शांति और सुकून के मंत्र
Soothing mantras for inner peace, calm mind and emotional balance.
These mantras — from the sacred syllable Om to the Shanti mantras and "Om Namah Shivaya" — quiet the restless mind, ease anxiety and stress, and restore inner peace and emotional balance. Chanted slowly with attention to the breath, they bring the mind to stillness and are ideal for daily meditation. Each includes full Sanskrit lyrics, transliteration, meaning and a chanting guide.
132 mantras available in this collection
अच्युतम् केशवम्
अच्युतम् केशवम् रामनारायणम्
पढ़ें और जपें →अच्युताष्टकम्
अच्युताच्युत हरे परमात्मन् राम कृष्ण पुरुषोत्तम विष्णो ।
पढ़ें और जपें →आञ्जनेय भुजङ्गम्
ॐ
पढ़ें और जपें →आञ्जनेय मङ्गलाष्टकम्
कपिश्रेष्ठाय शूराय सुग्रीवप्रियमन्त्रिणे ।
पढ़ें और जपें →अर्धनारीश्वर स्तोत्रम्
श्रीगणेशाय नमः ॥
पढ़ें और जपें →असतो मा सद्गमय
ॐ असतो मा सद्गमय ।
पढ़ें और जपें →श्री बाँके बिहारी आरती
हे गिरिधर तेरी आरती गाऊँ, प्यारे आपको रिझाऊँ ।
पढ़ें और जपें →भज गोविन्दम्
भज गोविन्दं भज गोविन्दं गोविन्दं भज मूढमते ।
पढ़ें और जपें →भवान्यष्टकम्
न तातो न माता न बन्धुर्न दाता न पुत्रो न पुत्री न भृत्यो न भर्ता ।
पढ़ें और जपें →बिल्वाष्टकम्
त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रियायुधम् ।
पढ़ें और जपें →बुध स्तोत्रम्
अस्य श्रीबुधस्तोत्रमहामन्त्रस्य वसिष्ठ ऋषिः । अनुष्टुप्छन्दः ।
पढ़ें और जपें →चन्द्र स्तोत्रम्
नमश्चन्द्रमसे ॥
पढ़ें और जपें →चन्द्रमौलीश स्तोत्रम्
श्रीगणेशाय नमः ।
पढ़ें और जपें →चिन्मय लिङ्गाष्टकम्
(श्रीरुद्रकृतम्)
पढ़ें और जपें →दक्षिणामूर्ति स्तोत्रम्
मौनव्याख्याप्रकटितपरब्रह्मतत्त्वं युवानं
पढ़ें और जपें →दक्षिणामूर्ति अष्टकम्
अगणितगुणगणमप्रमेमाद्यं
पढ़ें और जपें →दक्षिणामूर्ति अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ ओङ्कारोद्यानकोकिलाय नमः
पढ़ें और जपें →दामोदराष्टकम्
दामोदराय कृष्णाय करे वंशीधराय च ।
पढ़ें और जपें →दशश्लोकी (निर्वाण दशकम्)
ॐ तत् सत्।
पढ़ें और जपें →दशावतार स्तोत्रम्
नमोऽस्तु नारायणमन्दिराय नमोऽस्तु हारायणकन्धराय ।
पढ़ें और जपें →दशरथ कृत शनि स्तोत्र
राजा दशरथः स्तोत्रं सौरेरिदमथाकरोत्॥
पढ़ें और जपें →देवी अपराध क्षमापन स्तोत्रम्
श्रीगणेशाय नमः ।
पढ़ें और जपें →धन्वन्तरि अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ धन्वन्तरये नमः
पढ़ें और जपें →दुर्गा अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ दुर्गायै नमः
पढ़ें और जपें →एकश्लोकी
किं ज्योतिस्तवभानुमानहनि मे रात्रौ प्रदीपादिकं
पढ़ें और जपें →गणेश (विघ्नेश्वर) अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ विनायकाय नमः
पढ़ें और जपें →गणेश पञ्चचामर स्तोत्रम्
श्रीगणेशाय नमः ।
पढ़ें और जपें →श्री गंगा आरती
नमामि गंगे तव पादपंकजम् सुरासुरैः वन्दित दिव्यरूपम् ।
पढ़ें और जपें →श्री गंगा चालीसा
