सुरक्षा के मंत्र
Protective mantras to shield from negativity, fear and harm.
These protective mantras and kavachas — including the Ram Raksha Stotra, Hanuman Chalisa, Durga Kavach and Mahamrityunjaya — form a shield around the devotee against fear, enemies, accidents, illness, negative energy and black magic. Chanted daily or before travel and difficult situations, they invoke divine protection over body and mind. Each includes full Sanskrit lyrics, transliteration, meaning and a chanting guide.
380 mantras available in this collection
அபிராமி அந்தாதி
தாரமர் கொன்றையும் சண்பக மாலையும் சாத்தும் தில்லை
पढ़ें और जपें →अच्युताष्टकम्
अच्युताच्युत हरे परमात्मन् राम कृष्ण पुरुषोत्तम विष्णो ।
पढ़ें और जपें →आदित्य हृदय स्तोत्र
ततो युद्धपरिश्रान्तं समरे चिन्तया स्थितम् ।
पढ़ें और जपें →आदित्यहृदयं पुण्यम्
आदित्यहृदयं पुण्यं सर्वशत्रुविनाशनम् ।
पढ़ें और जपें →अघोर मंत्र (पंचब्रह्म — शिव का दक्षिण मुख)
अघोरेभ्योऽथ घोरेभ्यो
पढ़ें और जपें →अक्रूर स्तुति
नतोऽस्म्यहं त्वाखिलहेतुहेतुं
पढ़ें और जपें →महालक्ष्मी ध्यान (अक्षस्रक्परशुं)
ॐ अक्षस्रक्परशुं गदेषुकुलिशं पद्मं धनुष्कुण्डिकां
पढ़ें और जपें →अम्बे तू है जगदम्बे काली
अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली।
पढ़ें और जपें →अनन्याश्चिन्तयन्तो माम्
अनन्याश्चिन्तयन्तो मां
पढ़ें और जपें →अङ्गारक स्तोत्रम्
अस्य श्री अङ्गारकस्तोत्रस्य ।
पढ़ें और जपें →आञ्जनेय भुजङ्गम्
ॐ
पढ़ें और जपें →आञ्जनेय मङ्गलाष्टकम्
कपिश्रेष्ठाय शूराय सुग्रीवप्रियमन्त्रिणे ।
पढ़ें और जपें →श्री आञ्जनेय स्तोत्रम् (रामदूत स्तोत्रम्)
रं रं रं रक्तवर्णं दिनकरवदनं तीक्ष्णदंष्ट्राकरालं
पढ़ें और जपें →कॊण्डललो नॆलकॊन्न
कॊण्डललो नॆलकॊन्न कोनेटि रायडु वाडु
पढ़ें और जपें →आपदामपहर्तारम् (आपदामपहर्तारं श्लोक)
आपदामपहर्तारं दातारं सर्वसम्पदाम्।
पढ़ें और जपें →आपदुद्धारक हनुमत् स्तोत्रम्
ॐ अस्य श्रीआपदुद्धारक हनुमत्स्तोत्रमहामन्त्रस्य, विभीषण ऋषिः, हनुमान् देवता, सर्वापदुद्धारक श्रीहनुमत्प्रसादेन मम सर्वापन्निवृत्त्यर्थे, सर्वकार्यानुकूल्यसिद्ध्यर्थे जपे विनियोगः।
पढ़ें और जपें →अप्रतिरथ सूक्तम्
ॐ आशुः शिशानो वृषभो न भीमो घनाघनः क्षोभणश्चर्षणीनाम्।
पढ़ें और जपें →अर्धनारीश्वर स्तोत्रम्
श्रीगणेशाय नमः ॥
पढ़ें और जपें →अर्गला स्तोत्रम्
ॐ अस्य श्रीअर्गलास्तोत्रमन्त्रस्य विष्णुरृषिः,
