शनिवार, शनिवार, 13 जून 2026
ज्येष्ठ · कृष्ण · New Delhi
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ॐ भूर्भुवः स्वः
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श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि।
पढ़ें और जपेंमहामृत्युंजय मंत्र
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
पढ़ें और जपेंॐ नमः शिवाय
ॐ नमः शिवाय
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण
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अच्युतम् केशवम्
अच्युतम् केशवम् रामनारायणम्
पढ़ें और जपेंअच्युताष्टकम्
अच्युताच्युत हरे परमात्मन् राम कृष्ण पुरुषोत्तम विष्णो ।
पढ़ें और जपेंआदित्य हृदय स्तोत्र
ततो युद्धपरिश्रान्तं समरे चिन्तया स्थितम् ।
पढ़ें और जपेंआञ्जनेय भुजङ्गम्
ॐ
पढ़ें और जपेंआञ्जनेय मङ्गलाष्टकम्
कपिश्रेष्ठाय शूराय सुग्रीवप्रियमन्त्रिणे ।
पढ़ें और जपेंश्री अन्नपूर्णा स्तोत्रम्
नित्यानन्दकरी वराभयकरी सौन्दर्यरत्नाकरी
पढ़ें और जपेंअर्धनारीश्वर स्तोत्रम्
श्रीगणेशाय नमः ॥
पढ़ें और जपेंअर्गला स्तोत्रम्
ॐ अस्य श्रीअर्गलास्तोत्रमन्त्रस्य विष्णुरृषिः,
पढ़ें और जपेंअसतो मा सद्गमय
ॐ असतो मा सद्गमय ।
पढ़ें और जपेंबजरंग बाण
निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करै सनमान।
पढ़ें और जपेंश्री बाँके बिहारी आरती
हे गिरिधर तेरी आरती गाऊँ, प्यारे आपको रिझाऊँ ।
पढ़ें और जपेंश्री भैरव चालीसा
श्री गणपति गुरु गौरी पद, प्रेम सहित धरि माथ ।
पढ़ें और जपेंभज गोविन्दम्
भज गोविन्दं भज गोविन्दं गोविन्दं भज मूढमते ।
पढ़ें और जपेंभवान्यष्टकम्
न तातो न माता न बन्धुर्न दाता न पुत्रो न पुत्री न भृत्यो न भर्ता ।
पढ़ें और जपेंबिल्वाष्टकम्
त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रियायुधम् ।
पढ़ें और जपेंश्री बृहस्पति देव आरती
ॐ जय बृहस्पति देवा ।
पढ़ें और जपेंबृहस्पति (गुरु) मंत्र
ॐ बृं बृहस्पतये नमः ॥
पढ़ें और जपेंबुध मंत्र
ॐ बुं बुधाय नमः ॥
पढ़ें और जपेंबुध स्तोत्रम्
अस्य श्रीबुधस्तोत्रमहामन्त्रस्य वसिष्ठ ऋषिः । अनुष्टुप्छन्दः ।
पढ़ें और जपेंचामुण्डा मंत्र एवं नवार्ण मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे॥
पढ़ें और जपेंचंद्र मंत्र
ॐ सों सोमाय नमः ॥
पढ़ें और जपेंचन्द्र स्तोत्रम्
नमश्चन्द्रमसे ॥
पढ़ें और जपेंचन्द्रमौलीश स्तोत्रम्
श्रीगणेशाय नमः ।
पढ़ें और जपेंचिन्मय लिङ्गाष्टकम्
(श्रीरुद्रकृतम्)
पढ़ें और जपेंदक्षिणामूर्ति स्तोत्रम्
मौनव्याख्याप्रकटितपरब्रह्मतत्त्वं युवानं
पढ़ें और जपेंदक्षिणामूर्ति अष्टकम्
अगणितगुणगणमप्रमेमाद्यं
पढ़ें और जपेंदक्षिणामूर्ति अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ ओङ्कारोद्यानकोकिलाय नमः
पढ़ें और जपेंदामोदराष्टकम्
दामोदराय कृष्णाय करे वंशीधराय च ।
पढ़ें और जपेंदारिद्र्य दहन शिव स्तोत्रम्
विश्वेश्वराय नरकार्णवतारणाय