जय जय जय जग पावनी जयति देवसरि गंग ।
पढ़ें और जपें →गायत्री अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ तरुणादित्यसङ्काशायै नमः
पढ़ें और जपें →श्री गायत्री चालीसा
ह्रीं श्रीं क्लीं मेधा प्रभा जीवन ज्योति प्रचंड ॥
पढ़ें और जपें →गोविन्दाष्टकम्
श्री गणेशाय नमः ॥
पढ़ें और जपें →हनुमान अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ अञ्जनीगर्भसम्भूताय नमः
पढ़ें और जपें →हनुमत् पञ्चरत्नम्
(भगवत्पादानां रामभुजङ्गतः)
पढ़ें और जपें →हरि स्तोत्रम्
जगज्जालपालं चलत्कण्ठमालं
पढ़ें और जपें →हयग्रीव अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ हयग्रीवाय नमः
पढ़ें और जपें →जगन्नाथाष्टकम्
कदाचित्कालिन्दीतटविपिनसङ्गीतकरवो कवरो
पढ़ें और जपें →कालभैरव अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ श्रीगणेशाय नमः
पढ़ें और जपें →कालिका अष्टकम्
ध्यानम् ।
पढ़ें और जपें →कर्मण्येवाधिकारस्ते
कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन ।
पढ़ें और जपें →कर्पूरगौरं करुणावतारम्
कर्पूरगौरं करुणावतारं
पढ़ें और जपें →काशी पञ्चकम्
मनोनिवृत्तिः परमोपशान्तिः
पढ़ें और जपें →आरती कुंजबिहारी की
आरती कुंजबिहारी की।
पढ़ें और जपें →कृष्ण चालीसा
बंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम।
पढ़ें और जपें →कृष्णाष्टकम्
वसुदेवसुतं देवं कंसचाणूरमर्दनम् ।
पढ़ें और जपें →ॐ जय लक्ष्मी माता आरती
ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
पढ़ें और जपें →लक्ष्मी अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ ब्रह्मज्ञायै नमः
पढ़ें और जपें →लक्ष्मीनृसिंह अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ श्रीनृसिंहाय नमः
पढ़ें और जपें →लक्ष्मीनृसिंह करावलम्ब स्तोत्र
श्रीमत्पयोनिधिनिकेतन चक्रपाणे
पढ़ें और जपें →ललिता अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ श्रीकामेश्वर्यै नमः
पढ़ें और जपें →ललिता सहस्रनाम
॥ ध्यानम् ॥
पढ़ें और जपें →लिंगाष्टकम्
ब्रह्ममुरारिसुरार्चितलिङ्गं
पढ़ें और जपें →मधुराष्टकम्
अधरं मधुरं वदनं मधुरं नयनं मधुरं हसितं मधुरम् ।
पढ़ें और जपें →महालक्ष्मी अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ शुद्धलक्ष्म्यै नमः
पढ़ें और जपें →महालिङ्गाष्टकम्
महालिङ्गं महादेवं महेश्वरमुमापतिम् ।
पढ़ें और जपें →मन्त्र पुष्पम्
ॐ यो ऽपां पुष्पं वेद
पढ़ें और जपें →मार्कण्डेय शिवाष्टकम्
सदा गोदावर्यास्तटनिकटवासं पशुपतिं
पढ़ें और जपें →मीनाक्षी स्तोत्रम्
गौरीं काञ्चनपद्मिनीतटगृहां श्रीसुन्दरेशप्रियां
पढ़ें और जपें →मूल मंत्र
ੴ ਸਤਿ ਨਾਮੁ
पढ़ें और जपें →नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि
नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि नैनं दहति पावकः ।
पढ़ें और जपें →नमः शिवाष्टकम्
संसारदावानलशामकाय
पढ़ें और जपें →णमोकार मंत्र
णमो अरिहंताणं
पढ़ें और जपें →नृसिंह कवचम्
नृसिंहकवचं वक्ष्ये प्रह्लादेनोदितं पुरा ।
पढ़ें और जपें →नारायण सूक्तम्
