सफलता और करियर के मंत्र
Empowering mantras for career success, achievements and goals.
These mantras invoke Lord Ganesha, the remover of obstacles, and other deities of success to clear hurdles from your path and bring achievement in career, exams, business and new ventures. Chanted before any important undertaking, they build confidence, focus and auspicious momentum. Each mantra below includes full Sanskrit lyrics, transliteration, meaning and a chanting guide.
190 mantras available in this collection
आलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्थो महान् रिपुः
आलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्थो महान् रिपुः।
पढ़ें और जपें →आपदर्थे धनं रक्षेत्
आपदर्थे धनं रक्षेद् दारान् रक्षेद् धनैरपि।
पढ़ें और जपें →आपत्सु मित्रं जानीयात्
आपत्सु मित्रं जानीयाद्युद्धे शूरमृणे शुचिम्।
पढ़ें और जपें →आदित्य हृदय स्तोत्र
ततो युद्धपरिश्रान्तं समरे चिन्तया स्थितम् ।
पढ़ें और जपें →आदित्यहृदयं पुण्यम्
आदित्यहृदयं पुण्यं सर्वशत्रुविनाशनम् ।
पढ़ें और जपें →अग्नि गायत्री मंत्र
ॐ वैश्वानराय विद्महे लालीलाय धीमहि ।
पढ़ें और जपें →अग्नि सूक्तम् (अग्निमीळे)
ॐ अग्निमीळे पुरोहितं यज्ञस्य देवमृत्विजम्।
पढ़ें और जपें →अल्पाक्षरमसन्दिग्धम्
अल्पाक्षरमसन्दिग्धं सारवद् विश्वतोमुखम्।
पढ़ें और जपें →अङ्गारक स्तोत्रम्
अस्य श्री अङ्गारकस्तोत्रस्य ।
पढ़ें और जपें →आपदामपहर्तारम् (आपदामपहर्तारं श्लोक)
आपदामपहर्तारं दातारं सर्वसम्पदाम्।
पढ़ें और जपें →आराधिता सैव नृणाम् (देवी की शरण — फल-श्लोक)
ऋषिरुवाच
पढ़ें और जपें →अर्गला स्तोत्रम्
ॐ अस्य श्रीअर्गलास्तोत्रमन्त्रस्य विष्णुरृषिः,
पढ़ें और जपें →अर्जुनकृत दुर्गा स्तोत्रम्
नमस्ते सिद्धसेनानि आर्ये मन्दरवासिनि।
पढ़ें और जपें →अष्टलक्ष्मी स्तोत्रम्
॥ आदिलक्ष्मी ॥
पढ़ें और जपें →अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता
अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता।
पढ़ें और जपें →बगलामुखी स्तोत्रम् (श्रीब्रह्मास्त्रमहाविद्याबगलामुखीस्तोत्रम्)
अथ ध्यानम् —
पढ़ें और जपें →बालात्रिपुरसुन्दरी ध्यान स्तोत्रम्
अरुणकिरणजालैः रञ्जिताशावकाशा
पढ़ें और जपें →श्रीमद्भगवद्गीता १०.३६ — द्यूतं छलयतामस्मि
द्यूतं छलयतामस्मि तेजस्तेजस्विनामहम्।
पढ़ें और जपें →श्रीमद्भगवद्गीता ११.३३ — तस्मात्त्वमुत्तिष्ठ
तस्मात्त्वमुत्तिष्ठ यशो लभस्व
