भगवान शिव Mantras
The destroyer and transformer, supreme ascetic and lord of meditation.
Lord Shiva — Mahadeva, the Auspicious One — is the destroyer and transformer of the cosmic trinity, the supreme ascetic and lord of meditation, time and yoga. Chanting Shiva mantras such as "Om Namah Shivaya" and the Mahamrityunjaya brings fearlessness, healing, inner peace and liberation (moksha). Explore his complete mantras, the Shiv Sahasranama, chalisa, ashtakams and stotras below, each with Sanskrit text, transliteration and meaning.
Best day to worship: Monday · 43 mantras available
The Legend of Lord Shiva
In the churning of the ocean of milk (Samudra Manthan), the gods and demons together turned Mount Mandara with the great serpent Vasuki as their rope, seeking the nectar of immortality. But before any treasure arose, the churning brought forth Halahala — a poison so virulent that its very fumes began to scorch and destroy the three worlds.
In terror, gods and demons alike fled to Lord Shiva, the only one who could save creation. Out of boundless compassion, Mahadeva gathered the deadly poison in his palm and drank it. As the venom passed his throat, Goddess Parvati pressed it gently to hold it there, that it might harm neither the Lord nor the worlds held within him. The poison lodged in his throat and turned it a deep blue.
From that day Lord Shiva is honoured as Neelkanth — the blue-throated one — who swallowed the world's poison to save all beings. It is the supreme image of his selfless grace: that the Lord takes the suffering of the world upon himself, and asks for nothing in return.
भगवान शिव Mantras, Chalisa & Stotras
अर्धनारीश्वर स्तोत्रम्
श्रीगणेशाय नमः ॥
पढ़ें और जपें →श्री भैरव चालीसा
श्री गणपति गुरु गौरी पद, प्रेम सहित धरि माथ ।
पढ़ें और जपें →बिल्वाष्टकम्
त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रियायुधम् ।
पढ़ें और जपें →चन्द्रमौलीश स्तोत्रम्
श्रीगणेशाय नमः ।
पढ़ें और जपें →चिन्मय लिङ्गाष्टकम्
(श्रीरुद्रकृतम्)
पढ़ें और जपें →दक्षिणामूर्ति स्तोत्रम्
मौनव्याख्याप्रकटितपरब्रह्मतत्त्वं युवानं
पढ़ें और जपें →दक्षिणामूर्ति अष्टकम्
अगणितगुणगणमप्रमेमाद्यं
पढ़ें और जपें →दक्षिणामूर्ति अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ ओङ्कारोद्यानकोकिलाय नमः
पढ़ें और जपें →दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्रम्
विश्वेश्वराय नरकार्णवतारणाय
पढ़ें और जपें →दशश्लोकी (निर्वाण दशकम्)
ॐ तत् सत्।
पढ़ें और जपें →द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र
सौराष्ट्रे सोमनाथं च श्रीशैले मल्लिकार्जुनम्।
पढ़ें और जपें →एकश्लोकी
किं ज्योतिस्तवभानुमानहनि मे रात्रौ प्रदीपादिकं
पढ़ें और जपें →श्री काल भैरव आरती
जय भैरव देवा प्रभु जय भैरव देवा ।
पढ़ें और जपें →काल भैरव अष्टकम्
देवराजसेव्यमानपावनाङ्घ्रिपङ्कजं
पढ़ें और जपें →कालभैरव अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ श्रीगणेशाय नमः
पढ़ें और जपें →कर्पूरगौरं करुणावतारम्
कर्पूरगौरं करुणावतारं
पढ़ें और जपें →काशी पञ्चकम्
मनोनिवृत्तिः परमोपशान्तिः
पढ़ें और जपें →लिंगाष्टकम्
ब्रह्ममुरारिसुरार्चितलिङ्गं
पढ़ें और जपें →महालिङ्गाष्टकम्
महालिङ्गं महादेवं महेश्वरमुमापतिम् ।
पढ़ें और जपें →महामृत्युंजय मंत्र
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
पढ़ें और जपें →मार्कण्डेय शिवाष्टकम्
सदा गोदावर्यास्तटनिकटवासं पशुपतिं
पढ़ें और जपें →नमः शिवाष्टकम्
संसारदावानलशामकाय
पढ़ें और जपें →निर्वाण मञ्जरी
अहं नामरो नैव मर्त्यो न दैत्यो
पढ़ें और जपें →निर्वाण षट्कम् (आत्म षट्कम्)
मनोबुद्ध्यहंकारचित्तानि नाहं
पढ़ें और जपें →ॐ जय शिव ओमकारा आरती
ॐ जय शिव ओमकारा, स्वामी जय शिव ओमकारा।
पढ़ें और जपें →ॐ नमः शिवाय
ॐ नमः शिवाय
पढ़ें और जपें →रामलिङ्गाष्टकम्
वेदवृन्दवन्दितं वरेण्यरूपसुन्दरं
पढ़ें और जपें →शिव रुद्राष्टकम्
नमामीशमीशान निर्वाणरूपं
पढ़ें और जपें →सदाशिव अष्टकम्
नन्दिस्कन्धविराजितं गिरिजापतिं सुरसुन्दरं
पढ़ें और जपें →साधन पञ्चकम्
वेदो नित्यमधीयतां तदुदितं कर्म स्वनुष्ठीयतां
पढ़ें और जपें →शिव चालीसा
॥ दोहा ॥
पढ़ें और जपें →शिव महिम्न स्तोत्र
महिम्नः पारं ते परमविदुषो यद्यसदृशी
पढ़ें और जपें →शिव पञ्चाक्षर स्तोत्र
नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय
पढ़ें और जपें →शिव सहस्रनाम
ध्यायेन्नित्यं महेशं रजतगिरिनिभं चारुचन्द्रावतंसं
पढ़ें और जपें →शिव अपराध क्षमापन स्तोत्रम्
जय शङ्कर पार्वतीपते कृपया पाहि परेश सत्पते ।
पढ़ें और जपें →शिव गायत्री मंत्र
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि ।
पढ़ें और जपें →शिव मानस पूजा
रत्नैः कल्पितमासनं हिमजलैः स्नानं च दिव्याम्बरं नानारत्नविभूषितं मृगमदामोदाङ्कितं चन्दनम्।
पढ़ें और जपें →शिव तांडव स्तोत्रम्
जटाटवी गलज्जल प्रवाह पावितस्थले
पढ़ें और जपें →शिवाष्टकम् (व्यास)
व्यास उवाच ।
पढ़ें और जपें →तोटकाष्टकम्
विदिताखिलशास्त्रसुधाजलधे महितोपनिषत् कथितार्थनिधे ।
पढ़ें और जपें →वेदसार शिव स्तोत्रम्
॥ श्रीः॥
पढ़ें और जपें →विश्वनाथ अष्टकम्
आदिशम्भु-स्वरूप-मुनिवर-चन्द्रशीश-जटाधरं
पढ़ें और जपें →यति पञ्चकम् (कौपीन पञ्चकम्)
वेदान्तवाक्येषु सदा रमन्तो
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