ॐ सह नाववतु। सह नौ भुनक्तु। सह वीर्यं करवावहै।
पढ़ें और जपें →नवग्रह अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ भानवे नमः
पढ़ें और जपें →नवग्रह पीडाहर स्तोत्रम्
ग्रहाणामादिरादित्यो लोकरक्षणकारकः ।
पढ़ें और जपें →श्री नवग्रह स्तोत्रम्
जपाकुसुमसङ्काशं काश्यपेयं महाद्युतिम् ।
पढ़ें और जपें →श्री नवग्रह चालीसा
श्री गणपति गुरुपद कमल प्रेम सहित सिरनाय ।
पढ़ें और जपें →निर्वाण मञ्जरी
अहं नामरो नैव मर्त्यो न दैत्यो
पढ़ें और जपें →निर्वाण षट्कम् (आत्म षट्कम्)
मनोबुद्ध्यहंकारचित्तानि नाहं
पढ़ें और जपें →ॐ जय जगदीश हरे आरती
ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे।
पढ़ें और जपें →ॐ मणि पद्मे हूं
ॐ मणि पद्मे हूं
पढ़ें और जपें →ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
पढ़ें और जपें →ॐ सह नाववतु
ॐ सह नाववतु । सह नौ भुनक्तु ।
पढ़ें और जपें →पाण्डुरङ्ग (विठ्ठल) अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ क्लीम् नमः
पढ़ें और जपें →पाण्डुरङ्गाष्टकम्
ॐ श्री ।
पढ़ें और जपें →परशुराम अष्टकम्
शुभ्रदेहं सदा क्रोधरक्तेक्षणम्
पढ़ें और जपें →पार्वती अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ महेश्वर्यै नमः
पढ़ें और जपें →पवनज अष्टकम्
भवभयापहं भारतीपतिं भजकसौख्यदं भानुदीधितिम् ।
पढ़ें और जपें →पुरुष सूक्तम्
हरिः ॐ सहस्रशीर्षा पुरुषः सहस्राक्षः सहस्रपात् ।
पढ़ें और जपें →श्री राधा चालीसा
श्री राधे वृषभानुजा, भक्तनि प्राणाधार।
पढ़ें और जपें →राम मंत्र
ॐ श्री रामाय नमः ॥
पढ़ें और जपें →श्री रामचन्द्र कृपालु भजमन
श्री रामचन्द्र कृपालु भजमन
पढ़ें और जपें →राम अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ श्रीमत्सूर्यकुलाम्भोधिवर्धनीयकलानिधये नमः
पढ़ें और जपें →रामलिङ्गाष्टकम्
वेदवृन्दवन्दितं वरेण्यरूपसुन्दरं
पढ़ें और जपें →रङ्गनाथाष्टकम्
आनन्दरूपे निजबोधरूपे ब्रह्मस्वरूपे श्रुतिमूर्तिरूपे ।
पढ़ें और जपें →रङ्गनाथ अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ श्रीरङ्गशायिने नमः
पढ़ें और जपें →सदाशिव अष्टकम्
नन्दिस्कन्धविराजितं गिरिजापतिं सुरसुन्दरं
पढ़ें और जपें →साधन पञ्चकम्
वेदो नित्यमधीयतां तदुदितं कर्म स्वनुष्ठीयतां
पढ़ें और जपें →श्री साईं चालीसा
पहले साईं के चरणों में, अपना शीश नमाऊं मैं।
पढ़ें और जपें →संतोषी माता आरती
जय संतोषी माता जय संतोषी माता।
पढ़ें और जपें →सन्तोषी माता चालीसा
बन्दौं सन्तोषी चरण रिद्धि-सिद्धि दातार।
पढ़ें और जपें →सरस्वती अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ सरस्वत्यै नमः
पढ़ें और जपें →सर्वधर्मान्परित्यज्य
सर्वधर्मान्परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज ।
पढ़ें और जपें →सर्वे भवन्तु सुखिनः
सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः ।
पढ़ें और जपें →शनि चालीसा
जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल करण कृपाल ।
पढ़ें और जपें →शनि मन्त्र
ॐ शं शनैश्चराय नमः ॥
