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पंचतंत्र की कहानियाँ

नीति से भरी प्राचीन पशु-कथाएँ — शिक्षा सहित, हिंदी व अंग्रेज़ी में

पंडित विष्णु शर्मा द्वारा 2,000 वर्ष से भी पहले रचित पंचतंत्र, पाँच तंत्रों की पशु-कथाओं के माध्यम से व्यावहारिक नीति सिखाता है। ये संसार की सबसे अधिक यात्रा करने वाली कहानियाँ हैं — फ़ारस और अरब होते हुए विश्व-साहित्य का अंग बनीं।

🐦दो सिर वाला पक्षीद्वितीय तंत्र — मित्र सम्प्राप्तिजिनका शरीर और भाग्य एक हो, वे आपस में बैर करके स्वयं अपना ही नाश करते हैं।🐺नीला सियारप्रथम तंत्र — मित्रभेदभेष चाहे कितना भी शानदार हो, स्वभाव अंत में अपना असली रूप दिखा ही देता है।🦦ब्राह्मण और वफ़ादार नेवलापंचम तंत्र — अपरीक्षितकारकबिना सोचे-समझे और केवल शंका के आधार पर कभी कुछ मत करो — जल्दबाज़ी का एक क्षण सबसे वफ़ादार और प्रिय को भी छीन सकता है।🐐ब्राह्मण, बकरा और तीन ठगतृतीय तंत्र — काकोलूकीयबार-बार दोहराया गया झूठ सच को भी डिगा देता है — परायों के शोर से अधिक अपनी आँखों और विवेक पर भरोसा रखो।🦁बोलने वाली गुफातृतीय तंत्र — काकोलूकीयसतर्कता और हाज़िरजवाबी वहाँ रक्षा करती है जहाँ बल काम नहीं आता — सावधान प्राणी उन जालों से बच निकलता है जिनमें लापरवाह फँस जाते हैं।🐍कौए और काला साँपप्रथम तंत्र — मित्रभेदजो काम बल से नहीं हो पाता, वह बुद्धि और सूझ-बूझ भरी युक्ति से हो जाता है।🪺हाथी और गौरैयाप्रथम तंत्र — मित्रभेदछोटों को कभी तुच्छ मत समझो — एकता और बुद्धि से दुर्बल भी बलशाली का घमंड तोड़ सकते हैं।🐸दो चतुर मछलियाँ और मेंढकपंचम तंत्र — अपरीक्षितकारकजो चतुराई समय पर काम न आए वह व्यर्थ है — चेतावनी सुनकर समय रहते उठाया गया सीधा-सादा कदम हज़ार बुद्धियों से बढ़कर है।🦌चार मित्र और शिकारीद्वितीय तंत्र — मित्र सम्प्राप्तिसच्ची मित्रता में एकजुट होकर छोटे और कोमल प्राणी भी बलवान शत्रु को मात दे सकते हैं।🦀बगुला भगत और केकड़ाप्रथम तंत्र — मित्रभेदजो भोले-भाले प्राणियों को छलकर जीता है, अंत में उसका छल ही उसे ले डूबता है।🥁सियार और नगाड़ाप्रथम तंत्र — मित्रभेदकेवल आवाज़ से मत डरो — हिम्मत से आगे बढ़कर पहले सच्चाई का पता लगाओ।🐇शेर और चतुर खरगोशप्रथम तंत्र — मित्रभेदबुद्धि बल से बड़ी होती है — जहाँ ताकत हार जाती है, वहाँ चतुराई जीत जाती है।🐪शेर, ऊँट, सियार और कौआप्रथम तंत्र — मित्रभेदधूर्तों की मीठी बातों से सावधान रहो — चापलूसों पर आँख मूँदकर भरोसा करने वाले भोले प्राणी भारी कीमत चुकाते हैं।⚖️व्यापारी और लोहे का तराजूप्रथम तंत्र — मित्रभेदछल का उत्तर छल से मिलता है — जो दूसरों को ठगता है, उसे उसी के सिक्के में हिसाब चुकाना पड़ता है।🐘चूहे और हाथीद्वितीय तंत्र — मित्र सम्प्राप्तिकोई मित्र छोटा नहीं होता — छोटों पर की गई दया सबसे बड़े संकट में काम आती है।🐊बंदर और मगरमच्छचतुर्थ तंत्र — लब्धप्रणाशसंकट के समय सूझ-बूझ ही सबसे बड़ा सहारा है, पर छल से टूटी मित्रता फिर कभी नहीं जुड़ती।🐒बंदर और खूंटाप्रथम तंत्र — मित्रभेदजो बिना प्रयोजन दूसरों के काम में दखल देता है, वह स्वयं संकट मोल लेता है।🎶गवैया गधापंचम तंत्र — अपरीक्षितकारकहर काम का एक उचित समय और स्थान होता है — बेमौके किया गया अच्छा काम भी मुसीबत बन जाता है।🐭ऋषि और चुहिया कन्यातृतीय तंत्र — काकोलूकीयस्वभाव सबसे प्रबल है — रूप चाहे जो हो, मन अंत में अपनों की ओर ही लौटता है।🦢सारस और नेवलाप्रथम तंत्र — मित्रभेदकिसी भी उपाय को अंत तक सोचकर ही अपनाओ — जल्दबाज़ी में चुना गया इलाज रोग से भी बुरा हो सकता है।🐢बातूनी कछुआ और दो हंसप्रथम तंत्र — मित्रभेदजो समय पर अपनी जीभ पर संयम नहीं रख पाता, वह अपने ही विनाश को बुलावा देता है।🐕धोबी का गधा और कुत्ताचतुर्थ तंत्र — लब्धप्रणाशअपना कर्तव्य निभाओ और दूसरों का काम उन्हीं पर छोड़ो — अपनी सीमा से बाहर दखल देने पर धन्यवाद नहीं, डंडे मिलते हैं।

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