पढ़ें और जपेंदशश्लोकी (निर्वाण दशकम्)
ॐ तत् सत्।
पढ़ें और जपेंदशावतार स्तोत्रम्
नमोऽस्तु नारायणमन्दिराय नमोऽस्तु हारायणकन्धराय ।
पढ़ें और जपेंदशरथ कृत शनि स्तोत्र
राजा दशरथः स्तोत्रं सौरेरिदमथाकरोत्॥
पढ़ें और जपेंदेवी अपराध क्षमापन स्तोत्रम्
श्रीगणेशाय नमः ।
पढ़ें और जपेंधन्वन्तरि अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ धन्वन्तरये नमः
पढ़ें और जपेंधन्वंतरि मंत्र
ॐ नमो भगवते धन्वन्तरये ।
पढ़ें और जपेंदुर्गा आरती — जय अम्बे गौरी
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।
पढ़ें और जपेंदुर्गा अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ दुर्गायै नमः
पढ़ें और जपेंदुर्गा चालीसा
नमो नमो दुर्गे सुख करनी । नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी ॥
पढ़ें और जपेंदुर्गा गायत्री मंत्र
ॐ कात्यायन्यै च विद्महे कन्याकुमार्यै च धीमहि ।
पढ़ें और जपेंदुर्गा कवच
ॐ अस्य श्री चण्डी कवचस्य ब्रह्मा ऋषिः।
पढ़ें और जपेंदुर्गा मंत्र
ॐ दुं दुर्गायै नमः ॥
पढ़ें और जपेंदुर्गा सूक्तम्
ॐ जातवेदसे सुनवाम सोममरातीयतो निदहाति वेदः ।
पढ़ें और जपेंद्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र
सौराष्ट्रे सोमनाथं च श्रीशैले मल्लिकार्जुनम्।
पढ़ें और जपेंएकश्लोकी
किं ज्योतिस्तवभानुमानहनि मे रात्रौ प्रदीपादिकं
पढ़ें और जपेंसुखकर्ता दुखहर्ता — गणेश आरती
सुखकर्ता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची।
पढ़ें और जपेंगणेश चालीसा
जय गणपति सदगुण सदन, कविवर बदन कृपाल । विघ्न हरण मंगल करण, जय जय गिरिजालाल ॥
पढ़ें और जपेंगणेश गायत्री मंत्र
ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि ।
पढ़ें और जपेंगणेश मंत्र
ॐ गं गणपतये नमः
पढ़ें और जपेंगणेश पञ्चरत्नम्
मुदाकरात्तमोदकं सदा विमुक्तिसाधकं
पढ़ें और जपेंगणेश (विघ्नेश्वर) अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ विनायकाय नमः
पढ़ें और जपेंगणेश पञ्चचामर स्तोत्रम्
श्रीगणेशाय नमः ।
पढ़ें और जपेंश्री गणेश पञ्चरत्नम्
मुदा करात्त मोदकं सदा विमुक्ति साधकं ।
पढ़ें और जपेंश्री गंगा आरती
नमामि गंगे तव पादपंकजम् सुरासुरैः वन्दित दिव्यरूपम् ।
पढ़ें और जपेंश्री गंगा चालीसा
जय जय जय जग पावनी जयति देवसरि गंग ।
पढ़ें और जपेंगंगा स्तोत्र
देवि सुरेश्वरि भगवति गङ्गे त्रिभुवनतारिणि तरलतरङ्गे।
पढ़ें और जपेंगणपति अथर्वशीर्ष
॥ शान्ति पाठ ॥
पढ़ें और जपेंगायत्री अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ तरुणादित्यसङ्काशायै नमः
पढ़ें और जपेंश्री गायत्री चालीसा
ह्रीं श्रीं क्लीं मेधा प्रभा जीवन ज्योति प्रचंड ॥
पढ़ें और जपेंगोविंद नामालु
श्री श्रीनिवासा गोविंदा
पढ़ें और जपेंगोविन्दाष्टकम्
श्री गणेशाय नमः ॥
पढ़ें और जपेंगुरु वंदना
गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः
पढ़ें और जपेंहनुमान आरती