पढ़ें और जपें →श्रीमद्भगवद्गीता १६.२४ — तस्माच्छास्त्रं प्रमाणं ते
तस्माच्छास्त्रं प्रमाणं ते कार्याकार्यव्यवस्थितौ।
पढ़ें और जपें →श्रीमद्भगवद्गीता १८.४६ — यतः प्रवृत्तिर्भूतानाम्
यतः प्रवृत्तिर्भूतानां येन सर्वमिदं ततम्।
पढ़ें और जपें →श्रीमद्भगवद्गीता २.४० — नेहाभिक्रमनाशोऽस्ति
नेहाभिक्रमनाशोऽस्ति प्रत्यवायो न विद्यते।
पढ़ें और जपें →श्रीमद्भगवद्गीता ३.१९ — तस्मादसक्तः सततम्
तस्मादसक्तः सततं कार्यं कर्म समाचर।
पढ़ें और जपें →श्रीमद्भगवद्गीता 6.46 — तपस्विभ्योऽधिको योगी
तपस्विभ्योऽधिको योगी ज्ञानिभ्योऽपि मतोऽधिकः।
पढ़ें और जपें →भाग्य सूक्तम्
प्रातरग्निं प्रातरिन्द्रं हवामहे प्रातर्मित्रावरुणा प्रातरश्विना ।
पढ़ें और जपें →ಭಾಗ್ಯದ ಲಕ್ಷ್ಮೀ ಬಾರಮ್ಮ
ಭಾಗ್ಯದ ಲಕ್ಷ್ಮೀ ಬಾರಮ್ಮ
पढ़ें और जपें →श्री भैरव चालीसा
श्री गणपति गुरु गौरी पद, प्रेम सहित धरि माथ ।
पढ़ें और जपें →भए प्रगट कृपाला
भए प्रगट कृपाला दीनदयाला कौसल्या हितकारी।
पढ़ें और जपें →श्रीभुवनेश्वर्यष्टकम् (भुवनेश्वरी स्तोत्रम्)
श्रीदेव्युवाच -
पढ़ें और जपें →ब्रह्मा गायत्री मंत्र
ॐ वेदात्मनाय विद्महे हिरण्यगर्भाय धीमहि ।
पढ़ें और जपें →ब्रह्मा मुरारिस्त्रिपुरान्तकारी — करदर्शनम्
ब्रह्मा मुरारिस्त्रिपुरान्तकारी
पढ़ें और जपें →श्री बृहस्पति देव आरती
ॐ जय बृहस्पति देवा ।
पढ़ें और जपें →बृहस्पति गायत्री मंत्र
ॐ वृषभध्वजाय विद्महे क्रुणिहस्ताय धीमहि ।
पढ़ें और जपें →बृहस्पतिकवचम्
॥ श्रीगणेशाय नमः ॥
पढ़ें और जपें →बृहस्पति (गुरु) मंत्र
ॐ बृं बृहस्पतये नमः ॥
पढ़ें और जपें →बुध मंत्र
ॐ बुं बुधाय नमः ॥
पढ़ें और जपें →बुध गायत्री मंत्र
ॐ गजध्वजाय विद्महे शुकहस्ताय धीमहि ।
पढ़ें और जपें →बुध कवचम्
श्रीगणेशाय नमः ।
पढ़ें और जपें →चन्द्रकवचम्
॥ श्रीगणेशाय नमः ॥
पढ़ें और जपें →चंद्र मंत्र
ॐ सों सोमाय नमः ॥
पढ़ें और जपें →दशरथ कृत शनि स्तोत्र
राजा दशरथः स्तोत्रं सौरेरिदमथाकरोत्॥
पढ़ें और जपें →देवी सूक्तम् (ऋग्वेदोक्त)
ॐ अहं रुद्रेभिर्वसुभिश्चराम्यहमादित्यैरुत विश्वदेवैः।
पढ़ें और जपें →श्री दुर्गाष्टकम्
कात्यायनि महामाये खड्गबाणधनुर्धरि।
पढ़ें और जपें →एकदन्तं महाकायं
एकदन्तं महाकायं लम्बोदरगजाननम् ।
पढ़ें और जपें →एकेनापि सुवृक्षेण
एकेनापि सुवृक्षेण पुष्पितेन सुगन्धिना।
पढ़ें और जपें →एष ब्रह्मा च विष्णुश्च
एष ब्रह्मा च विष्णुश्च शिवः स्कन्दः प्रजापतिः ।
पढ़ें और जपें →गं बीज मंत्र (ॐ गं गणपतये नमः)
ॐ गं
पढ़ें और जपें →गणपति सहस्रनाम स्तोत्रम्
