मङ्गलं भगवान् विष्णुः
अन्य नाम / खोज: mangalam bhagavan vishnu mangalam garuda dhwajah · mangalam pundarikaksha mangalayatano harih · vishnu mangala shloka
अपनी भाषा/लिपि में पढ़ें
✦ अर्थ
'मङ्गलं भगवान् विष्णुः' विष्णु का प्रसिद्ध मंगल (शुभता) श्लोक है, जो विष्णु पूजा, सत्यनारायण कथा और अनेक स्तोत्रों के समापन पर पढ़ा जाता है। यह विष्णु को गरुड़ध्वज, पुण्डरीकाक्ष (कमलनयन) और हरि के नामों से सर्व-मंगलमय और मंगल का आश्रय घोषित करता है। यह विवाह, गृहप्रवेश और हर शुभ अवसर पर गाया जाता है।
उत्पत्ति और कथा
Traditional mangala (auspiciousness) shloka of Vishnu · Traditional · Classical
यह वह प्रिय 'मंगलम्' श्लोक है, जो विष्णु पूजा और अनेक पवित्र पाठों को सम्पन्न करने हेतु गाया जाता है, सबसे परिचित रूप से सत्यनारायण कथा के समापन पर। 'मंगलम्' (शुभ) शब्द को दोहराकर और भगवान को विष्णु, गरुड़ध्वज, कमलनयन पुण्डरीकाक्ष और हरि नामों से पुकारकर, यह उन्हें शुभता का स्वरूप घोषित करता है और उस आशीर्वाद का आवाहन उन सब पर करता है जो इसे सुनते हैं। यह विवाह, गृहप्रवेश और हर शुभ आरंभ एवं समापन पर पढ़ा जाता है।
✦ शास्त्रों में वर्णित
कहा जाता है कि जहाँ यह श्लोक गाया जाता है, वहाँ शुभता एकत्र होती है — क्योंकि यह हरि का आवाहन करता है, जो समस्त शुभ और मंगल का साक्षात धाम हैं।
मंत्र
किसी भी पंक्ति या ▶ बटन पर टैप कर सुनें
मङ्गलं भगवान् विष्णुः मङ्गलं गरुडध्वजः । मङ्गलं पुण्डरीकाक्षः मङ्गलायतनो हरिः ॥
Mangalam bhagavan vishnuh mangalam garudadhvajah Mangalam pundarikakshah mangalayatano harih
अर्थ:भगवान विष्णु मंगलमय हैं, गरुड़ध्वज मंगलमय हैं, कमलनयन मंगलमय हैं — हरि मंगल के आश्रय (धाम) हैं।
शब्द-दर-शब्द अर्थ
उच्चारण सुनने के लिए किसी भी शब्द पर क्लिक करें
मङ्गलं भगवान् विष्णुः पाठ के लाभ
विष्णु पूजा, सत्यनारायण कथा और अनेक स्तोत्रों के समापन पर पढ़ा जाने वाला शास्त्रीय 'मंगल' (शुभता) श्लोक।
विष्णु के नामों — गरुड़ध्वज, पुण्डरीकाक्ष (कमलनयन) और हरि — द्वारा सर्व-मंगल का आवाहन करता है।
पूजा या पाठ को आशीर्वाद से समाप्त करने और शुभ, निर्विघ्न फल के आवाहन हेतु पढ़ा जाता है।
विवाह, गृहप्रवेश और शुभ कार्यों के आरंभ या समापन पर पढ़ा जाता है।
संक्षिप्त, मधुर और सहज ही स्मरणीय।
मङ्गलं भगवान् विष्णुः जप विधि
पूजा या किसी भी शुभ कार्य के समापन पर इसे पढ़ें, ताकि उपस्थित सभी जनों पर भगवान के मंगल आशीर्वाद का आवाहन हो। तीन बार दोहराएँ।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ये भी पढ़ें
ॐ
Explore more sacred mantras with complete meaning and chanting guides