Sraddha Suktam
श्रद्धया ग्निः समिध्यते श्रद्धया हूयते हविः ।
Read & Chant →Sri Mata Sri Maharajni (Lalita Sahasranama Opening)
ॐ श्रीमाता श्रीमहाराज्ञी श्रीमत्सिंहासनेश्वरी ।
Read & Chant →Subrahmanya Shodasanama Stotram
ज्ञानशक्तिधरः स्कन्दो देवसेनापतिस्तथा ।
Read & Chant →Subramanya Pancharatnam
षडाननं चन्दनलेपिताङ्गं
Read & Chant →Sukhasya Mulam Dharmah (The Root of Happiness)
सुखस्य मूलं धर्मः।
Read & Chant →Sumukhashchaikadantashcha (Twelve Names of Ganesha)
सुमुखश्चैकदन्तश्च कपिलो गजकर्णकः।
Read & Chant →সূর্য গায়ত্রী মন্ত্র
ॐ भास्कराय विद्महे दिवाकराय धीमहि ।
Read & Chant →Shyamala Dandakam
ध्यानम्
Read & Chant →Tad Viddhi Pranipatena (Bhagavad Gita 4.34)
तद्विद्धि प्रणिपातेन परिप्रश्नेन सेवया।
Read & Chant →Tailad Rakshed Jalad Rakshed
तैलाद्रक्षेज्जलाद्रक्षेद्रक्षेच्छिथिलबन्धनात्।
Read & Chant →Tapobhih Ksina-Papanam (Atma Bodha 1)
तपोभिः क्षीणपापानां शान्तानां वीतरागिणाम् ।
Read & Chant →Tara Stotram (Tarashtakam / Nilasaraswati Stotram)
मातर्नीलसरस्वति प्रणमतां सौभाग्यसम्पत्प्रदे
Read & Chant →Tat Tvam Asi (That Thou Art)
स य एषोऽणिमैतदात्म्यमिदं सर्वम् ।
Read & Chant →Tato Vavre Nripo Rajyam
मार्कण्डेय उवाच
Read & Chant →Thiruppugazh — Muthai Tharu
முத்தைத் தரு பத்தித் திருநகை
Read & Chant →Thiruvasagam — Sivapuranam (Namachivaya Vaazhga)
நமச்சிவாய வாஅழ்க நாதன்தாள் வாழ்க
Read & Chant →Thiruvempavai (Opening Verse)
ஆதியும் அந்தமும் இல்லா அரும்பெருஞ்
Read & Chant →Tirukkural — Kadavul Vazhthu (In Praise of God)
அகர முதல எழுத்தெல்லாம் ஆதி
Read & Chant →Tripura Bhairavi Stotram (Dhyana)
उद्यद्भानुसहस्रकान्तिमरुणक्षौमां शिरोमालिकां
Read & Chant →Tripura Sundari Ashtakam
कदम्बवनचारिणीं मुनिकदम्बकादम्बिनीं
Read & Chant →Tvam Svaha Tvam Svadha (Brahma's Stuti to Yoganidra)
ब्रह्मोवाच
Read & Chant →Endaro Mahanubhavulu (Tyagaraja Pancharatna)
ఎందరో మహానుభావులు అందరికీ వందనములు
Read & Chant →Tyaja Durjana Samsargam
त्यज दुर्जनसंसर्गं भज साधुसमागमम्।
Read & Chant →Tyajed Ekam Kulasyarthe (Sacrifice the One for the Many)
त्यजेदेकं कुलस्यार्थे ग्रामस्यार्थे कुलं त्यजेत्।
Read & Chant →Ayam Nijah Paro Veti (Vasudhaiva Kutumbakam)
अयं निजः परो वेति गणना लघुचेतसाम्।
Read & Chant →Uddhared Atmana Atmanam (Bhagavad Gita 6.5)
उद्धरेदात्मनाऽऽत्मानं नात्मानमवसादयेत्।
Read & Chant →Uttishthata Jagrata (Arise, Awake)
उत्तिष्ठत जाग्रत प्राप्य वरान्निबोधत ।
Read & Chant →Vadanti Tat Tattva-Vidah (Bhagavata 1.2.11)
वदन्ति तत् तत्त्वविदस्तत्त्वं यज्ज्ञानमद्वयम् ।