मुनिरुवाच
पढ़ें और जपें →सुखकर्ता दुखहर्ता — गणेश आरती
सुखकर्ता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची।
पढ़ें और जपें →गणेश चालीसा
जय गणपति सदगुण सदन, कविवर बदन कृपाल । विघ्न हरण मंगल करण, जय जय गिरिजालाल ॥
पढ़ें और जपें →गणेश पञ्चरत्नम्
मुदाकरात्तमोदकं सदा विमुक्तिसाधकं
पढ़ें और जपें →गणेश कवचम्
एषोऽतिचपलो दैत्यान्बाल्येऽपि नाशयत्यहो।
पढ़ें और जपें →गणेश मङ्गलाष्टकम्
गजाननाय गाङ्गेयसहजाय सदात्मने ।
पढ़ें और जपें →गणपति अथर्वशीर्ष
॥ शान्ति पाठ ॥
पढ़ें और जपें →गर्ज गर्ज क्षणं मूढ (देवी की ललकार और महिषासुर-वध)
देव्युवाच
पढ़ें और जपें →गुणैरुत्तमतां याति
गुणैरुत्तमतां याति नोच्चैरासनसंस्थितः।
पढ़ें और जपें →श्री हनुमत् स्तोत्रम्
अक्षादिराक्षसहरं दशकण्ठदर्प-
पढ़ें और जपें →हयग्रीव स्तोत्रम् (हयग्रीव सम्पदा स्तोत्रम्)
ज्ञानानन्दमयं देवं निर्मलस्फटिकाकृतिम् ।
पढ़ें और जपें →ह्रीं बीज मंत्र
ॐ ह्रीं
पढ़ें और जपें →इन्द्रकृत लक्ष्मीस्तोत्रम्
ॐ नमः कमलवासिन्यै नारायण्यै नमो नमः।
पढ़ें और जपें →इति दत्त्वा तयोर्देवी
मार्कण्डेय उवाच
पढ़ें और जपें →जय गणेश देवा आरती
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।
पढ़ें और जपें →जयाय जयभद्राय
जयाय जयभद्राय हर्यश्वाय नमो नमः ।
पढ़ें और जपें →कः कालः कानि मित्राणि
कः कालः कानि मित्राणि को देशः कौ व्ययागमौ।
पढ़ें और जपें →श्री कामाख्या स्तोत्रम्
जय कामेशि चामुण्डे जय भूतापहारिणि।
पढ़ें और जपें →कमला स्तोत्रम् (ओंकाररूपिणी देवि)
ओंकाररूपिणी देवि विशुद्धसत्त्वरूपिणी।
पढ़ें और जपें →कर्मण्येवाधिकारस्ते
कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन ।
पढ़ें और जपें →कार्यसिद्धि हनुमान स्तोत्रम्
मनोजवं मारुततुल्यवेगं
पढ़ें और जपें →कायेन वाचा मनसेन्द्रियैर्वा
कायेन वाचा मनसेन्द्रियैर्वा
पढ़ें और जपें →कीलकम्
ॐ अस्य श्रीकीलकमन्त्रस्य शिवऋषिः, अनुष्टुप् छन्दः,
पढ़ें और जपें →केतु मंत्र
ॐ कें केतवे नमः ॥
पढ़ें और जपें →केयूराणि न भूषयन्ति पुरुषम्
केयूराणि न भूषयन्ति पुरुषं हारा न चन्द्रोज्ज्वलाः
पढ़ें और जपें →श्री खाटू श्याम आरती
ॐ जय श्री श्याम हरे बाबा जय श्री श्याम हरे ।
पढ़ें और जपें →खाटू श्याम चालीसा
श्री गुरु चरण ध्यान धर,सुमिरि सच्चिदानन्द।
पढ़ें और जपें →कृष्ण कृष्ण महायोगिन्
कृष्ण कृष्ण महायोगिन् भक्तानामभयङ्कर ।
पढ़ें और जपें →क्षणशः कणशश्चैव
क्षणशः कणशश्चैव विद्यामर्थं च साधयेत्।
