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एकदन्तं महाकायं

🕉️ hindu·📿 3× जप·🕐 स्नान के पश्चात् प्रातःकाल; पूजा, अध्ययन या नये कार्य से पूर्व; गणेश चतुर्थी एवं संकष्टी·📜 Traditional Sanskrit dhyana/salutation verse to Ganesha

अन्य नाम / खोज: ekadantam mahakayam lambodara gajananam · herambam pranamamyaham · ekadantam mahakayam shloka · heramba ganesha sloka

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अर्थ

एकदन्तं महाकायं भगवान गणेश को प्रणाम करने वाला एक प्रिय एकल श्लोक है, जो उन्हें उनके परिचित विशेषणों से स्मरण करता है — एकदन्त, महाकाय, लम्बोदर, गजानन — और विघ्ननाशक देव हेरम्ब, दीनों के रक्षक रूप में नमन करता है। छोटा एवं सरलता से कण्ठस्थ होने वाला यह श्लोक पूजा, अध्ययन या किसी नये कार्य के आरम्भ की प्रार्थना के रूप में व्यापक रूप से पढ़ा जाता है।

उत्पत्ति और कथा

Traditional Sanskrit dhyana/salutation verse to Ganesha · Unknown (traditional) · Traditional

एकदन्तं महाकायं गणेश को प्रणाम करने वाले सर्वाधिक लोकप्रिय छोटे श्लोकों में से एक है, जो 'वक्रतुण्ड महाकाय' और 'शुक्लाम्बरधरम्' के साथ पूजा के आरम्भ में पढ़ा जाता है। दो पंक्तियों में यह प्रभु के सुप्रसिद्ध विशेषणों — एकदन्त, महाकाय, लम्बोदर, गजानन — को संजोता है और उन्हें विघ्न-नाशक हेरम्ब, उन समस्त दीनों के रक्षक रूप में नमन करता है जो उनकी शरण चाहते हैं।

शास्त्रों में वर्णित

भक्तजन मानते हैं कि किसी भी कार्य के आरम्भ में सच्ची भक्ति से अर्पित यह एकल श्लोक भी हेरम्ब — बलशाली किन्तु कोमल रक्षक — की कृपा को आकर्षित करता है, जिससे विघ्न दूर होते हैं और उनकी शरण में आने वालों को आश्रय मिलता है।

मंत्र

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एकदन्तं महाकायं लम्बोदरगजाननम् विघ्ननाशकरं देवं हेरम्बं प्रणमाम्यहम्

Ekadantam mahakayam lambodara-gajananam Vighnanashakaram devam herambam pranamamyaham

अर्थ:मैं एकदन्त, महाकाय, लम्बोदर एवं गजमुख प्रभु को प्रणाम करता हूँ; जो समस्त विघ्नों के नाशक देव हैं — उस हेरम्ब (गणेश), दीनों के रक्षक को मैं नमस्कार करता हूँ।

शब्द-दर-शब्द अर्थ

उच्चारण सुनने के लिए किसी भी शब्द पर क्लिक करें

एकदन्तम्🔊Ekadantamएकदन्त — एक दाँत वाले (एकदन्त)
महाकायम्🔊mahakayamमहाकाय — विशाल एवं बलशाली शरीर वाले
लम्बोदर🔊lambodaraलम्बोदर — बड़े उदर वाले (लम्बोदर)
गजाननम्🔊gajananamगजानन — गजमुख वाले (गजानन)
विघ्ननाशकरम्🔊vighnanashakaramविघ्ननाशक — विघ्नों का नाश करने वाले (विघ्न-नाशक)
देवम्🔊devamदेव — दिव्य प्रभु / देव
हेरम्बम्🔊herambamहेरम्ब — गणेश का एक नाम, अर्थात् दीनों के रक्षक / माता के प्रिय बलशाली
प्रणमाम्यहम्🔊pranamamyahamप्रणमामि अहम् — मैं प्रणाम करता हूँ (नमस्कार करता हूँ)

एकदन्तं महाकायं पाठ के लाभ

किसी भी पूजा या नये कार्य के आरम्भ में गणेश का आवाहन करने हेतु एक छोटा, सरलता से कण्ठस्थ होने वाला प्रणाम-श्लोक

गणेश को विघ्न-नाशक — विघ्नों के प्रत्यक्ष विनाशक — रूप में स्मरण करता है

हेरम्ब के कृपामय रूप का आवाहन करता है, जो दीन एवं असहायों के रक्षक हैं

भक्ति में प्रभु के मंगलमय स्वरूप — एकदन्त, लम्बोदर, गजानन — को स्पष्टतः मन में लाता है

परीक्षा, यात्रा, व्यापार एवं समारोहों से पूर्व शुभ आरम्भ हेतु पढ़ा जाता है

नित्य प्रार्थना के रूप में तथा बच्चों के लिए प्रथम गणेश श्लोक के रूप में उपयुक्त

एकदन्तं महाकायं जप विधि

जप संख्या3बार
उत्तम समयस्नान के पश्चात् प्रातःकाल; पूजा, अध्ययन या नये कार्य से पूर्व; गणेश चतुर्थी एवं संकष्टी

भगवान गणेश की प्रतिमा के सम्मुख बैठकर, हाथ जोड़कर इस श्लोक का भक्तिपूर्वक पाठ करें, उस महाकाय, लम्बोदर, गजमुख प्रभु का ध्यान करते हुए। पूजा, अध्ययन, परीक्षा या किसी नये कार्य के आरम्भ में ध्यान-प्रार्थना के रूप में इसे एक बार अथवा तीन बार पढ़ा जा सकता है; शुभ, विघ्नरहित आरम्भ हेतु 'हेरम्बं प्रणमाम्यहम्' पर प्रणाम करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यह भगवान गणेश को प्रणाम करने वाला एक प्रसिद्ध संस्कृत श्लोक है। यह उन्हें उनके सुप्रसिद्ध नामों — एकदन्त (एक दाँत वाले), महाकाय (विशालकाय), लम्बोदर (बड़े उदर वाले) एवं गजानन (गजमुख) — से सम्बोधित करता है और हेरम्ब, विघ्न-नाशक प्रभु एवं दीनों के रक्षक रूप में नमन करता है।
हेरम्ब गणेश का एक नाम है। परम्परागत रूप से इसका अर्थ 'दीनों (एवं असहायों) के रक्षक' तथा 'माता के प्रिय बलशाली' माना जाता है। सिंह पर सवार पाँच मुख वाला हेरम्ब स्वरूप गणेश का एक कृपालु, रक्षक पक्ष है।
इसका पाठ प्रातःकाल तथा किसी भी पूजा, अध्ययन, परीक्षा या नये कार्य के आरम्भ में किया जाता है, जिससे गणेश का आवाहन हो और शुभ, सफल आरम्भ हेतु विघ्नों का निवारण हो।
हाँ। छोटा, लयबद्ध एवं गणेश के परिचित नामों से बना होने के कारण यह श्लोक नित्य पाठ हेतु आदर्श है और प्रायः बच्चों को सिखाई जाने वाली प्रथम गणेश प्रार्थनाओं में से एक है।

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