Read & Chant →Vaidehi Sahitam (Rama Pattabhisheka Dhyana)
वैदेहीसहितं सुरद्रुमतले हैमे महामण्डपे
Read & Chant →Vairagya Panchakam
क्षोणीकोणशतांशपालनकलद्दुर्वारगर्वानल-
Read & Chant →Vajradapi Kathorani (Harder Than Diamond, Softer Than a Flower)
वज्रादपि कठोराणि मृदूनि कुसुमादपि।
Read & Chant →Vane Rane Shatru-Jalagni-Madhye
वने रणे शत्रुजलाग्निमध्ये
Read & Chant →Varaha Stotram
चिदानन्दघनं शुद्धं विश्वमङ्गलकारकम् ।
Read & Chant →বাসাংসি জীর্ণানি (ভগবদ্গীতা ২.২২)
वासांसि जीर्णानि यथा विहाय नवानि गृह्णाति नरोऽपराणि ।
Read & Chant →Vatapi Ganapatim Bhaje
वातापि गणपतिं भजेऽहं
Read & Chant →Vedaham Etam Purusham Mahantam (I Have Known That Great Purusha)
वेदाहमेतं पुरुषं महान्तमादित्यवर्णं तमसः परस्तात् ।
Read & Chant →Vedavedye Pare Pumsi
वेदवेद्ये परे पुंसि जाते दशरथात्मजे ।
Read & Chant →Vidvan Eva Vijanati Vidvajjana Parishramam
विद्वानेव विजानाति विद्वज्जनपरिश्रमम्।
Read & Chant →Vidvattvam Cha Nripatvam Cha
विद्वत्त्वं च नृपत्वं च नैव तुल्यं कदाचन।
Read & Chant →Vidya Dadati Vinayam
विद्या ददाति विनयं विनयाद्याति पात्रताम्।
Read & Chant →Na Chora-haryam (Vidya-dhanam Sarva-dhana-pradhanam)
न चोरहार्यं न च राजहार्यं न भ्रातृभाज्यं न च भारकारि।
Read & Chant →Vidya Mitram Pravaseshu (The True Friends in Life)
विद्या मित्रं प्रवासेषु भार्या मित्रं गृहेषु च।
Read & Chant →Vidyah Samastas Tava Devi Bhedah
विद्याः समस्तास्तव देवि भेदाः
Read & Chant →Vidyasi Sa Bhagavati Parama
या मुक्तिहेतुरविचिन्त्यमहाव्रता त्वं
Read & Chant →Vinayagar Agaval (Opening)
சீதக் களபச் செந்தாமரைப் பூம்
Read & Chant →Vipadi Dhairyam Athabhyudaye Kshama
विपदि धैर्यमथाभ्युदये क्षमा
Read & Chant →বিষ্ণু গায়ত্রী মন্ত্র
ॐ नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि ।
Read & Chant →Vishnu Shatpadi
अविनयमपनय विष्णो दमय मनः शमय विषयमृगतृष्णाम् ।
Read & Chant →Vishvam Darpana Drishyamana (Dakshinamurti Stotram 1)
विश्वं दर्पणदृश्यमाननगरीतुल्यं निजान्तर्गतं
Read & Chant →Vrikshams Chhittva Pashun Hatva
वृक्षांश्छित्त्वा पशून् हत्वा कृत्वा रुधिरकर्दमम्।
Read & Chant →Vrishchikasya Visham Puchchhe (The Wicked Are Poison All Over)
वृश्चिकस्य विषं पुच्छं मक्षिकायाश्च मस्तके।
Read & Chant →Vritha Vrishtih Samudreshu
वृथा वृष्टिः समुद्रेषु वृथा तृप्तेषु भोजनम्।
Read & Chant →Vyasa Vandana (Vyasaya Vishnu Rupaya)
व्यासाय विष्णुरूपाय व्यासरूपाय विष्णवे।
Read & Chant →Yad Vacha Anabhyuditam (That Which Speech Cannot Express)
यद्वाचानभ्युदितं येन वागभ्युद्यते ।