पढ़ें और जपें →लक्ष्मीं क्षीरसमुद्रराजतनयाम् (महालक्ष्मी ध्यान)
लक्ष्मीं क्षीरसमुद्रराजतनयां श्रीरङ्गधामेश्वरीं
पढ़ें और जपें →कुबेर अष्टोत्तरशतनामावली
ॐ कुबेराय नमः
पढ़ें और जपें →लक्ष्मी चालीसा
मातु लक्ष्मी करि कृपा, करो हृदय में वास।
पढ़ें और जपें →लालयेत् पञ्च वर्षाणि
लालयेत् पञ्च वर्षाणि दश वर्षाणि ताडयेत्।
पढ़ें और जपें →महागणपति मूल मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं गं गणपतये
पढ़ें और जपें →महालक्ष्मी कवचम्
इन्द्र उवाच —
पढ़ें और जपें →श्री मल्लिकार्जुन मंगलाशासनम्
उमाकान्ताय कान्ताय कामितार्थप्रदायिने।
पढ़ें और जपें →मंगल भवन अमंगल हारी
मंगल भवन अमंगल हारी।
पढ़ें और जपें →मंगल मंत्र
ॐ अं अङ्गारकाय नमः ॥
पढ़ें और जपें →मंगल गायत्री मंत्र
ॐ अङ्गारकाय विद्महे शक्तिहस्ताय धीमहि ।
पढ़ें और जपें →मङ्गलकवचम्
॥ श्रीगणेशाय नमः ॥
पढ़ें और जपें →मङ्गलं भगवान् विष्णुः
मङ्गलं भगवान् विष्णुः मङ्गलं गरुडध्वजः ।
पढ़ें और जपें →मार्गबन्धु स्तोत्रम्
शम्भो महादेव देव शिव शम्भो महादेव देवेश शम्भो।
पढ़ें और जपें →मेधा सूक्तम्
ॐ यश्छन्दसामृषभो विश्वरूपः।
पढ़ें और जपें →श्री मूकाम्बिकाष्टकम्
नमस्ते जगद्धात्रि सद्ब्रह्मरूपे
पढ़ें और जपें →मृगा मृगैः सङ्गमनुव्रजन्ति
मृगा मृगैः सङ्गमनुव्रजन्ति गावश्च गोभिस्तुरगास्तुरङ्गैः।
पढ़ें और जपें →मूषिकवाहन मोदकहस्त (गणेश प्रार्थना)
मूषिकवाहन मोदकहस्त
पढ़ें और जपें →न कश्चित्कस्यचिन्मित्रं
न कश्चित्कस्यचिन्मित्रं न कश्चित्कस्यचिद्रिपुः।
पढ़ें और जपें →नाभिषेको न संस्कारः
नाभिषेको न संस्कारः सिंहस्य क्रियते वने।
पढ़ें और जपें →नन्दिकेश्वर गायत्री मंत्र (नन्दी गायत्री)
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे
पढ़ें और जपें →नारायणं नमस्कृत्य
नारायणं नमस्कृत्य नरं चैव नरोत्तमम् ।
पढ़ें और जपें →नारायणी स्तुति
देवि प्रपन्नार्तिहरे प्रसीद
पढ़ें और जपें →नवदुर्गा स्तोत्रम्
वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्।
पढ़ें और जपें →नवग्रह मंत्र
ॐ सूर्याय नमः
पढ़ें और जपें →श्री नवग्रह स्तोत्रम्
जपाकुसुमसङ्काशं काश्यपेयं महाद्युतिम् ।
पढ़ें और जपें →श्री नवग्रह चालीसा
श्री गणपति गुरुपद कमल प्रेम सहित सिरनाय ।
पढ़ें और जपें →महालक्ष्मी मन्त्र (पद्मासने पद्मकरे)
पद्मासने पद्मकरे सर्वलोकैकपूजिते।
पढ़ें और जपें →प्रज्ञाविवर्धन कार्तिकेय स्तोत्रम्
श्रीगणेशाय नमः।
पढ़ें और जपें →प्रारभ्यते न खलु विघ्नभयेन नीचैः
प्रारभ्यते न खलु विघ्नभयेन नीचैः
