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आज पंचक

सोमवार, 15 जून 2026

New Delhi, India · IST

आज पंचक नहीं है
अगला पंचक: शनि, 4 जुल॰, 12:49 am

2026 पंचक दिन व समय

आरंभ बुध, 21 जन॰ 1:36 amसमाप्ति रवि, 25 जन॰ 1:36 pm
आरंभ मंगल, 17 फ़र॰ 9:06 amसमाप्ति शनि, 21 फ़र॰ 7:08 pm
आरंभ सोम, 16 मार्च 6:15 pmसमाप्ति शनि, 21 मार्च 2:28 am
आरंभ सोम, 13 अप्रैल 3:45 amसमाप्ति शुक्र, 17 अप्रैल 12:03 pm
आरंभ रवि, 10 मई 12:13 pmसमाप्ति गुरु, 14 मई 10:34 pm
आरंभ शनि, 6 जून 7:04 pmसमाप्ति गुरु, 11 जून 8:17 am
आरंभ शनि, 4 जुल॰ 12:49 amसमाप्ति बुध, 8 जुल॰ 4:01 pm
आरंभ शुक्र, 31 जुल॰ 6:39 amसमाप्ति मंगल, 4 अग॰ 9:55 pm
आरंभ गुरु, 27 अग॰ 1:36 pmसमाप्ति मंगल, 1 सित॰ 3:24 am
आरंभ बुध, 23 सित॰ 9:57 pmसमाप्ति सोम, 28 सित॰ 10:17 am
आरंभ बुध, 21 अक्टू॰ 7:01 amसमाप्ति रवि, 25 अक्टू॰ 7:23 pm
आरंभ मंगल, 17 नव॰ 3:31 pmसमाप्ति रवि, 22 नव॰ 5:55 am
आरंभ सोम, 14 दिस॰ 10:36 pmसमाप्ति शनि, 19 दिस॰ 3:59 pm

पंचक में वर्जित पाँच कार्य

दक्षिण दिशा की यात्रा
लकड़ी/ईंधन एकत्र करना
घर की छत ढालना
शव-दाह संस्कार
पलंग/खाट बनाना

सामान्य प्रश्न

पंचक क्या है?

पंचक वह पाँच-दिवसीय अवधि है जब चंद्रमा कुम्भ और मीन राशि में — अर्थात धनिष्ठा (उत्तरार्ध), शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती नक्षत्रों में — गोचर करता है। इसे कुछ कार्यों के लिए अशुभ माना जाता है।

पंचक में क्या नहीं करना चाहिए?

पंचक में दक्षिण दिशा की यात्रा, लकड़ी/ईंधन एकत्र करना, छत ढालना, शव-दाह और पलंग बनाना — ये पाँच कार्य विशेष रूप से वर्जित माने जाते हैं। नित्य पूजा व सामान्य कार्य किए जा सकते हैं।

क्या पंचक में सभी कार्य अशुभ होते हैं?

नहीं। पंचक केवल कुछ विशिष्ट कार्यों के लिए वर्जित है। विवाह, गृह-प्रवेश आदि के लिए पंचक-रहित मुहूर्त देखा जाता है, पर अनेक शुभ कार्य पंचक में भी किए जा सकते हैं।

और देखें: पंचांग · भद्रा · चौघड़िया