खाटू श्याम चालीसा
अन्य नाम / खोज: shri guru charana dhyana dhara sumiri sachchidananda · khatu shyam chalisa lyrics
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✦ अर्थ
खाटू श्याम चालीसा श्याम बाबा (बर्बरीक) की स्तुति है, जिन्हें 'हारे का सहारा' कहा जाता है। यह चालीसा श्याम के कृष्ण-स्वरूप और उनकी अनेक उद्धारक लीलाओं का स्मरण कराती है। इसके पाठ से मनोकामना पूर्ण होती है, विघ्न दूर होते हैं और भक्ति दृढ़ होती है।
उत्पत्ति और कथा
Traditional Hindi devotional hymn · Traditional · Devotional era
खाटू श्याम भीम के पौत्र और घटोत्कच के पुत्र बर्बरीक हैं, एक महान योद्धा और परम भक्त। महाभारत युद्ध से पूर्व उन्होंने हारती हुई पक्ष की ओर से लड़ने का व्रत लिया; इससे उत्पन्न असन्तुलन को रोकने के लिए कृष्ण ने उनसे उनका शीश दान में माँगा, जो बर्बरीक ने सहर्ष दे दिया। उनके त्याग से प्रसन्न होकर कृष्ण ने वरदान दिया कि कलियुग में वे कृष्ण के ही नाम 'श्याम' से पूजे जाएँगे और असहायों के आश्रय होंगे। खाटू (सीकर, राजस्थान) में उनका मन्दिर भारत के सबसे अधिक दर्शनीय स्थलों में से एक है।
✦ शास्त्रों में वर्णित
खाटू श्याम 'हारे का सहारा' के रूप में प्रसिद्ध हैं — पूर्णतः पराजित का आश्रय। चालीसा स्मरण कराती है कि नाम ने गणिका, शबरी, अहल्या, अजामिल और सदन कसाई का उद्धार किया, और वचन देती है कि जो भक्ति से श्याम के स्वरूप के दर्शन करता है वह भवभय से मुक्त होकर अपनी प्रत्येक सच्ची मनोकामना बिना विलम्ब पूर्ण पाता है।
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श्री गुरु चरण ध्यान धर,सुमिरि सच्चिदानन्द। श्याम चालीसा भणत हूँ,रच चैपाई छन्द॥
Shri guru charana dhyana dhara,sumiri sachchidananda Shyama chalisa bhanata hun,racha chaipai chhanda
अर्थ:गुरु के चरणों का ध्यान कर और सच्चिदानन्द का स्मरण कर, मैं श्याम चालीसा का पाठ करता हूँ, इसे चौपाई छन्द में रचकर।
श्याम श्याम भजि बारम्बारा।सहज ही हो भवसागर पारा॥
Shyama shyama bhaji barambarasahaja hi ho bhavasagara para
अर्थ:बार-बार 'श्याम, श्याम' जपो, और सहज ही भवसागर को पार कर लो।
इन सम देव न दूजा कोई।दीन दयालु न दाता होई॥
Ina sama deva na duja koidina dayalu na data hoi
अर्थ:उनके समान दूजा कोई देव नहीं; न कोई इतना दीनदयालु, न इतना बड़ा दाता।
भीमसुपुत्र अहिलवती जाया।कहीं भीम का पौत्र कहाया॥
Bhimasuputra ahilavati jayakahim bhima ka pautra kahaya
अर्थ:भीम के पुत्र (घटोत्कच) और अहिलवती के पुत्र; उन्हें भीम का पौत्र भी कहा जाता है।
यह सब कथा सही कल्पान्तर।तनिक न मानों इसमें अन्तर॥
Yaha saba katha sahi kalpantaratanika na manom isamem antara
अर्थ:यह सम्पूर्ण कथा कल्पों भर सत्य है; इसमें तनिक भी सन्देह मत करो।
बर्बरीक विष्णु अवतारा।भक्तन हेतु मनुज तनु धारा॥
Barbarika vishnu avatarabhaktana hetu manuja tanu dhara
अर्थ:बर्बरीक विष्णु के अवतार हैं; भक्तों के हेतु उन्होंने मनुष्य रूप धारण किया।