पढ़ें और जपें →संकल्प मन्त्र
ॐ विष्णुर्विष्णुर्विष्णुः।
पढ़ें और जपें →पुस्तकस्था तु या विद्या
पुस्तकस्था तु या विद्या परहस्तगतं धनम्।
पढ़ें और जपें →राहु गायत्री मंत्र
ॐ नाकध्वजाय विद्महे पद्महस्ताय धीमहि ।
पढ़ें और जपें →राहुकवचम्
॥ श्रीगणेशाय नमः ॥
पढ़ें और जपें →राहु मंत्र
ॐ रां राहवे नमः ॥
पढ़ें और जपें →श्री राजराजेश्वर्यष्टकम्
अम्बा शाम्भवि चन्द्रमौलिरबला अपर्णा उमा पार्वती
पढ़ें और जपें →राम चालीसा
श्री रघुबीर भक्त हितकारी।
पढ़ें और जपें →राम गायत्री मंत्र
ॐ दाशरथाय विद्महे सीतावल्लभाय धीमहि ।
पढ़ें और जपें →रामो राजमणिः सदा विजयते
रामो राजमणिः सदा विजयते रामं रमेशं भजे
पढ़ें और जपें →रश्मिमन्तं समुद्यन्तम्
रश्मिमन्तं समुद्यन्तं देवासुरनमस्कृतम् ।
पढ़ें और जपें →ऋणहर्ता गणपति स्तोत्रम् (ऋणविमोचन गणेश स्तोत्रम्)
अस्य श्रीऋणविमोचनमहागणपतिस्तोत्रमन्त्रस्य शुक्राचार्य ऋषिः,
पढ़ें और जपें →ऋणमोचक मङ्गल स्तोत्रम्
॥ श्रीगणेशाय नमः ॥
पढ़ें और जपें →रूपं देहि जयं देहि
ॐ जय त्वं देवि चामुण्डे जय भूतापहारिणि ।
पढ़ें और जपें →स च वैश्यस्तपस्तेपे
मार्कण्डेय उवाच
पढ़ें और जपें →सहसा विदधीत न क्रियाम्
सहसा विदधीत न क्रियामविवेकः परमापदां पदम्।
पढ़ें और जपें →संकटनाशन गणेश स्तोत्र
प्रणम्य शिरसा देवं गौरीपुत्रं विनायकम् ।
पढ़ें और जपें →सन्तोषी माता चालीसा
बन्दौं सन्तोषी चरण रिद्धि-सिद्धि दातार।
पढ़ें और जपें →सरसिजनिलये (महालक्ष्मी ध्यान श्लोक)
सरसिजनिलये सरोजहस्ते
पढ़ें और जपें →सरस्वती चालीसा
जनक जननि पद कमल रज, निज मस्तक पर धारि।
पढ़ें और जपें →सरस्वती द्वादशनाम स्तोत्रम्
सरस्वतीं नमस्यामि वीणापुस्तकधारिणीम्।
पढ़ें और जपें →सरस्वती कवचम्
शृणु वत्स प्रवक्ष्यामि कवचं सर्वकामदम्।
पढ़ें और जपें →सरस्वति महाभागे (सरस्वती प्रार्थना)
सरस्वति महाभागे विद्ये कमललोचने।
पढ़ें और जपें →सरस्वती सहस्रनाम स्तोत्रम्
ध्यानम् ।
पढ़ें और जपें →सरस्वती वंदना
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता
पढ़ें और जपें →सत्यमेव जयते
सत्यमेव जयते नानृतं सत्येन पन्था विततो देवयानः ।
पढ़ें और जपें →श्री सत्यनारायण जी की आरती
जय लक्ष्मीरमणा, स्वामी जय लक्ष्मीरमणा ।
पढ़ें और जपें →सत्यनारायण ध्यान मंत्र (सत्यनारायणं देवं वन्दे)
सत्यनारायणं देवं वन्देऽहं कामदं प्रभुम्।
पढ़ें और जपें →श्री शनिदेव आरती
जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी ।
पढ़ें और जपें →शनि गायत्री मंत्र
