हनुमान आरती
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✦ अर्थ
हनुमान आरती ('आरती कीजै हनुमान लला की') श्री हनुमान की स्तुति में गाया जाने वाला भक्ति-गीत है, जो रामायण के प्रसंगों — लंका दहन, संजीवनी और अहिरावण वध — का वर्णन करता है। यह आरती रक्षा, बल और निर्भयता का आशीर्वाद देती है। माना जाता है कि इसे गाने वाला बैकुंठ का परम पद पाता है।
उत्पत्ति और कथा
Hindu devotional folk tradition · Unknown (folk composition) · Medieval period
हनुमान आरती एक प्रिय लोक-गीत है जो सदियों से हिन्दू घरों और मंदिरों में गाया जाता रहा है। यह रामायण के प्रमुख प्रसंगों का वर्णन करती है — हनुमान का लंका दहन, संजीवनी बूटी लाना, पाताल में अहिरावण का वध — जिससे यह प्रार्थना और कथा-परंपरा दोनों बन जाती है। इसका अंतिम पद, जो इसे गाने वाले को बैकुंठ का वचन देता है, इसे उत्तर भारत की सबसे लोकप्रिय आरतियों में से एक बनाता है।
✦ शास्त्रों में वर्णित
आरती में हनुमान के पाताल लोक में उतरने का उल्लेख है, जहाँ उन्होंने राम और लक्ष्मण को राक्षस अहिरावण से मुक्त कराया। मृत्यु के लोक में होते हुए भी हनुमान की भक्ति इतनी प्रबल थी कि उन्होंने अहिरावण को चीर डाला और राम-लक्ष्मण को जीवित लोक में लौटा लाए — यह चमत्कार दर्शाता है कि शुद्ध भक्ति के समक्ष कोई शक्ति, यहाँ तक कि मृत्यु भी, टिक नहीं सकती।
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आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥
Aarti Keejai Hanuman Lala Ki Dusht Dalan Raghunath Kala Ki
अर्थ:प्यारे हनुमान की आरती कीजिए, जो दुष्टों के संहार में भगवान रघुनाथ की कला (शक्ति) हैं।
जाके बल से गिरिवर कांपे। रोग दोष जाके निकट न झांके॥
Jake Bal Se Girivar Kampe Rog Dosh Jake Nikat Na Jhanke
अर्थ:जिनके बल से बड़े-बड़े पर्वत कांप उठते हैं। रोग और दोष उनके निकट झांकने तक नहीं आते।
अंजनि पुत्र महा बलदाई। संतन के प्रभु सदा सहाई॥
Anjani Putra Maha Baldaai Santan Ke Prabhu Sada Sahaai
अर्थ:अंजनी के पुत्र, महान बल देने वाले। संतों और भक्तों के सदा सहायक।
दे बीरा रघुनाथ पठाए। लंका जारि सिया सुधि लाए॥
De Bira Raghunath Pathaaye Lanka Jaari Siya Sudhi Laaye
अर्थ:वीर हनुमान, रघुनाथ द्वारा भेजे गए, लंका जलाकर सीता की सुधि (समाचार) ले आए।
लंका सो कोट समुद्र सी खाई। जात पवनसुत बार न लाई॥
Lanka So Kot Samudra Si Khaai Jaat Pavansut Baar Na Laai
अर्थ:लंका का किला और समुद्र-सी खाई — पवनसुत ने पल भर में पार कर ली।
लंका जारि असुर संहारे। सियारामजी के काज संवारे॥
Lanka Jaari Asur Sanhaare SiyaRamji Ke Kaaj Sanvaare
अर्थ:लंका जलाकर असुरों का संहार किया। सीता-राम के सभी कार्य संवार दिए।
लक्ष्मण मूर्छित पड़े सकारे। आणि संजीवन प्राण उबारे॥
Lakshman Murchhit Pade Sakaare Aani Sanjeevan Praan Ubaare
अर्थ:जब लक्ष्मण प्रातःकाल मूर्छित पड़े, तब संजीवनी लाकर उनके प्राण बचाए।
पैठी पाताल तोरि जम कारे। अहिरावण की भुजा उखारे॥
Paithi Paataal Tori Jam Kaare Ahiravan Ki Bhuja Ukhaare
अर्थ:पाताल में प्रवेश कर मृत्यु के बंधन तोड़ डाले। अहिरावण की भुजाएं उखाड़ फेंकीं।
बाएं भुजा असुर दल मारे। दाहिने भुजा संतजन तारे॥
Baayein Bhuja Asur Dal Maare Daahinein Bhuja Santjan Taare
अर्थ:बाईं भुजा से असुरों के दल का संहार करते हैं। दाहिनी भुजा से संतजनों का उद्धार करते हैं।
सुर नर मुनि जन आरती उतारें। जय जय जय हनुमान उचारें॥
Sur Nar Muni Jan Aarti Utaarein Jai Jai Jai Hanuman Uchaarein
अर्थ:देव, मनुष्य और मुनिजन उनकी आरती उतारते हैं। सब जय-जय-जय हनुमान का उच्चारण करते हैं।
कंचन थार कपूर लौ छाई। आरती करत अंजना माई॥
Kanchan Thaar Kapur Lau Chhaai Aarti Karat Anjana Maai
अर्थ:सोने की थाली में कपूर की लौ छाई हुई है। माता अंजना आरती कर रही हैं।
जो हनुमानजी की आरती गावे। बसि बैकुंठ परम पद पावे॥
Jo Hanumanji Ki Aarti Gaave Basi Baikunth Param Pad Paave
अर्थ:जो हनुमानजी की यह आरती गाता है, वह बैकुंठ में वास कर परम पद को पाता है।
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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हनुमान आरती पाठ के लाभ
यह आरती गाने से हनुमान का रक्षा और बल का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
घर से भय, चिंता और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है।
परंपरागत रूप से मंगलवार और शनिवार की संध्या को गाई जाती है।
अंतिम पद इसे गाने वालों को बैकुंठ (स्वर्ग) में निवास का वचन देता है।
जैसा पदों में वर्णित है, रोग और दुष्ट प्रभावों का नाश करती है।
घर में एक पावन, भक्तिमय वातावरण रचती है।
हनुमान आरती जप विधि
स्वर्ण या स्टील की थाली में दीप (तेल का दीया) या कपूर जलाएं। हनुमान की मूर्ति या चित्र के सामने खड़े होकर या बैठकर आरती गाएं। जलती थाली को देवता के सामने घड़ी की दिशा में धीरे-धीरे घुमाते हुए आरती गाएं। दूसरे हाथ से घंटी बजाएं। अंत में उपस्थित सबके साथ आरती की ज्योति बाँटें — हर व्यक्ति ज्योति पर हाथ फेरकर माथे से लगाए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
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