पढ़ें और जपें →अर्जुनकृत दुर्गा स्तोत्रम्
नमस्ते सिद्धसेनानि आर्ये मन्दरवासिनि।
पढ़ें और जपें →अष्टभुजाष्टकम्
गजेन्द्ररक्षात्वरितं भवन्तं ग्राहैरिवाहं विषयैर्विकृष्टः ।
पढ़ें और जपें →अतुलं तत्र तत्तेजः (देवी का तेज से प्रादुर्भाव)
अतुलं तत्र तत्तेजः सर्वदेवशरीरजम् ।
पढ़ें और जपें →अयि शतखण्डविखण्डित
अयि शतखण्डविखण्डितरुण्डवितुण्डितशुण्डगजाधिपते
पढ़ें और जपें →श्री अय्यप्प अष्टोत्तरशतनामावली
ॐ महाशास्त्रे नमः।
पढ़ें और जपें →स्वामिये शरणम् अय्यप्पा
स्वामिये शरणम् अय्यप्पा।
पढ़ें और जपें →बगलामुखी स्तोत्रम् (श्रीब्रह्मास्त्रमहाविद्याबगलामुखीस्तोत्रम्)
अथ ध्यानम् —
पढ़ें और जपें →बजरंग बाण
निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करै सनमान।
पढ़ें और जपें →बटुक भैरव अष्टोत्तरशतनाम स्तोत्रम्
ॐ भैरवो भूतनाथश्च भूतात्मा भूतभावनः।
पढ़ें और जपें →बटुक भैरव स्तोत्रम्
वन्दे बालं स्फटिकसदृशं कुण्डलोद्भासिवक्त्रं
पढ़ें और जपें →श्रीमद्भगवद्गीता ११.४४ — तस्मात्प्रणम्य प्रणिधाय कायम्
तस्मात्प्रणम्य प्रणिधाय कायं
पढ़ें और जपें →श्रीमद्भगवद्गीता ११.४९ — मा ते व्यथा मा च विमूढभावो
मा ते व्यथा मा च विमूढभावो
पढ़ें और जपें →श्रीमद्भगवद्गीता १२.६-७ — ये तु सर्वाणि कर्माणि
ये तु सर्वाणि कर्माणि मयि संन्यस्य मत्पराः।
पढ़ें और जपें →श्रीमद्भगवद्गीता 16.21 — त्रिविधं नरकस्येदं द्वारम्
त्रिविधं नरकस्येदं द्वारं नाशनमात्मनः।कामः क्रोधस्तथा लोभस्तस्मादेतत्त्रयं त्यजेत्॥
पढ़ें और जपें →श्रीमद्भगवद्गीता १८.५८ — मच्चित्तः सर्वदुर्गाणि
मच्चित्तः सर्वदुर्गाणि मत्प्रसादात्तरिष्यसि।अथ चेत्त्वमहङ्कारान्न श्रोष्यसि विनङ्क्ष्यसि॥
पढ़ें और जपें →श्रीमद्भगवद्गीता १८.६२ — तमेव शरणं गच्छ
तमेव शरणं गच्छ सर्वभावेन भारत।तत्प्रसादात्परां शान्तिं स्थानं प्राप्स्यसि शाश्वतम्॥
पढ़ें और जपें →పలుకే బంగారమాయెన
పలుకే బంగారమాయెన కోదండపాణి
पढ़ें और जपें →भगवती दुर्गा दुर्गार्तिनाशिनी (निशुम्भ-वध)
ततो भगवती क्रुद्धा दुर्गा दुर्गार्तिनाशिनी ।
पढ़ें और जपें →श्री भैरव चालीसा
श्री गणपति गुरु गौरी पद, प्रेम सहित धरि माथ ।
पढ़ें और जपें →भक्तामर स्तोत्र
भक्तामर-प्रणत-मौलि-मणि-प्रभाणा-
पढ़ें और जपें →भवान्यष्टकम्
न तातो न माता न बन्धुर्न दाता न पुत्रो न पुत्री न भृत्यो न भर्ता ।
पढ़ें और जपें →भवानीभुजङ्गम्
षडाधारपङ्केरुहान्तर्विराजत्
पढ़ें और जपें →भूत पिशाच निकट नहिं आवै
भूत पिशाच निकट नहिं आवै।
पढ़ें और जपें →भ्रमराम्बाष्टकम्
