हनुमान मंत्र — Word-by-Word Meaning
हनुमान मंत्र
Every Sanskrit word explained in English
Word-by-Word Breakdown
ॐ
Om
आदि-नाद (प्रणव), सृष्टि का मूल ध्वनि
हं
Han
भगवान हनुमान का बीज (मूल) अक्षर — बल व रक्षा का स्पंदन
हनुमते
Hanumate
पवनपुत्र, महाबली भगवान हनुमान को
नमः
Namah
नमस्कार / मैं नमन करता हूँ
Complete Translation
ॐ। पवनपुत्र, महाबली भगवान हनुमान को नमस्कार है।
Origin & History
Source: The beej mantra of Lord Hanuman
Author: Traditional (Vedic / Puranic)
'ॐ हं हनुमते नमः' भगवान हनुमान का बीज मंत्र है — पवनपुत्र, श्रीराम के परम भक्त और समस्त संकटों के हर्ता (संकट मोचन)। उनका बीज 'हं' बल और निर्भय रक्षा का यथार्थ स्पंदन धारण करता है। मंगलवार और शनिवार को, तथा भय अथवा कठिनाई के प्रत्येक क्षण में, भक्त बजरंगबली के साहस, शक्ति और सदैव-सतर्क रक्षा का आह्वान करने के लिए इस मंत्र का जप करते हैं।
Frequently Asked Questions
हनुमान मंत्र क्या है?▼
भगवान हनुमान का मूल बीज मंत्र 'ॐ हं हनुमते नमः' है। 'हं' उनका बीज (बीजाक्षर) है — बल और रक्षा का स्पंदन — और यह मंत्र पवनपुत्र महाबली हनुमान को नमस्कार है।
हनुमान मंत्र के क्या लाभ हैं?▼
इसका जप शत्रुओं, भय, दुर्घटनाओं, बुरी आत्माओं और काले जादू से रक्षा के लिए, तथा साहस, बल, आत्मविश्वास और बाधाओं पर विजय के लिए किया जाता है। यह शनि (शनिदेव) के अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए भी जपा जाता है।
हनुमान मंत्र का कितनी बार जप करना चाहिए?▼
इसका जप माला पर नित्य १०८ बार करें, विशेषकर मंगलवार और शनिवार को प्रातः अथवा सायंकाल। जब भी साहस अथवा रक्षा की आवश्यकता हो, तब भी इसका जप किया जा सकता है।
हनुमान की पूजा मंगलवार और शनिवार को क्यों की जाती है?▼
मंगलवार परम्परा से हनुमान का दिन है, और शनिवार (शनिवार) को शनि (शनिदेव) की कठोरता से रक्षा पाने के लिए हनुमान की पूजा की जाती है, जिन्हें हनुमान ने उद्धार कर आशीर्वाद दिया था, ऐसा कहा जाता है।
हनुमान की और कौन सी प्रार्थनाएँ पढ़ी जा सकती हैं?▼
इस मंत्र के साथ हनुमान चालीसा, बजरंग बाण, संकट मोचन हनुमानाष्टक और पंचमुखी हनुमान मंत्र का पाठ करें।
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