वसुदेव देवकी प्यारे।यशुमति मैया नन्द दुलारे॥
Vasudeva devaki pyareyashumati maiya nanda dulare
अर्थ:वसुदेव और देवकी के प्यारे; माता यशोदा और नन्द के दुलारे।
मधुसूदन गोपाल मुरारी।बृजकिशोर गोवर्धन धारी॥
Madhusudana gopala muraribrijakishora govardhana dhari
अर्थ:मधुसूदन, गोपाल, मुरारी; ब्रज के किशोर, गोवर्धन धारण करने वाले।
सियाराम श्री हरि गोविन्दा।दीनपाल श्री बाल मुकुन्दा॥
Siyarama shri hari govindadinapala shri bala mukunda
अर्थ:सियाराम, श्री हरि, गोविन्द; दीनों के पालक, श्री बाल मुकुन्द।
दामोदर रणछोड़ बिहारी।नाथ द्वारिकाधीश खरारी॥
Damodara ranachhoda़ biharinatha dvarikadhisha kharari
अर्थ:दामोदर, रणछोड़, बिहारी; नाथ, द्वारिकाधीश, दैत्यों के संहारक।
नरहरि रुप प्रहलाद प्यारा।खम्भ फारि हिरनाकुश मारा॥
Narahari rupa prahalada pyarakhambha phari hiranakusha mara
अर्थ:नरहरि (नरसिंह) रूप में प्रह्लाद को प्रिय; खम्भ फाड़कर हिरण्यकशिपु का वध किया।
राधा वल्लभ रुक्मिणी कंता।गोपी वल्लभ कंस हनंता॥
Radha vallabha rukmini kamtagopi vallabha kamsa hanamta
अर्थ:राधा के वल्लभ, रुक्मिणी के कान्त; गोपियों के प्रिय, कंस के हन्ता।
मनमोहन चित्तचोर कहाये।माखन चोरि चोरि कर खाये॥
Manamohana chittachora kahayemakhana chori chori kara khaye
अर्थ:मनमोहन और चित्तचोर कहलाए; माखन चुरा-चुराकर खाया।
मुरलीधर यदुपति घनश्याम।कृष्ण पतितपावन अभिरामा॥
Muralidhara yadupati ghanashyamakrishna patitapavana abhirama
अर्थ:मुरलीधर, यदुपति, घनश्याम; कृष्ण, पतितपावन, अभिराम।
मायापति लक्ष्मीपति ईसा।पुरुषोत्तम केशव जगदीशा॥
Mayapati lakshmipati isapurushottama keshava jagadisha
अर्थ:माया के पति, लक्ष्मी के पति, ईश; पुरुषोत्तम, केशव, जगदीश।
विश्वपति त्रिभुवन उजियारा।दीन बन्धु भक्तन रखवारा॥
Vishvapati tribhuvana ujiyaradina bandhu bhaktana rakhavara
अर्थ:विश्व के पति, तीनों लोकों के उजियारे; दीनबन्धु, भक्तों के रखवारे।
प्रभु का भेद कोई न पाया।शेष महेश थके मुनिराया॥
Prabhu ka bheda koi na payashesha mahesha thake muniraya
अर्थ:प्रभु का भेद कोई न पा सका; शेष, महेश और मुनिराज भी थक गए।
नारद शारद ऋषि योगिन्दर।श्याम श्याम सब रटत निरन्तर॥
Narada sharada rishi yogindarashyama shyama saba ratata nirantara
अर्थ:नारद, शारदा, ऋषि और योगीजन निरन्तर 'श्याम, श्याम' रटते हैं।
करि कोविद करि सके न गिनन्ता।नाम अपार अथाह अनन्ता॥
Kari kovida kari sake na ginantanama apara athaha ananta
अर्थ:विद्वान और कोविद भी उन्हें गिन नहीं सकते; उनके नाम अपार, अथाह, अनन्त हैं।
हर सृष्टि हर युग में भाई।ले अवतार भक्त सुखदाई॥
Hara srishti hara yuga mem bhaile avatara bhakta sukhadai
अर्थ:हर सृष्टि और हर युग में, हे भाई, वे अवतार लेते हैं, भक्तों को सुख देते हुए।
हृदय माँहि करि देखु विचारा।श्याम भजे तो हो निस्तारा॥