आरती कीजै हनुमान लला की।
पढ़ें और जपेंहनुमान अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ अञ्जनीगर्भसम्भूताय नमः
पढ़ें और जपेंहनुमान बाहुक
सिंधु तरन, सिय-सोच हरन, रबि बाल बरन तनु ।
पढ़ें और जपेंहनुमान द्वादशनाम स्तोत्र
हनुमानञ्जनासूनुर्वायुपुत्रो महाबलः।
पढ़ें और जपेंहनुमान गायत्री मंत्र
ॐ आञ्जनेयाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि।
पढ़ें और जपेंहनुमान मंत्र
ॐ हं हनुमते नमः ॥
पढ़ें और जपेंहनुमत् पञ्चरत्नम्
(भगवत्पादानां रामभुजङ्गतः)
पढ़ें और जपेंहरि स्तोत्रम्
जगज्जालपालं चलत्कण्ठमालं
पढ़ें और जपेंहयग्रीव अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ हयग्रीवाय नमः
पढ़ें और जपेंजगन्नाथाष्टकम्
कदाचित्कालिन्दीतटविपिनसङ्गीतकरवो कवरो
पढ़ें और जपेंजय गणेश देवा आरती
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।
पढ़ें और जपेंश्री काल भैरव आरती
जय भैरव देवा प्रभु जय भैरव देवा ।
पढ़ें और जपेंकाल भैरव अष्टकम्
देवराजसेव्यमानपावनाङ्घ्रिपङ्कजं
पढ़ें और जपेंकालभैरव अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ श्रीगणेशाय नमः
पढ़ें और जपेंश्री काली चालीसा
जयकाली कलिमलहरण, महिमा अगम अपार ।
पढ़ें और जपेंकालिका अष्टकम्
ध्यानम् ।
पढ़ें और जपेंकनकधारा स्तोत्रम्
वन्दे वन्दारुमन्दारमिन्दिरानन्दकन्दलम् ।
पढ़ें और जपेंகந்த சஷ்டி கவசம்
காப்பு
पढ़ें और जपेंकर्मण्येवाधिकारस्ते
कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन ।
पढ़ें और जपेंकर्पूरगौरं करुणावतारम्
कर्पूरगौरं करुणावतारं
पढ़ें और जपेंकाशी पञ्चकम्
मनोनिवृत्तिः परमोपशान्तिः
पढ़ें और जपेंकात्यायनी मंत्र
ॐ कात्यायन्यै नमः ॥
पढ़ें और जपेंकीलकम्
ॐ अस्य श्रीकीलकमन्त्रस्य शिवऋषिः, अनुष्टुप् छन्दः,
पढ़ें और जपेंकेतु मंत्र
ॐ कें केतवे नमः ॥
पढ़ें और जपेंश्री खाटू श्याम आरती
ॐ जय श्री श्याम हरे बाबा जय श्री श्याम हरे ।
पढ़ें और जपेंखाटू श्याम चालीसा
श्री गुरु चरण ध्यान धर,सुमिरि सच्चिदानन्द।
पढ़ें और जपेंआरती कुंजबिहारी की
आरती कुंजबिहारी की।
पढ़ें और जपेंकृष्ण चालीसा
बंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम।
पढ़ें और जपेंकृष्ण गायत्री मंत्र
ॐ देवकीनन्दनाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि ।
पढ़ें और जपेंकृष्ण मंत्र
ॐ क्लीं कृष्णाय नमः ॥
पढ़ें और जपेंकृष्णाष्टकम्
वसुदेवसुतं देवं कंसचाणूरमर्दनम् ।
पढ़ें और जपेंकुबेर मंत्र
ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय
पढ़ें और जपेंॐ जय लक्ष्मी माता आरती
ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
पढ़ें और जपेंलक्ष्मी अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ ब्रह्मज्ञायै नमः
पढ़ें और जपेंलक्ष्मी चालीसा
मातु लक्ष्मी करि कृपा, करो हृदय में वास।
पढ़ें और जपेंलक्ष्मी गायत्री मंत्र