पढ़ें और जपें →शनि वज्र पञ्जर कवचम्
श्री गणेशाय नमः ॥
पढ़ें और जपें →षण्मुख भुजङ्गम्
श्रीजगद्गुरु शृङ्गेरी
पढ़ें और जपें →षण्मुख पञ्चरत्नम्
ॐ श्रीगणेशाय नमः ।
पढ़ें और जपें →षण्मुख षट्पदी स्तोत्रम्
श्रीमयूराचलक्षेत्रे - (कुन्नक्कुड्यपरनामके)
पढ़ें और जपें →शान्ताकारं भुजगशयनं
शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं
पढ़ें और जपें →शांति मंत्र
ॐ सह नाववतु ।
पढ़ें और जपें →शिव चालीसा
॥ दोहा ॥
पढ़ें और जपें →शिव महिम्न स्तोत्र
महिम्नः पारं ते परमविदुषो यद्यसदृशी
पढ़ें और जपें →शिव पञ्चाक्षर स्तोत्र
नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय
पढ़ें और जपें →शिव सहस्रनाम
ध्यायेन्नित्यं महेशं रजतगिरिनिभं चारुचन्द्रावतंसं
पढ़ें और जपें →शिव अपराध क्षमापन स्तोत्रम्
जय शङ्कर पार्वतीपते कृपया पाहि परेश सत्पते ।
पढ़ें और जपें →शिव मानस पूजा
रत्नैः कल्पितमासनं हिमजलैः स्नानं च दिव्याम्बरं नानारत्नविभूषितं मृगमदामोदाङ्कितं चन्दनम्।
पढ़ें और जपें →शिवाष्टकम् (व्यास)
व्यास उवाच ।
पढ़ें और जपें →श्री रामचन्द्र कृपालु
श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन हरण भवभय दारुणम् ।
पढ़ें और जपें →सीता अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ सीतायै नमः
पढ़ें और जपें →सौन्दर्यलहरी
शिवः शक्त्या युक्तो यदि भवति शक्तः प्रभवितुं
पढ़ें और जपें →सुब्रह्मण्य (षण्मुख) अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ श्रीगणेशाय नमः
पढ़ें और जपें →सुब्रह्मण्य भुजङ्गम्
सदा बालरूपाऽपि विघ्नाद्रिहन्त्री
पढ़ें और जपें →सूर्य अष्टकम्
॥ श्री गणेशाय नमः ॥
पढ़ें और जपें →सूर्य अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ सूर्याय नमः
पढ़ें और जपें →तोटकाष्टकम्
विदिताखिलशास्त्रसुधाजलधे महितोपनिषत् कथितार्थनिधे ।
पढ़ें और जपें →त्रिपुरसुन्दरी स्तोत्रम्
गणेशग्रहनक्षत्रयोगिनीराशिरूपिणीम् ।
पढ़ें और जपें →त्वमेव माता च पिता त्वमेव
त्वमेव माता च पिता त्वमेव ।
पढ़ें और जपें →त्वमेव माता च पिता त्वमेव
त्वमेव माता च पिता त्वमेव
पढ़ें और जपें →वासांसि जीर्णानि
वासांसि जीर्णानि यथा विहाय नवानि गृह्णाति नरोऽपराणि ।
पढ़ें और जपें →वेदसार शिव स्तोत्रम्
॥ श्रीः॥
पढ़ें और जपें →वेङ्कटेश अष्टकम्
श्रीवेङ्कटेशपदपङ्कज धूलिपङ्क्तिः
पढ़ें और जपें →वेङ्कटेश्वर अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ ओंकारपरमर्थाय नमः
पढ़ें और जपें →विष्णु अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ हृषीकेशाय नमः
पढ़ें और जपें →विष्णु चालीसा
विष्णु सुनिए विनय, सेवक की चितलाय।
पढ़ें और जपें →विष्णु मंत्र
ॐ नमो नारायणाय ॥
पढ़ें और जपें →विष्णु सहस्रनाम
शुक्लाम्बरधरं विष्णुं शशिवर्णं चतुर्भुजम् ।
पढ़ें और जपें →विश्वनाथ अष्टकम्
आदिशम्भु-स्वरूप-मुनिवर-चन्द्रशीश-जटाधरं
पढ़ें और जपें →या देवी सर्वभूतेषु (तन्त्रोक्त देवीसूक्तम्)
देवा ऊचुः
पढ़ें और जपें →यति पञ्चकम् (कौपीन पञ्चकम्)
वेदान्तवाक्येषु सदा रमन्तो
पढ़ें और जपें →