एकदन्तं महाकायं — Word-by-Word Meaning
एकदन्तं महाकायं
Every Sanskrit word explained in English
Word-by-Word Breakdown
एकदन्तम्
Ekadantam
एकदन्त — एक दाँत वाले (एकदन्त)
महाकायम्
mahakayam
महाकाय — विशाल एवं बलशाली शरीर वाले
लम्बोदर
lambodara
लम्बोदर — बड़े उदर वाले (लम्बोदर)
गजाननम्
gajananam
गजानन — गजमुख वाले (गजानन)
विघ्ननाशकरम्
vighnanashakaram
विघ्ननाशक — विघ्नों का नाश करने वाले (विघ्न-नाशक)
देवम्
devam
देव — दिव्य प्रभु / देव
हेरम्बम्
herambam
हेरम्ब — गणेश का एक नाम, अर्थात् दीनों के रक्षक / माता के प्रिय बलशाली
प्रणमाम्यहम्
pranamamyaham
प्रणमामि अहम् — मैं प्रणाम करता हूँ (नमस्कार करता हूँ)
Complete Translation
मैं एकदन्त, महाकाय, लम्बोदर एवं गजमुख प्रभु को प्रणाम करता हूँ; जो समस्त विघ्नों के नाशक देव हैं — उस हेरम्ब (गणेश), दीनों के रक्षक को मैं नमस्कार करता हूँ।
Origin & History
Source: Traditional Sanskrit dhyana/salutation verse to Ganesha
Author: Unknown (traditional)
Period: Traditional
एकदन्तं महाकायं गणेश को प्रणाम करने वाले सर्वाधिक लोकप्रिय छोटे श्लोकों में से एक है, जो 'वक्रतुण्ड महाकाय' और 'शुक्लाम्बरधरम्' के साथ पूजा के आरम्भ में पढ़ा जाता है। दो पंक्तियों में यह प्रभु के सुप्रसिद्ध विशेषणों — एकदन्त, महाकाय, लम्बोदर, गजानन — को संजोता है और उन्हें विघ्न-नाशक हेरम्ब, उन समस्त दीनों के रक्षक रूप में नमन करता है जो उनकी शरण चाहते हैं।
Frequently Asked Questions
'एकदन्तं महाकायं' क्या है?▼
यह भगवान गणेश को प्रणाम करने वाला एक प्रसिद्ध संस्कृत श्लोक है। यह उन्हें उनके सुप्रसिद्ध नामों — एकदन्त (एक दाँत वाले), महाकाय (विशालकाय), लम्बोदर (बड़े उदर वाले) एवं गजानन (गजमुख) — से सम्बोधित करता है और हेरम्ब, विघ्न-नाशक प्रभु एवं दीनों के रक्षक रूप में नमन करता है।
हेरम्ब कौन हैं?▼
हेरम्ब गणेश का एक नाम है। परम्परागत रूप से इसका अर्थ 'दीनों (एवं असहायों) के रक्षक' तथा 'माता के प्रिय बलशाली' माना जाता है। सिंह पर सवार पाँच मुख वाला हेरम्ब स्वरूप गणेश का एक कृपालु, रक्षक पक्ष है।
इस श्लोक का पाठ कब करना चाहिए?▼
इसका पाठ प्रातःकाल तथा किसी भी पूजा, अध्ययन, परीक्षा या नये कार्य के आरम्भ में किया जाता है, जिससे गणेश का आवाहन हो और शुभ, सफल आरम्भ हेतु विघ्नों का निवारण हो।
क्या यह नित्य जप एवं बच्चों के लिए उपयुक्त है?▼
हाँ। छोटा, लयबद्ध एवं गणेश के परिचित नामों से बना होने के कारण यह श्लोक नित्य पाठ हेतु आदर्श है और प्रायः बच्चों को सिखाई जाने वाली प्रथम गणेश प्रार्थनाओं में से एक है।
Ready to start chanting?
See Benefits & How to Chant →