ॐ महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णुपत्न्यै च धीमहि ।
पढ़ें और जपेंलक्ष्मी मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं
पढ़ें और जपेंलक्ष्मीनृसिंह अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ श्रीनृसिंहाय नमः
पढ़ें और जपेंलक्ष्मीनृसिंह करावलम्ब स्तोत्र
श्रीमत्पयोनिधिनिकेतन चक्रपाणे
पढ़ें और जपेंललिता अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ श्रीकामेश्वर्यै नमः
पढ़ें और जपेंललिता सहस्रनाम
॥ ध्यानम् ॥
पढ़ें और जपेंलिंगाष्टकम्
ब्रह्ममुरारिसुरार्चितलिङ्गं
पढ़ें और जपेंमधुराष्टकम्
अधरं मधुरं वदनं मधुरं नयनं मधुरं हसितं मधुरम् ।
पढ़ें और जपेंमहालक्ष्मी अष्टकम्
नमस्तेऽस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते।
पढ़ें और जपेंमहालक्ष्मी अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ शुद्धलक्ष्म्यै नमः
पढ़ें और जपेंमहालिङ्गाष्टकम्
महालिङ्गं महादेवं महेश्वरमुमापतिम् ।
पढ़ें और जपेंमहिषासुर मर्दिनी स्तोत्रम्
अयि गिरिनन्दिनि नन्दितमेदिनि विश्वविनोदिनि नन्दनुते
पढ़ें और जपेंमंगल मंत्र
ॐ अं अङ्गारकाय नमः ॥
पढ़ें और जपेंमन्त्र पुष्पम्
ॐ यो ऽपां पुष्पं वेद
पढ़ें और जपेंमार्कण्डेय शिवाष्टकम्
सदा गोदावर्यास्तटनिकटवासं पशुपतिं
पढ़ें और जपेंमीनाक्षी स्तोत्रम्
गौरीं काञ्चनपद्मिनीतटगृहां श्रीसुन्दरेशप्रियां
पढ़ें और जपेंमूल मंत्र
ੴ ਸਤਿ ਨਾਮੁ
पढ़ें और जपेंनैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि
नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि नैनं दहति पावकः ।
पढ़ें और जपेंनमः शिवाष्टकम्
संसारदावानलशामकाय
पढ़ें और जपेंणमोकार मंत्र
णमो अरिहंताणं
पढ़ें और जपेंनृसिंह कवचम्
नृसिंहकवचं वक्ष्ये प्रह्लादेनोदितं पुरा ।
पढ़ें और जपेंनारायण सूक्तम्
ॐ सह नाववतु। सह नौ भुनक्तु। सह वीर्यं करवावहै।
पढ़ें और जपेंनवग्रह अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ भानवे नमः
पढ़ें और जपेंनवग्रह मंत्र
ॐ सूर्याय नमः
पढ़ें और जपेंनवग्रह पीडाहर स्तोत्रम्
ग्रहाणामादिरादित्यो लोकरक्षणकारकः ।
पढ़ें और जपेंश्री नवग्रह स्तोत्रम्
जपाकुसुमसङ्काशं काश्यपेयं महाद्युतिम् ।
पढ़ें और जपेंश्री नवग्रह चालीसा
श्री गणपति गुरुपद कमल प्रेम सहित सिरनाय ।
पढ़ें और जपेंनिर्वाण मञ्जरी
अहं नामरो नैव मर्त्यो न दैत्यो
पढ़ें और जपेंनिर्वाण षट्कम् (आत्म षट्कम्)
मनोबुद्ध्यहंकारचित्तानि नाहं
पढ़ें और जपेंॐ जय जगदीश हरे आरती
ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे।
पढ़ें और जपेंॐ जय शिव ओमकारा आरती
ॐ जय शिव ओमकारा, स्वामी जय शिव ओमकारा।
पढ़ें और जपेंॐ मणि पद्मे हूं
ॐ मणि पद्मे हूं
पढ़ें और जपेंॐ नमो भगवते वासुदेवाय
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
पढ़ें और जपेंॐ सह नाववतु
ॐ सह नाववतु । सह नौ भुनक्तु ।
पढ़ें और जपेंपञ्चमुखी हनुमान कवच