चाञ्चल्यारुणलोचनाञ्चितकृपाचन्द्रार्कपट्टोदरां
पढ़ें और जपें →भ्रुकुटीकुटिलात्तस्या (देवी की भृकुटि से काली का प्रादुर्भाव)
भ्रुकुटीकुटिलात्तस्या ललाटफलकाद्द्रुतम् ।
पढ़ें और जपें →भूतनाथ स्तोत्रम् (भूतनाथ सदानन्द)
भूतनाथ सदानन्द सर्वभूतदयापर ।
पढ़ें और जपें →बिल्वाष्टकम्
त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रियायुधम् ।
पढ़ें और जपें →ब्रह्मकृत राम स्तुति
भवान्नारायणो देवः श्रीमांश्चक्रायुधः प्रभुः।
पढ़ें और जपें →बृहस्पतिकवचम्
॥ श्रीगणेशाय नमः ॥
पढ़ें और जपें →बृहस्पति (गुरु) मंत्र
ॐ बृं बृहस्पतये नमः ॥
पढ़ें और जपें →बुध मंत्र
ॐ बुं बुधाय नमः ॥
पढ़ें और जपें →बुध स्तोत्रम्
अस्य श्रीबुधस्तोत्रमहामन्त्रस्य वसिष्ठ ऋषिः । अनुष्टुप्छन्दः ।
पढ़ें और जपें →बुध कवचम्
श्रीगणेशाय नमः ।
पढ़ें और जपें →चामुण्डा मंत्र एवं नवार्ण मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे॥
पढ़ें और जपें →चामुण्डे विस्तीर्णं वदनं कुरु (रक्तबीज-वध)
रक्तबिन्दुर्यदा भूमौ पतत्यस्य शरीरतः ।
पढ़ें और जपें →ਚੰਡੀ ਦੀ ਵਾਰ
ਚੰਡੀ ਦੀ ਵਾਰ ॥
पढ़ें और जपें →चन्द्र अष्टोत्तर शतनामावली
श्रीमते नमः
पढ़ें और जपें →चन्द्रकवचम्
॥ श्रीगणेशाय नमः ॥
पढ़ें और जपें →चंद्र मंत्र
ॐ सों सोमाय नमः ॥
पढ़ें और जपें →चन्द्र स्तोत्रम्
नमश्चन्द्रमसे ॥
पढ़ें और जपें →चन्द्रमौलीश स्तोत्रम्
श्रीगणेशाय नमः ।
पढ़ें और जपें →चन्द्रशेखर अष्टकम्
चन्द्रशेखर चन्द्रशेखर चन्द्रशेखर पाहि माम्।
पढ़ें और जपें →ਬੇਨਤੀ ਚੌਪਈ ਸਾਹਿਬ
ੴ ਸ੍ਰੀ ਵਾਹਿਗੁਰੂ ਜੀ ਕੀ ਫਤਹ ॥
पढ़ें और जपें →चिन्मय लिङ्गाष्टकम्
(श्रीरुद्रकृतम्)
पढ़ें और जपें →दक्षिणामूर्ति अष्टकम्
अगणितगुणगणमप्रमेमाद्यं
पढ़ें और जपें →दक्षिणामूर्ति अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ ओङ्कारोद्यानकोकिलाय नमः
पढ़ें और जपें →दामोदराष्टकम्
दामोदराय कृष्णाय करे वंशीधराय च ।
पढ़ें और जपें →दशश्लोकी (निर्वाण दशकम्)
ॐ तत् सत्।
पढ़ें और जपें →दशावतार स्तोत्रम्
नमोऽस्तु नारायणमन्दिराय नमोऽस्तु हारायणकन्धराय ।
पढ़ें और जपें →दशरथ कृत शनि स्तोत्र
राजा दशरथः स्तोत्रं सौरेरिदमथाकरोत्॥
पढ़ें और जपें →दत्त बावनी
जय योगीश्वर दत्त दयाळ। तुं ज एक जगमां प्रतिपाळ॥
पढ़ें और जपें →श्रीदत्तात्रेय वज्रकवचम्
ॐ दत्तात्रेय शिरः पातु सहस्राब्जेषु संस्थितः।
पढ़ें और जपें →देवकी स्तुति
श्रीदेवक्युवाच
पढ़ें और जपें →देवी अपराध क्षमापन स्तोत्रम्
श्रीगणेशाय नमः ।
पढ़ें और जपें →देवि प्रपन्नार्तिहरे प्रसीद
