अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता
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✦ अर्थ
हनुमान चालीसा की यह अत्यन्त प्रिय चौपाई हनुमानजी को अष्ट सिद्धियों (योग-विभूतियों) और नौ निधियों (समृद्धि के दिव्य कोषों) के दाता के रूप में प्रकट करती है। तुलसीदासजी बताते हैं कि ऐसे वरदान देने की यह सामर्थ्य स्वयं माता जानकी (सीता) ने हनुमानजी को उनकी निष्काम भक्ति से प्रसन्न होकर वरदान-रूप में प्रदान की। समृद्धि, सफलता तथा शुभ मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए इस पंक्ति का व्यापक रूप से पाठ किया जाता है, क्योंकि हनुमानजी को ऐश्वर्य प्रदान करने का अधिकार प्राप्त है।
उत्पत्ति और कथा
Hanuman Chalisa (chaupai) · Tulsidas · 16th century CE
हनुमान चालीसा में गोस्वामी तुलसीदास उस वरदान का स्मरण करते हैं जो हनुमानजी को माता सीता से प्राप्त हुआ। परम्परा के अनुसार, सीता की खोज और लंका से उद्धार के समय उनकी असीम भक्ति और सेवा से द्रवित होकर सीता (जानकी) ने हनुमानजी को अष्ट सिद्धि और नौ निधि प्रदान करने का अधिकार आशीर्वाद-रूप में दिया। यह चौपाई उसी कृपा का गुणगान करती है, हनुमानजी को आध्यात्मिक पूर्णता और सांसारिक ऐश्वर्य — दोनों के दाता के रूप में प्रस्तुत करती है।
✦ शास्त्रों में वर्णित
कहा जाता है कि सीता के वरदान से अष्ट सिद्धि और नौ निधि सदा हनुमानजी के अधीन रहती हैं, फिर भी वे, परम भक्त, अपने लिए कुछ नहीं रखते और सच्चे भक्तों को उदारता से प्रदान करते हैं; अनेक बताते हैं कि इस पंक्ति से हनुमानजी की उपासना के पश्चात् उनका भाग्य पलटा और चिर-संचित मनोकामनाएँ पूर्ण हुईं।
मंत्र
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अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता। अस बर दीन जानकी माता॥
Ashta Siddhi Nau Nidhi Ke Data. As Bar Deen Janaki Mata.
अर्थ:आप अष्ट सिद्धियों और नौ निधियों के दाता हैं; यह वरदान आपको माता जानकी (सीता) ने प्रदान किया है॥
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता पाठ के लाभ
हनुमानजी को अष्ट सिद्धि और नौ निधि के दाता रूप में आह्वान करती है — समृद्धि और ऐश्वर्य के लिए पाठ की जाती है
सफलता, धन-वृद्धि और शुभ मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए की जाती है
भक्त को स्मरण कराती है कि हनुमानजी के पास माता सीता का वरदान है जिससे वे आशीर्वाद दे सकते हैं
हनुमानजी की निष्काम सेवा का स्मरण कर भक्ति को गहरा करती है, जिसने सीता की कृपा अर्जित की
भौतिक कल्याण और आध्यात्मिक सिद्धि — दोनों को आकर्षित करने वाली मानी जाती है
उत्थान और सौभाग्य की प्रार्थना करने वालों की प्रिय पंक्ति
अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता जप विधि
जब समृद्धि, सफलता अथवा किसी शुभ मनोकामना की पूर्ति की प्रार्थना करें, तब इस चौपाई का 11 या 21 बार पाठ करें, यह स्मरण करते हुए कि हनुमानजी माता सीता के वरदान से अष्ट सिद्धि और नौ निधि प्रदान करते हैं। लोभ के बजाय विनम्रता और भक्ति से अपनाएँ, ऐश्वर्य को शुभ कार्यों में लगाने हेतु माँगें। इसे प्रायः सम्पूर्ण हनुमान चालीसा के अंग रूप में पढ़ा जाता है और मंगलवार को विशेष शुभ है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
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