ॐ श्री पञ्चवदनायाञ्जनेयाय नमः । ॐ अस्य श्री
पढ़ें और जपेंपंचमुखी हनुमान
ॐ श्री पञ्चवदनाय पञ्चमुख हनुमते नमः ।
पढ़ें और जपेंपाण्डुरङ्ग (विठ्ठल) अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ क्लीम् नमः
पढ़ें और जपेंपाण्डुरङ्गाष्टकम्
ॐ श्री ।
पढ़ें और जपेंपरशुराम अष्टकम्
शुभ्रदेहं सदा क्रोधरक्तेक्षणम्
पढ़ें और जपेंपार्वती अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ महेश्वर्यै नमः
पढ़ें और जपेंपवनज अष्टकम्
भवभयापहं भारतीपतिं भजकसौख्यदं भानुदीधितिम् ।
पढ़ें और जपेंपुरुष सूक्तम्
हरिः ॐ सहस्रशीर्षा पुरुषः सहस्राक्षः सहस्रपात् ।
पढ़ें और जपेंश्री राधा चालीसा
श्री राधे वृषभानुजा, भक्तनि प्राणाधार।
पढ़ें और जपेंराहु मंत्र
ॐ रां राहवे नमः ॥
पढ़ें और जपेंराम चालीसा
श्री रघुबीर भक्त हितकारी।
पढ़ें और जपेंराम मंत्र
ॐ श्री रामाय नमः ॥
पढ़ें और जपेंराम रक्षा स्तोत्र
॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥
पढ़ें और जपेंश्री रामचन्द्र कृपालु भजमन
श्री रामचन्द्र कृपालु भजमन
पढ़ें और जपेंराम अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ श्रीमत्सूर्यकुलाम्भोधिवर्धनीयकलानिधये नमः
पढ़ें और जपेंरामलिङ्गाष्टकम्
वेदवृन्दवन्दितं वरेण्यरूपसुन्दरं
पढ़ें और जपेंरङ्गनाथाष्टकम्
आनन्दरूपे निजबोधरूपे ब्रह्मस्वरूपे श्रुतिमूर्तिरूपे ।
पढ़ें और जपेंरङ्गनाथ अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ श्रीरङ्गशायिने नमः
पढ़ें और जपेंशिव रुद्राष्टकम्
नमामीशमीशान निर्वाणरूपं
पढ़ें और जपेंसदाशिव अष्टकम्
नन्दिस्कन्धविराजितं गिरिजापतिं सुरसुन्दरं
पढ़ें और जपेंसाधन पञ्चकम्
वेदो नित्यमधीयतां तदुदितं कर्म स्वनुष्ठीयतां
पढ़ें और जपेंआरती साईं बाबा
आरती साईं बाबा, सौख्यदातारा जीवा।
पढ़ें और जपेंश्री साईं चालीसा
पहले साईं के चरणों में, अपना शीश नमाऊं मैं।
पढ़ें और जपेंसंकट मोचन हनुमानाष्टक
बालपना सों हनुमंत अति खेलें।
पढ़ें और जपेंसंकटनाशन गणेश स्तोत्र
प्रणम्य शिरसा देवं गौरीपुत्रं विनायकम् ।
पढ़ें और जपेंसंतान गोपाल मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं देवकीसुताय नमः ॥
पढ़ें और जपेंसंतोषी माता आरती
जय संतोषी माता जय संतोषी माता।
पढ़ें और जपेंसन्तोषी माता चालीसा
बन्दौं सन्तोषी चरण रिद्धि-सिद्धि दातार।
पढ़ें और जपेंसरस्वती आरती — ॐ जय सरस्वती माता
ॐ जय सरस्वती माता, जय जय सरस्वती माता।
पढ़ें और जपेंसरस्वती अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ सरस्वत्यै नमः
पढ़ें और जपेंसरस्वती चालीसा
जनक जननि पद कमल रज, निज मस्तक पर धारि।
पढ़ें और जपेंसरस्वती गायत्री मंत्र
ॐ सरस्वत्यै च विद्महे ब्रह्मपुत्र्यै च धीमहि ।
पढ़ें और जपेंसरस्वती मंत्र
ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः ॥
पढ़ें और जपेंसरस्वती वंदना
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता
पढ़ें और जपेंसर्वधर्मान्परित्यज्य
सर्वधर्मान्परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज ।
पढ़ें और जपेंसर्वे भवन्तु सुखिनः
सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः ।
पढ़ें और जपेंशनि चालीसा
जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल करण कृपाल ।
पढ़ें और जपेंश्री शनिदेव आरती
जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी ।
पढ़ें और जपेंशनि मन्त्र
ॐ शं शनैश्चराय नमः ॥
पढ़ें और जपेंशनि वज्र पञ्जर कवचम्
श्री गणेशाय नमः ॥
पढ़ें और जपेंषण्मुख भुजङ्गम्
श्रीजगद्गुरु शृङ्गेरी
पढ़ें और जपेंषण्मुख पञ्चरत्नम्
ॐ श्रीगणेशाय नमः ।
पढ़ें और जपेंषण्मुख षट्पदी स्तोत्रम्
श्रीमयूराचलक्षेत्रे - (कुन्नक्कुड्यपरनामके)
पढ़ें और जपेंशान्ताकारं भुजगशयनं
शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं
पढ़ें और जपेंशांति मंत्र
ॐ सह नाववतु ।
पढ़ें और जपेंश्री शीतला माता आरती
मैया जय शीतला माता ।
पढ़ें और जपेंशिव चालीसा
॥ दोहा ॥
पढ़ें और जपेंशिव महिम्न स्तोत्र
महिम्नः पारं ते परमविदुषो यद्यसदृशी
पढ़ें और जपेंशिव पञ्चाक्षर स्तोत्र
नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय
पढ़ें और जपेंशिव सहस्रनाम
ध्यायेन्नित्यं महेशं रजतगिरिनिभं चारुचन्द्रावतंसं
पढ़ें और जपेंशिव अपराध क्षमापन स्तोत्रम्
जय शङ्कर पार्वतीपते कृपया पाहि परेश सत्पते ।
पढ़ें और जपेंशिव गायत्री मंत्र
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि ।
पढ़ें और जपेंशिव मानस पूजा
रत्नैः कल्पितमासनं हिमजलैः स्नानं च दिव्याम्बरं नानारत्नविभूषितं मृगमदामोदाङ्कितं चन्दनम्।
पढ़ें और जपेंशिव तांडव स्तोत्रम्
जटाटवी गलज्जल प्रवाह पावितस्थले
पढ़ें और जपेंशिवाष्टकम् (व्यास)
व्यास उवाच ।
पढ़ें और जपेंश्री रामचन्द्र कृपालु
श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन हरण भवभय दारुणम् ।
पढ़ें और जपेंश्री यन्त्र मंत्र (षोडशी मंत्र)
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं
पढ़ें और जपेंशुक्र मंत्र
ॐ शुं शुक्राय नमः ॥
पढ़ें और जपेंशुक्र स्तोत्र
ॐ अश्वध्वजाय विद्महे धनुर्हस्ताय धीमहि ।
पढ़ें और जपेंसिद्ध कुञ्जिका स्तोत्रम्
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे।
पढ़ें और जपेंश्री सीता आरती
आरती श्री जनकदुलारी की ।
पढ़ें और जपेंसीता अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ सीतायै नमः
पढ़ें और जपेंसौन्दर्यलहरी
शिवः शक्त्या युक्तो यदि भवति शक्तः प्रभवितुं
पढ़ें और जपेंश्री सूक्तम्
हिरण्यवर्णां हरिणीं सुवर्णरजतस्रजाम् ।
पढ़ें और जपेंसुब्रह्मण्याष्टकम् (करावलम्ब स्तोत्र)
हे स्वामिनाथ करुणाकर दीनबन्धो
पढ़ें और जपेंसुब्रह्मण्य (षण्मुख) अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ श्रीगणेशाय नमः
पढ़ें और जपेंसुब्रह्मण्य भुजङ्गम्
