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हनुमान मंत्र

🕉️ hindu·📿 108× जप·🕐 मंगलवार और शनिवार को प्रातः अथवा सायंकाल; विशेषकर हनुमान जयन्ती पर·📜 The beej mantra of Lord Hanuman

अन्य नाम / खोज: om han hanumate namah

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अर्थ

हनुमान मंत्र 'ॐ हं हनुमते नमः' भगवान हनुमान का मूल बीज मंत्र है, जो उनके बीज 'हं' पर आधारित है — बल, साहस और रक्षा का स्पंदन। इसका जप शत्रुओं, भय और बाधाओं से रक्षा तथा शनि के अशुभ प्रभावों से राहत के लिए किया जाता है। मंगलवार और शनिवार को यह विशेष रूप से प्रभावशाली है।

उत्पत्ति और कथा

The beej mantra of Lord Hanuman · Traditional (Vedic / Puranic)

'ॐ हं हनुमते नमः' भगवान हनुमान का बीज मंत्र है — पवनपुत्र, श्रीराम के परम भक्त और समस्त संकटों के हर्ता (संकट मोचन)। उनका बीज 'हं' बल और निर्भय रक्षा का यथार्थ स्पंदन धारण करता है। मंगलवार और शनिवार को, तथा भय अथवा कठिनाई के प्रत्येक क्षण में, भक्त बजरंगबली के साहस, शक्ति और सदैव-सतर्क रक्षा का आह्वान करने के लिए इस मंत्र का जप करते हैं।

मंत्र

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हं हनुमते नमः

Om Han Hanumate Namah.

अर्थ:ॐ। पवनपुत्र, महाबली भगवान हनुमान को नमस्कार है।

शब्द-दर-शब्द अर्थ

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🔊Omआदि-नाद (प्रणव), सृष्टि का मूल ध्वनि
हं🔊Hanभगवान हनुमान का बीज (मूल) अक्षर — बल व रक्षा का स्पंदन
हनुमते🔊Hanumateपवनपुत्र, महाबली भगवान हनुमान को
नमः🔊Namahनमस्कार / मैं नमन करता हूँ

हनुमान मंत्र पाठ के लाभ

भगवान हनुमान का मूल बीज मंत्र, उनके बीज 'हं' पर आधारित — बल, साहस और रक्षा का स्पंदन

शत्रुओं, भय, दुर्घटनाओं, बुरी आत्माओं, काले जादू तथा शनि (शनिदेव) और मंगल के अशुभ प्रभावों से रक्षा के लिए जपा जाता है

साहस, शारीरिक और मानसिक बल, आत्मविश्वास तथा बाधाओं और कठिनाइयों पर विजय प्रदान करता है

मंगलवार और शनिवार को तथा हनुमान जयन्ती के समय विशेष रूप से शक्तिशाली

हनुमान की प्रतिमा के सम्मुख सिन्दूर, लाल पुष्प और तिल के तेल के दीप के साथ १०८ बार जपा जाता है

बजरंगबली का एक सरल नित्य मंत्र, हनुमान चालीसा, बजरंग बाण और पंचमुखी हनुमान के साथ जपा जाता है

हनुमान मंत्र जप विधि

जप संख्या108बार
उत्तम समयमंगलवार और शनिवार को प्रातः अथवा सायंकाल; विशेषकर हनुमान जयन्ती पर

स्नान के पश्चात्, भगवान हनुमान की प्रतिमा के सम्मुख सिन्दूर, लाल पुष्प और तिल के तेल के दीप के साथ बैठें। 'ॐ हं हनुमते नमः' का लाल अथवा तुलसी की माला पर १०८ बार जप करें, बजरंगबली के बल और रक्षा का आह्वान करते हुए। मंगलवार और शनिवार उनके विशेष दिन हैं। साहस, भय और शत्रुओं से रक्षा, तथा शनि की पीड़ा से राहत के लिए, हनुमान चालीसा के साथ इसका पाठ करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भगवान हनुमान का मूल बीज मंत्र 'ॐ हं हनुमते नमः' है। 'हं' उनका बीज (बीजाक्षर) है — बल और रक्षा का स्पंदन — और यह मंत्र पवनपुत्र महाबली हनुमान को नमस्कार है।
इसका जप शत्रुओं, भय, दुर्घटनाओं, बुरी आत्माओं और काले जादू से रक्षा के लिए, तथा साहस, बल, आत्मविश्वास और बाधाओं पर विजय के लिए किया जाता है। यह शनि (शनिदेव) के अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए भी जपा जाता है।
इसका जप माला पर नित्य १०८ बार करें, विशेषकर मंगलवार और शनिवार को प्रातः अथवा सायंकाल। जब भी साहस अथवा रक्षा की आवश्यकता हो, तब भी इसका जप किया जा सकता है।
मंगलवार परम्परा से हनुमान का दिन है, और शनिवार (शनिवार) को शनि (शनिदेव) की कठोरता से रक्षा पाने के लिए हनुमान की पूजा की जाती है, जिन्हें हनुमान ने उद्धार कर आशीर्वाद दिया था, ऐसा कहा जाता है।
इस मंत्र के साथ हनुमान चालीसा, बजरंग बाण, संकट मोचन हनुमानाष्टक और पंचमुखी हनुमान मंत्र का पाठ करें।

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