Mantra.Tips
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सुरक्षा के मंत्र

Protective mantras to shield from negativity, fear and harm.

These protective mantras and kavachas — including the Ram Raksha Stotra, Hanuman Chalisa, Durga Kavach and Mahamrityunjaya — form a shield around the devotee against fear, enemies, accidents, illness, negative energy and black magic. Chanted daily or before travel and difficult situations, they invoke divine protection over body and mind. Each includes full Sanskrit lyrics, transliteration, meaning and a chanting guide.

146 mantras available in this collection

अच्युताष्टकम्

अच्युताच्युत हरे परमात्मन् राम कृष्ण पुरुषोत्तम विष्णो ।

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आदित्य हृदय स्तोत्र

ततो युद्धपरिश्रान्तं समरे चिन्तया स्थितम् ।

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आञ्जनेय भुजङ्गम्

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आञ्जनेय मङ्गलाष्टकम्

कपिश्रेष्ठाय शूराय सुग्रीवप्रियमन्त्रिणे ।

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अर्धनारीश्वर स्तोत्रम्

श्रीगणेशाय नमः ॥

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अर्गला स्तोत्रम्

ॐ अस्य श्रीअर्गलास्तोत्रमन्त्रस्य विष्णुरृषिः,

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बजरंग बाण

निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करै सनमान।

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श्री भैरव चालीसा

श्री गणपति गुरु गौरी पद, प्रेम सहित धरि माथ ।

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भवान्यष्टकम्

न तातो न माता न बन्धुर्न दाता न पुत्रो न पुत्री न भृत्यो न भर्ता ।

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बिल्वाष्टकम्

त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रियायुधम् ।

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बृहस्पति (गुरु) मंत्र

ॐ बृं बृहस्पतये नमः ॥

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बुध मंत्र

ॐ बुं बुधाय नमः ॥

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बुध स्तोत्रम्

अस्य श्रीबुधस्तोत्रमहामन्त्रस्य वसिष्ठ ऋषिः । अनुष्टुप्छन्दः ।

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चामुण्डा मंत्र एवं नवार्ण मंत्र

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे॥

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चंद्र मंत्र

ॐ सों सोमाय नमः ॥

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चन्द्र स्तोत्रम्

नमश्चन्द्रमसे ॥

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चन्द्रमौलीश स्तोत्रम्

श्रीगणेशाय नमः ।

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चिन्मय लिङ्गाष्टकम्

(श्रीरुद्रकृतम्)

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दक्षिणामूर्ति अष्टकम्

अगणितगुणगणमप्रमेमाद्यं

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दक्षिणामूर्ति अष्टोत्तर शतनामावली

ॐ ओङ्कारोद्यानकोकिलाय नमः

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दामोदराष्टकम्

दामोदराय कृष्णाय करे वंशीधराय च ।

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दशश्लोकी (निर्वाण दशकम्)

ॐ तत् सत्।

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दशावतार स्तोत्रम्

नमोऽस्तु नारायणमन्दिराय नमोऽस्तु हारायणकन्धराय ।

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दशरथ कृत शनि स्तोत्र

राजा दशरथः स्तोत्रं सौरेरिदमथाकरोत्॥

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देवी अपराध क्षमापन स्तोत्रम्

श्रीगणेशाय नमः ।

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धन्वन्तरि अष्टोत्तर शतनामावली

ॐ धन्वन्तरये नमः

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धन्वंतरि मंत्र

ॐ नमो भगवते धन्वन्तरये ।

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दुर्गा आरती — जय अम्बे गौरी

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।

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दुर्गा अष्टोत्तर शतनामावली

ॐ दुर्गायै नमः

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दुर्गा चालीसा

नमो नमो दुर्गे सुख करनी । नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी ॥

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दुर्गा कवच

ॐ अस्य श्री चण्डी कवचस्य ब्रह्मा ऋषिः।

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दुर्गा मंत्र

ॐ दुं दुर्गायै नमः ॥

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दुर्गा सूक्तम्

ॐ जातवेदसे सुनवाम सोममरातीयतो निदहाति वेदः ।

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द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र