सदा बालरूपाऽपि विघ्नाद्रिहन्त्री
पढ़ें और जपेंसुखकर्ता दुःखहर्ता आरती
सुखकर्ता दुःखहर्ता वार्ता विघ्नाची ।
पढ़ें और जपेंश्री सूर्य देव आरती
ॐ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान ।
पढ़ें और जपेंसूर्य अष्टकम्
॥ श्री गणेशाय नमः ॥
पढ़ें और जपेंसूर्य अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ सूर्याय नमः
पढ़ें और जपेंसूर्य चालीसा
कनक बदन कुण्डल मकर,मुक्ता माला अङ्ग।
पढ़ें और जपेंसूर्य गायत्री मंत्र
ॐ भास्कराय विद्महे दिवाकराय धीमहि ।
पढ़ें और जपेंसूर्य मंत्र
ॐ घृणिः सूर्याय नमः ॥
पढ़ें और जपेंसूर्य नमस्कार मंत्र
ॐ मित्राय नमः
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विदिताखिलशास्त्रसुधाजलधे महितोपनिषत् कथितार्थनिधे ।
पढ़ें और जपेंत्रिपुरसुन्दरी स्तोत्रम्
गणेशग्रहनक्षत्रयोगिनीराशिरूपिणीम् ।
पढ़ें और जपेंश्री तुलसी आरती
मैया जय तुलसी माता ।
पढ़ें और जपेंत्वमेव माता च पिता त्वमेव
त्वमेव माता च पिता त्वमेव ।
पढ़ें और जपेंत्वमेव माता च पिता त्वमेव
त्वमेव माता च पिता त्वमेव
पढ़ें और जपेंश्री वैष्णो देवी आरती
जय वैष्णवी माता मैया जय वैष्णवी माता ।
पढ़ें और जपेंश्री वैष्णो देवी चालीसा
गरुड़ वाहिनी वैष्णवी त्रिकुटा पर्वत धाम ।
पढ़ें और जपेंवक्रतुण्ड महाकाय — गणेश श्लोक
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
पढ़ें और जपेंवासांसि जीर्णानि
वासांसि जीर्णानि यथा विहाय नवानि गृह्णाति नरोऽपराणि ।
पढ़ें और जपेंवेदसार शिव स्तोत्रम्
॥ श्रीः॥
पढ़ें और जपेंवेङ्कटेश अष्टकम्
श्रीवेङ्कटेशपदपङ्कज धूलिपङ्क्तिः
पढ़ें और जपेंवेङ्कटेश्वर अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ ओंकारपरमर्थाय नमः
पढ़ें और जपेंवेंकटेश्वर सुप्रभातम्
कौसल्या सुप्रजा राम पूर्वासंध्या प्रवर्तते ।
पढ़ें और जपेंविष्णु अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ हृषीकेशाय नमः
पढ़ें और जपेंविष्णु चालीसा
विष्णु सुनिए विनय, सेवक की चितलाय।
पढ़ें और जपेंविष्णु गायत्री मंत्र
ॐ नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि ।
पढ़ें और जपेंविष्णु मंत्र
ॐ नमो नारायणाय ॥
पढ़ें और जपेंविष्णु सहस्रनाम
शुक्लाम्बरधरं विष्णुं शशिवर्णं चतुर्भुजम् ।
पढ़ें और जपेंश्री विश्वकर्मा आरती
जय श्री विश्वकर्मा ।
पढ़ें और जपेंविश्वनाथ अष्टकम्
आदिशम्भु-स्वरूप-मुनिवर-चन्द्रशीश-जटाधरं
पढ़ें और जपेंया देवी सर्वभूतेषु (तन्त्रोक्त देवीसूक्तम्)
देवा ऊचुः
पढ़ें और जपेंयदा यदा हि धर्मस्य
यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत ।
पढ़ें और जपेंयति पञ्चकम् (कौपीन पञ्चकम्)
वेदान्तवाक्येषु सदा रमन्तो
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असतो मा सद्गमय ।
तमसो मा ज्योतिर्गमय ।
मृत्योर्मा अमृतं गमय ॥
असत्य से सत्य की ओर, अंधकार से प्रकाश की ओर, मृत्यु से अमरता की ओर ले चलो