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दशा कैलकुलेटर

जन्म तिथि, समय व स्थान से जानें इस समय कौन-सी महादशा व अंतर्दशा चल रही है — साथ में 120 वर्ष का पूरा विंशोत्तरी दशा क्रम।

विंशोत्तरी दशा क्या है?

विंशोत्तरी दशा वैदिक ज्योतिष की सबसे प्रचलित काल-गणना पद्धति है। 120 वर्ष का यह चक्र जीवन को नौ ग्रहों की महादशाओं में बाँटता है — केतु 7, शुक्र 20, सूर्य 6, चंद्र 10, मंगल 7, राहु 18, गुरु 16, शनि 19 व बुध 17 वर्ष। प्रत्येक महादशा के भीतर वही नौ ग्रह अंतर्दशा रूप में चलते हैं, जिससे हर कालखंड का सूक्ष्म फल बनता है।

सामान्य प्रश्न

विंशोत्तरी दशा क्या है?

विंशोत्तरी दशा वैदिक ज्योतिष की प्रमुख काल-गणना है — 120 वर्ष का चक्र जो जीवन को ग्रह-कालखंडों (महादशा) में बाँटता है, प्रत्येक नौ ग्रहों में से एक के स्वामित्व में। आरंभ जन्म के समय चंद्र के नक्षत्र पर निर्भर करता है।

महादशा व अंतर्दशा में क्या अंतर है?

महादशा प्रमुख कालखंड है (जैसे राहु की 18 वर्ष); इसके भीतर नौ उप-कालखंड अंतर्दशा (भुक्ति) चलते हैं। महादशा वर्षों का स्वर तय करती है, अंतर्दशा भीतर के प्रत्येक चरण को रंग देती है।

दशा के लिए जन्म समय क्यों आवश्यक है?

दशा क्रम जन्म के समय चंद्र की सटीक नक्षत्र-स्थिति से आरंभ होता है, जो समय के साथ बदलती है। सही जन्म समय से प्रथम दशा का शेष व आगे के सभी कालखंड सही बैठते हैं।

क्या यह दशा कैलकुलेटर मुफ्त है?

हाँ — अंतर्दशा सहित पूर्ण विंशोत्तरी दशा क्रम व वर्तमान चल रहा कालखंड यहाँ पूर्णतः निःशुल्क है।