Hridaya manhi kari dekhu vicharashyama bhaje to ho nistara
अर्थ:अपने हृदय में विचार कर देख: श्याम का भजन करो, तो तेरा निस्तार हो जाए।
कीर पढ़ावत गणिका तारी।भीलनी की भक्ति बलिहारी॥
Kira paढ़avata ganika taribhilani ki bhakti balihari
अर्थ:नाम सिखाए तोते ने गणिका का उद्धार किया; भीलनी (शबरी) की भक्ति बलिहारी।
सती अहिल्या गौतम नारी।भई श्राप वश शिला दुखारी॥
Sati ahilya gautama naribhai shrapa vasha shila dukhari
अर्थ:सती अहिल्या, गौतम की पत्नी, जो श्राप वश दुखियारी शिला बन गई थी —
श्याम चरण रच नित लाई।पहुँची पतिलोक में जाई॥
Shyama charana racha nita laipahunchi patiloka mem jai
अर्थ:— श्याम के चरणों में नित भक्ति लगाकर, वह अपने पतिलोक को पहुँच गई (उद्धार पा गई)।
अजामिल अरू सदन कसाई।नाम प्रताप परम गति पाई॥
Ajamila aru sadana kasainama pratapa parama gati pai
अर्थ:अजामिल और सदन कसाई ने नाम के प्रताप से परम गति पाई।
जाके श्याम नाम अधारा।सुख लहहि दुःख दूर हो सारा॥
Jake shyama nama adharasukha lahahi duhkha dura ho sara
अर्थ:जिसे श्याम के नाम का आधार है, वह सुख पाता है और सारा दुःख दूर हो जाता है।
श्याम सुलोचन है अति सुन्दर।मोर मुकुट सिर तन पीताम्बर॥
Shyama sulochana hai ati sundaramora mukuta sira tana pitambara
अर्थ:श्याम सुन्दर नेत्रों वाले और अति सुन्दर हैं; सिर पर मोर मुकुट, तन पर पीताम्बर।
गल वैजयन्तिमाल सुहाई।छवि अनूप भक्तन मन भाई॥
Gala vaijayantimala suhaichhavi anupa bhaktana mana bhai
अर्थ:गले में सुहावनी वैजयन्ती माला; उनकी अनुपम छवि भक्तों के मन को भाती है।
श्याम श्याम सुमिरहु दिनराती।शाम दुपहरि अरू परभाती॥
Shyama shyama sumirahu dinaratishama dupahari aru parabhati
अर्थ:दिन-रात 'श्याम, श्याम' का स्मरण करो — साँझ, दोपहर और प्रभात में।
श्याम सारथी जिसके रथ के।रोड़े दूर होय उस पथ के॥
Shyama sarathi jisake ratha keroda़e dura hoya usa patha ke
अर्थ:जिसके रथ के सारथी श्याम हैं — उस पथ के रोड़े (बाधाएँ) दूर हो जाते हैं।
श्याम भक्त न कहीं पर हारा।भीर परि तब श्याम पुकारा॥
Shyama bhakta na kahim para harabhira pari taba shyama pukara
अर्थ:श्याम का भक्त कहीं पराजित नहीं होता; जब विपत्ति आती है, तब वे श्याम को पुकारते हैं।
रसना श्याम नाम रस पी ले।जी ले श्याम नाम के हाले॥
Rasana shyama nama rasa pi leji le shyama nama ke hale
अर्थ:जीभ श्याम नाम के रस का पान करे; श्याम नाम के आनन्द में जी ले।
संसारी सुख भोग मिलेगा।अन्त श्याम सुख योग मिलेगा॥
Samsari sukha bhoga milegaanta shyama sukha yoga milega
अर्थ:तुम्हें सांसारिक भोग भी मिलेगा, और अन्त में श्याम के साथ आनन्दमय योग (मिलन) मिलेगा।
श्याम प्रभु हैं तन के काले।मन के गोरे भोले भाले॥
Shyama prabhu haim tana ke kalemana ke gore bhole bhale
अर्थ:प्रभु श्याम तन से काले हैं, पर मन से गोरे (निर्मल) — भोले और भाले।
श्याम संत भक्तन हितकारी।रोग दोष अघ नाशै भारी॥