देवि प्रपन्नार्तिहरे प्रसीद
पढ़ें और जपें →देवि प्रसीद परिपालय
देवि प्रसीद परिपालय नोऽरिभीते-
पढ़ें और जपें →देवी प्रातःस्मरण स्तोत्रम्
प्रातः स्मरामि शरदिन्दुकरोज्ज्वलाभां
पढ़ें और जपें →देव्या यया ततमिदं जगत् (शक्रादि स्तुति का प्रारम्भ)
ऋषिरुवाच
पढ़ें और जपें →धन्वन्तरि अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ धन्वन्तरये नमः
पढ़ें और जपें →धन्वंतरि उपचार मंत्र (महामंत्र)
ॐ नमो भगवते महासुदर्शनाय वासुदेवाय धन्वन्तरये।
पढ़ें और जपें →धन्वंतरि मंत्र
ॐ नमो भगवते धन्वन्तरये ।
पढ़ें और जपें →धराधरेन्द्रनन्दिनीविलासबन्धु
धराधरेन्द्र नन्दिनी विलासबन्धु बन्धुर
पढ़ें और जपें →धर्मशास्ता स्तोत्रम् (लोकवीरं महापूज्यम्)
लोकवीरं महापूज्यं सर्वरक्षाकरं विभुम् ।
पढ़ें और जपें →धूमावती स्तोत्रम् (धूमावत्यष्टकम्)
प्रातर्यास्यात् कुमारी कुसुमकलिकया जापमालां जपन्ती
पढ़ें और जपें →ध्यायेदाजानुबाहुं (श्रीराम ध्यान)
ध्यायेदाजानुबाहुं धृतशरधनुषं बद्धपद्मासनस्थं
पढ़ें और जपें →दुं बीज मंत्र (ॐ दुं दुर्गायै नमः)
ॐ दुं
पढ़ें और जपें →दुर्गा आरती — जय अम्बे गौरी
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।
पढ़ें और जपें →श्री दुर्गा आपदुद्धारक स्तोत्रम्
नमस्ते शरण्ये शिवे सानुकम्पे
पढ़ें और जपें →श्री दुर्गाष्टकम्
कात्यायनि महामाये खड्गबाणधनुर्धरि।
पढ़ें और जपें →दुर्गा अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ दुर्गायै नमः
पढ़ें और जपें →दुर्गा चालीसा
नमो नमो दुर्गे सुख करनी । नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी ॥
पढ़ें और जपें →दुर्गा द्वादशनाम स्तोत्रम्
ॐ दुर्गा दुर्गार्तिशमनी दुर्गापद्विनिवारिणी।
पढ़ें और जपें →दुर्गा द्वात्रिंशन्नाममाला स्तोत्रम्
दुर्गा दुर्गार्तिशमनी दुर्गापद्विनिवारिणी ।
पढ़ें और जपें →दुर्गा कवच
ॐ अस्य श्री चण्डी कवचस्य ब्रह्मा ऋषिः।
पढ़ें और जपें →दुर्गा मंत्र
ॐ दुं दुर्गायै नमः ॥
पढ़ें और जपें →दुर्गा सूक्तम्
ॐ जातवेदसे सुनवाम सोममरातीयतो निदहाति वेदः ।
पढ़ें और जपें →दुर्गे दुर्घट भारी
दुर्गे दुर्घट भारी तुजवीण संसारीं ।
पढ़ें और जपें →दुर्गे स्मृता हरसि
दुर्गे स्मृता हरसि भीतिमशेषजन्तोः
पढ़ें और जपें →दुर्जनः परिहर्तव्यः
दुर्जनः परिहर्तव्यो विद्ययालङ्कृतोऽपि सन्।
पढ़ें और जपें →द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र
सौराष्ट्रे सोमनाथं च श्रीशैले मल्लिकार्जुनम्।
पढ़ें और जपें →एभिः स्तवैश्च मां नित्यम्
देव्युवाच
पढ़ें और जपें →एकश्लोकी