सौराष्ट्रे सोमनाथं च श्रीशैले मल्लिकार्जुनम्।

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एकश्लोकी

किं ज्योतिस्तवभानुमानहनि मे रात्रौ प्रदीपादिकं

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गणेश (विघ्नेश्वर) अष्टोत्तर शतनामावली

ॐ विनायकाय नमः

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गणेश पञ्चचामर स्तोत्रम्

श्रीगणेशाय नमः ।

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श्री गंगा आरती

नमामि गंगे तव पादपंकजम् सुरासुरैः वन्दित दिव्यरूपम् ।

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गंगा स्तोत्र

देवि सुरेश्वरि भगवति गङ्गे त्रिभुवनतारिणि तरलतरङ्गे।

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गणपति अथर्वशीर्ष

॥ शान्ति पाठ ॥

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गायत्री अष्टोत्तर शतनामावली

ॐ तरुणादित्यसङ्काशायै नमः

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गोविन्दाष्टकम्

श्री गणेशाय नमः ॥

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हनुमान आरती

आरती कीजै हनुमान लला की।

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हनुमान अष्टोत्तर शतनामावली

ॐ अञ्जनीगर्भसम्भूताय नमः

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हनुमान बाहुक

सिंधु तरन, सिय-सोच हरन, रबि बाल बरन तनु ।

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हनुमान चालीसा

श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि।

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हनुमान द्वादशनाम स्तोत्र

हनुमानञ्जनासूनुर्वायुपुत्रो महाबलः।

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हनुमान गायत्री मंत्र

ॐ आञ्जनेयाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि।

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हनुमान मंत्र

ॐ हं हनुमते नमः ॥

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हनुमत् पञ्चरत्नम्

(भगवत्पादानां रामभुजङ्गतः)

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हरि स्तोत्रम्

जगज्जालपालं चलत्कण्ठमालं

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हयग्रीव अष्टोत्तर शतनामावली

ॐ हयग्रीवाय नमः

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जगन्नाथाष्टकम्

कदाचित्कालिन्दीतटविपिनसङ्गीतकरवो कवरो

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श्री काल भैरव आरती

जय भैरव देवा प्रभु जय भैरव देवा ।

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काल भैरव अष्टकम्

देवराजसेव्यमानपावनाङ्घ्रिपङ्कजं

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कालभैरव अष्टोत्तर शतनामावली

ॐ श्रीगणेशाय नमः

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श्री काली चालीसा

जयकाली कलिमलहरण, महिमा अगम अपार ।

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कालिका अष्टकम्

ध्यानम् ।

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கந்த சஷ்டி கவசம்

காப்பு

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काशी पञ्चकम्

मनोनिवृत्तिः परमोपशान्तिः

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केतु मंत्र

ॐ कें केतवे नमः ॥

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श्री खाटू श्याम आरती

ॐ जय श्री श्याम हरे बाबा जय श्री श्याम हरे ।

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खाटू श्याम चालीसा

श्री गुरु चरण ध्यान धर,सुमिरि सच्चिदानन्द।

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लक्ष्मी अष्टोत्तर शतनामावली

ॐ ब्रह्मज्ञायै नमः

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लक्ष्मीनृसिंह अष्टोत्तर शतनामावली

ॐ श्रीनृसिंहाय नमः

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लक्ष्मीनृसिंह करावलम्ब स्तोत्र

श्रीमत्पयोनिधिनिकेतन चक्रपाणे

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ललिता अष्टोत्तर शतनामावली

ॐ श्रीकामेश्वर्यै नमः

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ललिता सहस्रनाम

॥ ध्यानम् ॥

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महालक्ष्मी अष्टोत्तर शतनामावली

