नवग्रह मंत्र
अन्य नाम / खोज: om suryaya namah
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✦ अर्थ
नवग्रह मंत्र वैदिक ज्योतिष के नौ ग्रहों — सूर्य, चन्द्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु — को समर्पित मंत्रों का समूह है। प्रत्येक ग्रह को 'ॐ ... नमः' रूप में नमस्कार किया जाता है। इनका जप कुंडली में ग्रहों के प्रभाव को संतुलित करने और ग्रह-दोष की शान्ति हेतु किया जाता है।
उत्पत्ति और कथा
Navagraha Suktam (Vedic texts) and Brihat Parashara Hora Shastra · Vedic Rishis and Sage Parashara · Ancient Vedic period
नवग्रह मंत्रों की उत्पत्ति वैदिक खगोलीय परंपरा से हुई है, जहाँ ऋषियों ने देखा कि नौ खगोलीय पिंड मानव जीवन को गहराई से प्रभावित करते हैं। ऋषि पराशर ने इस ज्ञान को बृहत् पराशर होरा शास्त्र में व्यवस्थित किया, जो वैदिक ज्योतिष का मूलभूत ग्रंथ है। नवग्रह को समर्पित मंदिर पूरे दक्षिण भारत में हैं, जहाँ भक्त नौ ग्रह-देवताओं की प्रदक्षिणा कर उनका आशीर्वाद माँगते हैं।
✦ शास्त्रों में वर्णित
रामायण में, जब भगवान राम का राज्याभिषेक होने वाला था, तब शनि के प्रभाव से ग्रह प्रतिकूल रूप से संरेखित हो गए। इससे राम का वनवास हुआ। बाद में, जब हनुमान ने शनि का सामना किया और उन्हें रावण के कारागार से मुक्त किया, तब शनि ने वचन दिया कि वे उन सभी के प्रति कोमल रहेंगे जो हनुमान की पूजा करते हैं। इसीलिए वैदिक ज्योतिष में हनुमान पूजा को शनि-संबंधी कठिनाइयों का उपाय माना जाता है।
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ॐ सूर्याय नमः
Om Suryaya Namah
अर्थ:ॐ सूर्याय नमः — सूर्य को नमस्कार, जो प्रकाश, जीवन और ओज के स्रोत हैं।
ॐ चन्द्राय नमः
Om Chandraya Namah
अर्थ:ॐ चन्द्राय नमः — चन्द्र को नमस्कार, जो मन और भावनाओं के स्वामी हैं।
ॐ अंगारकाय नमः
Om Angarakaya Namah
अर्थ:ॐ अंगारकाय नमः — मंगल को नमस्कार, साहस और ऊर्जा के ग्रह।
ॐ बुधाय नमः
Om Budhaya Namah
अर्थ:ॐ बुधाय नमः — बुध को नमस्कार, बुद्धि और संवाद के ग्रह।
ॐ बृहस्पतये नमः
Om Brihaspataye Namah
अर्थ:ॐ बृहस्पतये नमः — बृहस्पति (गुरु) को नमस्कार, महान गुरु और ज्ञान के स्रोत।
ॐ शुक्राय नमः
Om Shukraya Namah
अर्थ:ॐ शुक्राय नमः — शुक्र को नमस्कार, प्रेम, सौन्दर्य और कलाओं के ग्रह।
ॐ शनैश्चराय नमः
Om Shanaishcharaya Namah
अर्थ:ॐ शनैश्चराय नमः — शनि को नमस्कार, कर्म, अनुशासन और न्याय के स्वामी।
ॐ राहवे नमः
Om Rahave Namah
अर्थ:ॐ राहवे नमः — राहु को नमस्कार, इच्छा का उत्तर चन्द्र-बिन्दु।
ॐ केतवे नमः
Om Ketave Namah
अर्थ:ॐ केतवे नमः — केतु को नमस्कार, मोक्ष का दक्षिण चन्द्र-बिन्दु।
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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नवग्रह मंत्र पाठ के लाभ
आपकी कुंडली में सभी 9 ग्रहों के प्रभाव को संतुलित करता है
ग्रह-संक्रमणों के नकारात्मक प्रभावों को कम करता है (साढ़े साती, राहु दशा, आदि)
करियर, संबंधों, स्वास्थ्य और वित्त में सामंजस्य लाता है
ग्रह-संक्रमण या ग्रह दोष के दौरान विशेष रूप से शक्तिशाली
विशेष दिनों में जप प्रत्येक ग्रह को बल देता है: रविवार=सूर्य, सोमवार=चन्द्र, मंगलवार=मंगल, आदि
अशुभ ग्रह-काल से रक्षा करता है और शुभ ग्रहों को सुदृढ़ करता है
नवग्रह मंत्र जप विधि
सभी नौ मंत्रों का क्रम में जप करें, प्रत्येक 108 बार या कम से कम 11 बार। विशेष ग्रह उपायों के लिए, संबंधित ग्रह के मंत्र का उसके दिन जप करें: रविवार को सूर्य, सोमवार को चन्द्र, मंगलवार को मंगल, बुधवार को बुध, गुरुवार को गुरु, शुक्रवार को शुक्र, शनिवार को शनि। राहु और केतु का जप राहु काल में या शनिवार को किया जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
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