किं ज्योतिस्तवभानुमानहनि मे रात्रौ प्रदीपादिकं
पढ़ें और जपें →गजेन्द्रमोक्ष स्तोत्रम्
श्रीशुक उवाच -
पढ़ें और जपें →गणेश (विघ्नेश्वर) अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ विनायकाय नमः
पढ़ें और जपें →गणेश कवचम्
एषोऽतिचपलो दैत्यान्बाल्येऽपि नाशयत्यहो।
पढ़ें और जपें →गणेश पञ्चचामर स्तोत्रम्
श्रीगणेशाय नमः ।
पढ़ें और जपें →श्री गंगा आरती
नमामि गंगे तव पादपंकजम् सुरासुरैः वन्दित दिव्यरूपम् ।
पढ़ें और जपें →गंगा स्तोत्र
देवि सुरेश्वरि भगवति गङ्गे त्रिभुवनतारिणि तरलतरङ्गे।
पढ़ें और जपें →गणपति अथर्वशीर्ष
॥ शान्ति पाठ ॥
पढ़ें और जपें →गर्भ स्तुति
सत्यव्रतं सत्यपरं त्रिसत्यं
पढ़ें और जपें →गर्ज गर्ज क्षणं मूढ (देवी की ललकार और महिषासुर-वध)
देव्युवाच
पढ़ें और जपें →गरुड गमन तव (विष्णु स्तोत्रम्)
गरुडगमन तव चरणकमलमिह
पढ़ें और जपें →गरुड़ गायत्री मंत्र
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे सुवर्णपक्षाय धीमहि ।
पढ़ें और जपें →गायत्री अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ तरुणादित्यसङ्काशायै नमः
पढ़ें और जपें →गायत्री कवचम्
अस्य श्रीगायत्रीकवचस्य ब्रह्मविष्णुमहेश्वरा ऋषयः।
पढ़ें और जपें →घालीन लोटांगण
घालीन लोटांगण वंदीन चरण ।
पढ़ें और जपें →गोवर्धनधरं वन्दे
गोवर्धनधरं वन्दे गोपालं गोकुलोत्सवम्।
पढ़ें और जपें →गोविन्द दामोदर स्तोत्रम्
अग्रे कुरूणामथ पाण्डवानां
पढ़ें और जपें →गोविन्दाष्टकम्
श्री गणेशाय नमः ॥
पढ़ें और जपें →हंसयुक्तविमानस्थे — नारायणि नमोऽस्तु ते (मातृका रूप)
हंसयुक्तविमानस्थे ब्रह्माणीरूपधारिणि ।
पढ़ें और जपें →हनुमान आरती
आरती कीजै हनुमान लला की।
पढ़ें और जपें →हनुमान अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ अञ्जनीगर्भसम्भूताय नमः
पढ़ें और जपें →हनुमान बाहुक
सिंधु तरन, सिय-सोच हरन, रबि बाल बरन तनु ।
पढ़ें और जपें →हनुमान चालीसा
श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि।
पढ़ें और जपें →हनुमान द्वादशनाम स्तोत्र
हनुमानञ्जनासूनुर्वायुपुत्रो महाबलः।
पढ़ें और जपें →हनुमान गायत्री मंत्र
ॐ आञ्जनेयाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि।
पढ़ें और जपें →हनुमान मंत्र
ॐ हं हनुमते नमः ॥
पढ़ें और जपें →हनुमान स्तुति (अतुलितबलधामं)
अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं
पढ़ें और जपें →हनुमान् वडवानल स्तोत्रम्
अस्य श्रीहनुमद्वडवानलस्तोत्रमन्त्रस्य श्रीरामचन्द्र ऋषिः,