ॐ शुद्धलक्ष्म्यै नमः

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महालिङ्गाष्टकम्

महालिङ्गं महादेवं महेश्वरमुमापतिम् ।

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महिषासुर मर्दिनी स्तोत्रम्

अयि गिरिनन्दिनि नन्दितमेदिनि विश्वविनोदिनि नन्दनुते

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मंगल मंत्र

ॐ अं अङ्गारकाय नमः ॥

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मार्कण्डेय शिवाष्टकम्

सदा गोदावर्यास्तटनिकटवासं पशुपतिं

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मीनाक्षी स्तोत्रम्

गौरीं काञ्चनपद्मिनीतटगृहां श्रीसुन्दरेशप्रियां

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नमः शिवाष्टकम्

संसारदावानलशामकाय

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नृसिंह कवचम्

नृसिंहकवचं वक्ष्ये प्रह्लादेनोदितं पुरा ।

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नवग्रह अष्टोत्तर शतनामावली

ॐ भानवे नमः

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नवग्रह मंत्र

ॐ सूर्याय नमः

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नवग्रह पीडाहर स्तोत्रम्

ग्रहाणामादिरादित्यो लोकरक्षणकारकः ।

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श्री नवग्रह स्तोत्रम्

जपाकुसुमसङ्काशं काश्यपेयं महाद्युतिम् ।

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श्री नवग्रह चालीसा

श्री गणपति गुरुपद कमल प्रेम सहित सिरनाय ।

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निर्वाण मञ्जरी

अहं नामरो नैव मर्त्यो न दैत्यो

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ॐ नमो भगवते वासुदेवाय

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय

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पञ्चमुखी हनुमान कवच

ॐ श्री पञ्चवदनायाञ्जनेयाय नमः । ॐ अस्य श्री

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पंचमुखी हनुमान

ॐ श्री पञ्चवदनाय पञ्चमुख हनुमते नमः ।

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पाण्डुरङ्ग (विठ्ठल) अष्टोत्तर शतनामावली

ॐ क्लीम् नमः

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पाण्डुरङ्गाष्टकम्

ॐ श्री ।

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परशुराम अष्टकम्

शुभ्रदेहं सदा क्रोधरक्तेक्षणम्

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पार्वती अष्टोत्तर शतनामावली

ॐ महेश्वर्यै नमः

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पवनज अष्टकम्

भवभयापहं भारतीपतिं भजकसौख्यदं भानुदीधितिम् ।

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राहु मंत्र

ॐ रां राहवे नमः ॥

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राम चालीसा

श्री रघुबीर भक्त हितकारी।

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राम रक्षा स्तोत्र

॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥

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राम अष्टोत्तर शतनामावली

ॐ श्रीमत्सूर्यकुलाम्भोधिवर्धनीयकलानिधये नमः

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रामलिङ्गाष्टकम्

वेदवृन्दवन्दितं वरेण्यरूपसुन्दरं

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रङ्गनाथाष्टकम्

आनन्दरूपे निजबोधरूपे ब्रह्मस्वरूपे श्रुतिमूर्तिरूपे ।

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रङ्गनाथ अष्टोत्तर शतनामावली

ॐ श्रीरङ्गशायिने नमः

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शिव रुद्राष्टकम्

नमामीशमीशान निर्वाणरूपं

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सदाशिव अष्टकम्

नन्दिस्कन्धविराजितं गिरिजापतिं सुरसुन्दरं

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साधन पञ्चकम्

वेदो नित्यमधीयतां तदुदितं कर्म स्वनुष्ठीयतां

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श्री साईं चालीसा

पहले साईं के चरणों में, अपना शीश नमाऊं मैं।

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संकट मोचन हनुमानाष्टक

बालपना सों हनुमंत अति खेलें।

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सरस्वती अष्टोत्तर शतनामावली

ॐ सरस्वत्यै नमः

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शनि चालीसा

जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल करण कृपाल ।

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श्री शनिदेव आरती

जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी ।

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शनि मन्त्र

ॐ शं शनैश्चराय नमः ॥

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शनि वज्र पञ्जर कवचम्

श्री गणेशाय नमः ॥

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षण्मुख भुजङ्गम्

श्रीजगद्गुरु शृङ्गेरी

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षण्मुख पञ्चरत्नम्

ॐ श्रीगणेशाय नमः ।

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षण्मुख षट्पदी स्तोत्रम्

श्रीमयूराचलक्षेत्रे - (कुन्नक्कुड्यपरनामके)