ॐ काकध्वजाय विद्महे खड्गहस्ताय धीमहि ।
पढ़ें और जपें →शनि मन्त्र
ॐ शं शनैश्चराय नमः ॥
पढ़ें और जपें →शिव मङ्गलाष्टकम्
भवाय चन्द्रचूडाय निर्गुणाय गुणात्मने।
पढ़ें और जपें →शिव सङ्कल्प सूक्तम्
यज्जाग्रतो दूरमुदैति दैवं तदु सुप्तस्य तथैवैति।
पढ़ें और जपें →श्रीं बीज मंत्र
ॐ श्रीं
पढ़ें और जपें →श्री रामाष्टकम् (नमामि राममीश्वरम्)
कृतार्तदेववन्दनं दिनेशवंशनन्दनम्।
पढ़ें और जपें →शुक्र गायत्री मंत्र
ॐ अश्वध्वजाय विद्महे धनुर्हस्ताय धीमहि ।
पढ़ें और जपें →शुक्र कवचम्
श्रीगणेशाय नमः ।
पढ़ें और जपें →शुक्र मंत्र
ॐ शुं शुक्राय नमः ॥
पढ़ें और जपें →शुक्र स्तोत्र
ॐ अश्वध्वजाय विद्महे धनुर्हस्ताय धीमहि ।
पढ़ें और जपें →श्यामलानवरत्नमालिका
ओङ्कारपञ्जरशुकीमुपनिषदुद्यानकेलिकलकण्ठीम् ।
पढ़ें और जपें →स्कन्द षट्कम् (स्कन्द षष्ठी स्तोत्रम्)
षण्मुखं पार्वतीपुत्रं क्रौञ्चशैलविमर्दनम्।
पढ़ें और जपें →सौन्दर्यलहरी श्लोक २ — तनीयांसं पांसुं
तनीयांसं पांसुं तव चरणपङ्केरुहभवं
पढ़ें और जपें →श्री राघवेन्द्र स्तोत्र (पूज्याय राघवेन्द्राय)
ॐ श्री राघवेन्द्राय नमः ॥
पढ़ें और जपें →श्रीराममङ्गलाशासनम्
मङ्गलं कौशलेन्द्राय महनीयगुणाब्धये ।
पढ़ें और जपें →श्री रुद्रं चमकम्
॥ प्रथम अनुवाक ॥
पढ़ें और जपें →श्री स्तुति
मानातीत-प्रथित-विभवां मङ्गलं मङ्गलानां
पढ़ें और जपें →सुब्रह्मण्य पञ्चरत्नम्
षडाननं चन्दनलेपिताङ्गं
पढ़ें और जपें →सुदर्शनाष्टकम्
प्रतिभटश्रेणि भीषण वरगुणस्तोम भूषण
पढ़ें और जपें →सुख भवन संसय समन
निज भवन गवनेउ सिंधु श्रीरघुपतिहि यह मत भायऊ।
पढ़ें और जपें →सुखस्य मूलं धर्मः
सुखस्य मूलं धर्मः।
पढ़ें और जपें →सुखकर्ता दुःखहर्ता आरती
सुखकर्ता दुःखहर्ता वार्ता विघ्नाची ।
पढ़ें और जपें →सुमुखश्चैकदन्तश्च
सुमुखश्चैकदन्तश्च कपिलो गजकर्णकः।
पढ़ें और जपें →श्री सूर्य देव आरती
ॐ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान ।
पढ़ें और जपें →सूर्य चालीसा
कनक बदन कुण्डल मकर,मुक्ता माला अङ्ग।
पढ़ें और जपें →सूर्य कवचम्
श्रीभैरव उवाच ।
पढ़ें और जपें →सूर्य मंत्र
ॐ घृणिः सूर्याय नमः ॥
पढ़ें और जपें →श्यामला दण्डकम्
ध्यानम्
पढ़ें और जपें →तैलाद्रक्षेज्जलाद्रक्षेत्
तैलाद्रक्षेज्जलाद्रक्षेद्रक्षेच्छिथिलबन्धनात्।
पढ़ें और जपें →ततो वव्रे नृपो राज्यम्
मार्कण्डेय उवाच
पढ़ें और जपें →त्रैलोक्यमङ्गल कृष्ण कवचम्
श्रीनारद उवाच —
पढ़ें और जपें →त्यजेदेकं कुलस्यार्थे
त्यजेदेकं कुलस्यार्थे ग्रामस्यार्थे कुलं त्यजेत्।