Read & Chant →Yad Yad Acharati Shreshthah (Bhagavad Gita 3.21)
यद्यदाचरति श्रेष्ठस्तत्तदेवेतरो जनः।
Read & Chant →যদা যদা হি ধর্মস্য (ভগবদ্গীতা 4.7-8)
यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत ।
Read & Chant →Yadi Deham Prithak Kritya (Ashtavakra Gita 1.3)
यदि देहं पृथक् कृत्य चिति विश्राम्य तिष्ठसि।
Read & Chant →Yajna Shishtashinah Santo — Prasada Verse (Gita 3.13)
यज्ञशिष्टाशिनः सन्तो मुच्यन्ते सर्वकिल्बिषैः ।
Read & Chant →Yam Brahma Varunendra Rudra Marutah — Vishnu Dhyana Shloka
यं ब्रह्मा वरुणेन्द्ररुद्रमरुतः स्तुन्वन्ति दिव्यैः स्तवै-
Read & Chant →Yasya Na Vidya Na Tapo Na Danam
यस्य न विद्या न तपो न दानं ज्ञानं न शीलं न गुणो न धर्मः।
Read & Chant →Yasya Nasti Svayam Prajna
यस्य नास्ति स्वयं प्रज्ञा शास्त्रं तस्य करोति किम्।
Read & Chant →Yasya Putro Vashibhutah (Heaven Is Right Here)
यस्य पुत्रो वशीभूतो भार्या छन्दानुगामिनी।
Read & Chant →Yasyasti Vittam Sa Narah Kulinah
यस्यास्ति वित्तं स नरः कुलीनः
Read & Chant →Yat Karoshi Yad Ashnasi (Bhagavad Gita 9.27)
यत्करोषि यदश्नासि यज्जुहोषि ददासि यत्।
Read & Chant →Yat Labdhva Puman Siddho Bhavati (Narada Bhakti Sutra 4)
यल्लब्ध्वा पुमान् सिद्धो भवति अमृतो भवति तृप्तो भवति ॥
Read & Chant →Yatha Hyekena Chakrena
यथा ह्येकेन चक्रेण न रथस्य गतिर्भवेत्।
Read & Chant →Yato Vacho Nivartante (Whence Words Return)
यतो वाचो निवर्तन्ते अप्राप्य मनसा सह ।
Read & Chant →Yogasthah Kuru Karmani (Bhagavad Gita 2.48)
योगस्थः कुरु कर्माणि सङ्गं त्यक्त्वा धनञ्जय।
Read & Chant →Sa Tu Dirgha-Kala-Nairantarya (Yoga Sutra 1.14)
स तु दीर्घकालनैरन्तर्यसत्कारासेवितो दृढभूमिः ॥
Read & Chant →Yogash Chitta-Vritti-Nirodhah (Yoga Sutra 1.2)
योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः ॥ १.२ ॥
Read & Chant →Tada Drashtuh Svarupe Avasthanam (Yoga Sutra 1.3)
तदा द्रष्टुः स्वरूपेऽवस्थानम् ॥ १.३ ॥
Read & Chant →Maitri Karuna Mudita Upekshanam (Yoga Sutra 1.33)
मैत्रीकरुणामुदितोपेक्षाणां सुखदुःखपुण्यापुण्यविषयाणां भावनातश्चित्तप्रसादनम् ॥
Read & Chant →তপঃস্বাধ্যায়েশ্বরপ্রণিধানানি ক্রিয়াযোগঃ (যোগসূত্র ২.১)
तपःस्वाध्यायेश्वरप्रणिधानानि क्रियायोगः ॥
Read & Chant →Yama Niyama Asana (The Eight Limbs — Yoga Sutra 2.29)
यमनियमासनप्राणायामप्रत्याहारधारणाध्यानसमाधयोऽष्टावङ्गानि ॥
Read & Chant →Prayatna Shaithilya Ananta Samapattibhyam (Yoga Sutra 2.47)
प्रयत्नशैथिल्यानन्तसमापत्तिभ्याम् ॥ २.४७ ॥
Read & Chant →Yogah Karmasu Kaushalam (Bhagavad Gita 2.50)
बुद्धियुक्तो जहातीह उभे सुकृतदुष्कृते।
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