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शान्ताकारं भुजगशयनं

शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं

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श्री शीतला माता आरती

मैया जय शीतला माता ।

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शिव महिम्न स्तोत्र

महिम्नः पारं ते परमविदुषो यद्यसदृशी

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शिव पञ्चाक्षर स्तोत्र

नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय

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शिव सहस्रनाम

ध्यायेन्नित्यं महेशं रजतगिरिनिभं चारुचन्द्रावतंसं

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शिव अपराध क्षमापन स्तोत्रम्

जय शङ्कर पार्वतीपते कृपया पाहि परेश सत्पते ।

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शिव तांडव स्तोत्रम्

जटाटवी गलज्जल प्रवाह पावितस्थले

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शिवाष्टकम् (व्यास)

व्यास उवाच ।

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श्री रामचन्द्र कृपालु

श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन हरण भवभय दारुणम् ।

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शुक्र मंत्र

ॐ शुं शुक्राय नमः ॥

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सिद्ध कुञ्जिका स्तोत्रम्

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे।

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श्री सीता आरती

आरती श्री जनकदुलारी की ।

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सीता अष्टोत्तर शतनामावली

ॐ सीतायै नमः

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सौन्दर्यलहरी

शिवः शक्त्या युक्तो यदि भवति शक्तः प्रभवितुं

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सुब्रह्मण्याष्टकम् (करावलम्ब स्तोत्र)

हे स्वामिनाथ करुणाकर दीनबन्धो

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सुब्रह्मण्य (षण्मुख) अष्टोत्तर शतनामावली

ॐ श्रीगणेशाय नमः

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सुब्रह्मण्य भुजङ्गम्

सदा बालरूपाऽपि विघ्नाद्रिहन्त्री

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सूर्य अष्टकम्

॥ श्री गणेशाय नमः ॥

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सूर्य अष्टोत्तर शतनामावली

ॐ सूर्याय नमः

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सूर्य मंत्र

ॐ घृणिः सूर्याय नमः ॥

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तोटकाष्टकम्

विदिताखिलशास्त्रसुधाजलधे महितोपनिषत् कथितार्थनिधे ।

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त्रिपुरसुन्दरी स्तोत्रम्

गणेशग्रहनक्षत्रयोगिनीराशिरूपिणीम् ।

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श्री तुलसी आरती

मैया जय तुलसी माता ।

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श्री वैष्णो देवी आरती

जय वैष्णवी माता मैया जय वैष्णवी माता ।

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श्री वैष्णो देवी चालीसा

गरुड़ वाहिनी वैष्णवी त्रिकुटा पर्वत धाम ।

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वेदसार शिव स्तोत्रम्

॥ श्रीः॥

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वेङ्कटेश अष्टकम्

श्रीवेङ्कटेशपदपङ्कज धूलिपङ्क्तिः

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वेङ्कटेश्वर अष्टोत्तर शतनामावली

ॐ ओंकारपरमर्थाय नमः

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विष्णु अष्टोत्तर शतनामावली

ॐ हृषीकेशाय नमः

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विष्णु चालीसा

विष्णु सुनिए विनय, सेवक की चितलाय।

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विष्णु सहस्रनाम

शुक्लाम्बरधरं विष्णुं शशिवर्णं चतुर्भुजम् ।

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श्री विश्वकर्मा आरती

जय श्री विश्वकर्मा ।

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विश्वनाथ अष्टकम्

आदिशम्भु-स्वरूप-मुनिवर-चन्द्रशीश-जटाधरं

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या देवी सर्वभूतेषु (तन्त्रोक्त देवीसूक्तम्)

देवा ऊचुः

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यदा यदा हि धर्मस्य

यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत ।

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यति पञ्चकम् (कौपीन पञ्चकम्)

वेदान्तवाक्येषु सदा रमन्तो

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Frequently Asked Questions

The Ram Raksha Stotra (a full-body "kavach"), the Hanuman Chalisa and Bajrang Baan, the Durga Kavach, and the Mahamrityunjaya Mantra are the most powerful for protection from all forms of harm.
Hanuman mantras (Hanuman Chalisa, Bajrang Baan), the Durga Kavach and "Om Namah Shivaya" are traditionally chanted to ward off negative energy, evil eye and black magic.
Recite the Ram Raksha Stotra or Hanuman Chalisa before setting out. Many devotees chant it daily each morning to keep a continuous shield of protection through the day.