पढ़ें और जपें →उद्यमेन हि सिध्यन्ति
उद्यमेन हि सिध्यन्ति कार्याणि न मनोरथैः।
पढ़ें और जपें →उद्योगिनं पुरुषसिंहम्
उद्योगिनं पुरुषसिंहमुपैति लक्ष्मीर्
पढ़ें और जपें →उत्तिष्ठत जाग्रत
उत्तिष्ठत जाग्रत प्राप्य वरान्निबोधत ।
पढ़ें और जपें →श्री वैष्णो देवी आरती
जय वैष्णवी माता मैया जय वैष्णवी माता ।
पढ़ें और जपें →श्री वैष्णो देवी चालीसा
गरुड़ वाहिनी वैष्णवी त्रिकुटा पर्वत धाम ।
पढ़ें और जपें →वक्रतुण्ड महाकाय — गणेश श्लोक
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
पढ़ें और जपें →विद्वानेव विजानाति विद्वज्जनपरिश्रमम्
विद्वानेव विजानाति विद्वज्जनपरिश्रमम्।
पढ़ें और जपें →विद्या ददाति विनयम्
विद्या ददाति विनयं विनयाद्याति पात्रताम्।
पढ़ें और जपें →विघ्नराज गणपति स्तोत्रम् (हेरम्ब गणपति स्तोत्रम्)
श्रीगणेशाय नमः ।
पढ़ें और जपें →विघ्नेश्वराय वरदाय
विघ्नेश्वराय वरदाय सुरप्रियाय
पढ़ें और जपें →श्री विश्वकर्मा आरती
जय श्री विश्वकर्मा ।
पढ़ें और जपें →विश्वकर्मा चालीसा
॥ दोहा ॥
पढ़ें और जपें →श्री विश्वकर्मा स्तोत्रम् (ध्यान स्तुति)
पञ्चवक्त्रं जटाजूटं पञ्चादशविलोचनम्।
पढ़ें और जपें →या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-बुद्धि-लक्ष्मीरूपेण
या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता ।
पढ़ें और जपें →यद्यदाचरति श्रेष्ठः
यद्यदाचरति श्रेष्ठस्तत्तदेवेतरो जनः।
पढ़ें और जपें →यस्य न विद्या न तपो न दानम्
यस्य न विद्या न तपो न दानं ज्ञानं न शीलं न गुणो न धर्मः।
पढ़ें और जपें →यस्य स्मृत्या च नामोक्त्या
यस्य स्मृत्या च नामोक्त्या तपोयज्ञक्रियादिषु ।
पढ़ें और जपें →यथा ह्येकेन चक्रेण
यथा ह्येकेन चक्रेण न रथस्य गतिर्भवेत्।
पढ़ें और जपें →यत्र योगेश्वरः कृष्णो
यत्र योगेश्वरः कृष्णो यत्र पार्थो धनुर्धरः।
पढ़ें और जपें →यो मां जयति सङ्ग्रामे (देवी की प्रतिज्ञा)
देव्युवाच
पढ़ें और जपें →योगस्थः कुरु कर्माणि
योगस्थः कुरु कर्माणि सङ्गं त्यक्त्वा धनञ्जय।
पढ़ें और जपें →स तु दीर्घकालनैरन्तर्यसत्कारासेवितो दृढभूमिः
स तु दीर्घकालनैरन्तर्यसत्कारासेवितो दृढभूमिः ॥
पढ़ें और जपें →तपःस्वाध्यायेश्वरप्रणिधानानि क्रियायोगः
तपःस्वाध्यायेश्वरप्रणिधानानि क्रियायोगः ॥
पढ़ें और जपें →योगः कर्मसु कौशलम्
बुद्धियुक्तो जहातीह उभे सुकृतदुष्कृते।
पढ़ें और जपें →युधिष्ठिरकृत दुर्गा स्तोत्रम्
यशोदागर्भसम्भूतां नारायणवरप्रियाम्।
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