Shyama samta bhaktana hitakariroga dosha agha nashai bhari
अर्थ:श्याम सन्तों और भक्तों के हितकारी हैं; वे भारी रोग, दोष और पाप का नाश करते हैं।
प्रेम सहित जे नाम पुकारा।भक्त लगत श्याम को प्यारा॥
Prema sahita je nama pukarabhakta lagata shyama ko pyara
अर्थ:जो प्रेम सहित उनका नाम पुकारता है — वह भक्त श्याम को प्यारा लगता है।
खाटू में है मथुरा वासी।पार ब्रह्म पूरण अविनासी॥
Khatu mem hai mathura vasipara brahma purana avinasi
अर्थ:वे खाटू में बसते हैं, मथुरा के वासी; परब्रह्म, पूर्ण और अविनाशी।
सुधा तान भरि मुरली बजाई।चहुं दिशि नाना जहाँ सुनि पाई॥
Sudha tana bhari murali bajaichahum dishi nana jahan suni pai
अर्थ:उन्होंने अमृतमयी तान से भरी मुरली बजाई, जो चारों दिशाओं में दूर-दूर तक सुनी गई।
वृद्ध बाल जेते नारी नर।मुग्ध भये सुनि वंशी के स्वर॥
Vriddha bala jete nari naramugdha bhaye suni vamshi ke svara
अर्थ:वृद्ध और बालक, सब नारी और नर, उनकी वंशी के स्वर सुनकर मुग्ध हो गए।
दौड़ दौड़ पहुँचे सब जाई।खाटू में जहाँ श्याम कन्हाई॥
Dauda़ dauda़ pahunche saba jaikhatu mem jahan shyama kanhai
अर्थ:दौड़-दौड़कर सब वहाँ पहुँचे जहाँ श्याम कन्हाई हैं, खाटू में।
जिसने श्याम स्वरूप निहारा।भव भय से पाया छुटकारा॥
Jisane shyama svarupa niharabhava bhaya se paya chhutakara
अर्थ:जिसने श्याम के स्वरूप को निहारा, वह भवभय से छुटकारा पा गया।
श्याम सलोने साँवरे,बर्बरीक तनु धार। इच्छा पूर्ण भक्त की,करो न लाओ बार॥
Shyama salone sanvare,barbarika tanu dhara Ichchha purna bhakta ki,karo na lao bara
अर्थ:हे सलोने साँवरे श्याम, बर्बरीक का तन धारण किए — अपने भक्त की इच्छा पूर्ण करो, और देर मत लगाओ।
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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खाटू श्याम चालीसा पाठ के लाभ
खाटू श्याम चालीसा श्याम बाबा (बर्बरीक) का आह्वान करती है — जिन्हें 'हारे का सहारा' कहा जाता है, पराजित और असहाय का आश्रय।
मनोकामना पूर्ति, विघ्न नाश, संकट में साहस और अटल भक्ति के लिए इसका पाठ किया जाता है।
यह श्याम की कृष्ण से एकता और उनकी अनेक उद्धारक लीलाओं का स्मरण कराकर श्रद्धा को गहरा करती है।
राजस्थान और उत्तर भारत में अत्यन्त प्रिय; खाटू श्याम जी मन्दिर की पूजा का केन्द्र।
कहा जाता है कि यह रोग, दोष और दुःख दूर करती है तथा सांसारिक सुख और अन्त में श्याम से मिलन दोनों देती है।
एकादशी और फाल्गुन के खाटू श्याम मेले में विशेष रूप से प्रभावशाली।
खाटू श्याम चालीसा जप विधि
खाटू श्याम जी की प्रतिमा के सम्मुख बैठें, मोरपंख, चूरमा और दीप अर्पित करें, और प्रेमपूर्ण भक्ति के साथ चालीसा का पाठ करें। बहुत से भक्त इसे प्रसिद्ध जयघोष 'हारे का सहारा — खाटू श्याम हमारा' के साथ गाते हैं। एकादशी श्याम बाबा को विशेष प्रिय है, वैसे ही खाटू की यात्रा भी।
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