अच्युतम् केशवम्
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✦ अर्थ
अच्युतम् केशवम् भगवान कृष्ण/विष्णु के दिव्य नामों को गूँथने वाला अत्यंत सुंदर भजन है। इसकी प्रत्येक पंक्ति अच्युत, केशव, राम, नारायण, गोविंद जैसे नामों का स्मरण कराती है। यह मधुर भजन भक्ति का गहन भाव जगाता है और मंदिरों तथा सत्संगों में अत्यंत लोकप्रिय है।
उत्पत्ति और कथा
Traditional Sanskrit devotional literature · Unknown (ancient tradition) · Medieval period
अच्युतम् केशवम् एक नाम-संकीर्तन भजन है जो इस प्राचीन वैदिक सिद्धांत का अनुसरण करता है कि भक्ति-भाव से दिव्य नामों का स्मरण ही उपासना का सर्वोच्च रूप है। यह विशेष रूप से भक्ति आंदोलन (12वीं–17वीं शताब्दी) के माध्यम से प्रमुख हुआ, जब चैतन्य, मीराबाई और तुलसीदास जैसे संतों ने भक्ति-गायन को लोकप्रिय बनाया। यह भजन राम और कृष्ण दोनों परंपराओं के नामों को क्रमबद्ध रूप से गूँथकर वैष्णव धर्म को एकाकार करता है।
✦ शास्त्रों में वर्णित
विष्णु सहस्रनाम घोषित करता है कि विष्णु के एक नाम का स्मरण या उच्चारण मात्र अनेक जन्मों के संचित पापों को नष्ट कर देता है। बालक भक्त प्रह्लाद अग्नि में फेंके जाने, विष पिलाए जाने और हाथियों से कुचले जाने पर भी जीवित रहे — केवल इसलिए कि वे निरंतर विष्णु के नामों का जप करते थे। इस भजन के प्रत्येक नाम में वही रक्षक शक्ति निहित मानी जाती है।
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अच्युतम् केशवम् रामनारायणम् कृष्णदामोदरम् वासुदेवम् हरिम्। श्रीधरम् माधवम् गोपिकावल्लभम् जानकीनायकम् रामचन्द्रम् भजे॥
Achyutam Keshavam Rama Narayanam Krishna Damodaram Vasudevam Harim Shridharam Madhavam Gopika Vallabham Janaki Nayakam Ramachandram Bhaje
अर्थ:अच्युत, केशव, राम, नारायण, कृष्ण, दामोदर, वासुदेव, हरि, श्रीधर — इन दिव्य नामों वाले प्रभु का मैं भजन करता हूँ।
अच्युतम् केशवम् सत्यभामाधवम् माधवम् श्रीधरम् राधिकाराधितम्। इन्दिरामन्दिरम् चेतसा सुन्दरम् देवकीनन्दनम् नन्दजम् सन्दधे॥
Achyutam Keshavam Satyabhama Dhavam Madhavam Shridharam Radhika Radhitam Indira Mandiram Chetasa Sundaram Devaki Nandanam Nandajam Sandadhe
अर्थ:अच्युत, केशव, सत्यभामा के पति, माधव, श्रीधर, राधिका के आराध्य — उनका मैं ध्यान करता हूँ।
विष्णवे जिष्णवे शंखिने चक्रिणे रुक्मिणीरागिणे जानकीजानये। वल्लवीवल्लभाय अर्चिताय आत्मने कंसविध्वंसिने वंशिने ते नमः॥
Vishnave Jishnave Shankhine Chakrine Rukmini Ragine Janaki Jaanaye Vallavi Vallabhaya Architaya Atmane Kamsa Vidhvamsine Vanshine Te Namah
अर्थ:विष्णु, जिष्णु (विजयी), शंख-चक्रधारी, रुक्मिणी के प्रिय, जानकी के स्वामी (राम) को नमस्कार।
कृष्ण गोविन्द हे राम नारायण शेषशायी जनार्दन वासुदेव। देवकीनन्दन कंसमर्दन गोपबालक नन्दनन्दन कृष्ण॥
Krishna Govinda He Rama Narayana Shesha Shayi Janardana Vasudeva Devaki Nandana Kamsa Mardana Gopa Balaka Nanda Nandana Krishna
अर्थ:हे कृष्ण! गोविन्द! हे राम! हे नारायण! हे शेषशायी, जनार्दन, वासुदेव! (तुम्हें नमस्कार)।
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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अच्युतम् केशवम् पाठ के लाभ
एक ही भजन में विष्णु/कृष्ण के समस्त प्रमुख नाम और रूपों का आवाहन
गहन भक्ति-भाव जगाता है — मंदिरों और सत्संगों में अत्यधिक लोकप्रिय
प्रत्येक नाम विशिष्ट आध्यात्मिक शक्ति और अर्थ धारण करता है
गाने और याद रखने में सरल — सुंदर मधुर संरचना
यूट्यूब पर अरबों संयुक्त दृश्यों के साथ सहज उपलब्ध
दैनिक भक्ति-साधना के लिए आदर्श — छोटा फिर भी पूर्ण
अच्युतम् केशवम् जप विधि
यह भजन केवल पाठ करने के बजाय गाने के लिए है — इसका सौंदर्य इसकी मधुर लय में है। प्रत्येक पंक्ति कृष्ण/विष्णु के दिव्य नामों की सूची है, और प्रत्येक नाम को भक्ति से लेना ही प्रभावशाली उपासना मानी जाती है। किसी रिकॉर्डिंग के साथ गाकर धुन सीखें, फिर स्वतंत्र रूप से जपें। इसे पूजा, आरती या व्यक्तिगत भक्ति के समय गाया जा सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
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