पढ़ें और जपें →हनुमत् पञ्चरत्नम्
(भगवत्पादानां रामभुजङ्गतः)
पढ़ें और जपें →श्री हनुमत् स्तोत्रम्
अक्षादिराक्षसहरं दशकण्ठदर्प-
पढ़ें और जपें →हरि स्तोत्रम्
जगज्जालपालं चलत्कण्ठमालं
पढ़ें और जपें →हरि वायु स्तुति
पान्त्वस्मान् पुरुहूत-वैरि-बलवन्-मातङ्ग-माद्यद्-घटा-
पढ़ें और जपें →हयग्रीव अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ हयग्रीवाय नमः
पढ़ें और जपें →हिनस्ति दैत्यतेजांसि
हिनस्ति दैत्यतेजांसि स्वनेनापूर्य या जगत् ।
पढ़ें और जपें →हुङ्कारेणैव तं भस्म (धूम्रलोचन का भस्म होना)
देव्युवाच
पढ़ें और जपें →इन्द्र सूक्तम् (यो जात एव)
ॐ यो जात एव प्रथमो मनस्वान्
पढ़ें और जपें →इत्युक्त्वा सा भगवती चण्डिका
ऋषिरुवाच
पढ़ें और जपें →ਜਾਪੁ ਸਾਹਿਬ
ੴ ਸਤਿਗੁਰ ਪ੍ਰਸਾਦਿ ॥
पढ़ें और जपें →जगन्नाथ स्तोत्रम् (नीलाचलनिवासाय)
नीलाचलनिवासाय नित्याय परमात्मने ।
पढ़ें और जपें →जगन्नाथाष्टकम्
कदाचित्कालिन्दीतटविपिनसङ्गीतकरवो कवरो
पढ़ें और जपें →जयन्ती मङ्गला काली स्तोत्रम्
जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी।
पढ़ें और जपें →जयन्ती मंगला काली
जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी ।
पढ़ें और जपें →श्री काल भैरव आरती
जय भैरव देवा प्रभु जय भैरव देवा ।
पढ़ें और जपें →काल भैरव अष्टकम्
देवराजसेव्यमानपावनाङ्घ्रिपङ्कजं
पढ़ें और जपें →कालभैरव अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ श्रीगणेशाय नमः
पढ़ें और जपें →श्री काली माता की आरती
मंगल की सेवा सुन मेरी देवा ।
पढ़ें और जपें →श्री काली चालीसा
जयकाली कलिमलहरण, महिमा अगम अपार ।
पढ़ें और जपें →कालिका अष्टकम्
ध्यानम् ।
पढ़ें और जपें →कल्याण मन्दिर स्तोत्र
कल्याण-मन्दिर-मुदार-मवद्य-भेदि
पढ़ें और जपें →श्री कामाख्या स्तोत्रम्
जय कामेशि चामुण्डे जय भूतापहारिणि।
पढ़ें और जपें →कामाक्षी स्तोत्रम्
कल्पानोकह-पुष्प-जाल-विलसन्नीलालकां मातृकां
पढ़ें और जपें →कामासिकाष्टकम्
श्रुतीनामुत्तरं भागं वेगवत्याश्च दक्षिणम् ।
पढ़ें और जपें →கந்த சஷ்டி கவசம்
காப்பு
पढ़ें और जपें →கந்தர் அலங்காரம்
காப்பு
पढ़ें और जपें →கந்தர் அனுபூதி
நெஞ்சக் கனகல்லு நெகிழ்ந்து உருகத்
पढ़ें और जपें →कार्तिकेय अष्टकम्
नमोऽस्तु वृन्दारकवृन्दवन्द्यपादारविन्दाय सुधाकराय।
पढ़ें और जपें →काशी पञ्चकम्
मनोनिवृत्तिः परमोपशान्तिः
पढ़ें और जपें →केतुकवचम्
॥ श्रीगणेशाय नमः ॥
पढ़ें और जपें →केतु मंत्र
ॐ कें केतवे नमः ॥
पढ़ें और जपें →श्री खाटू श्याम आरती
ॐ जय श्री श्याम हरे बाबा जय श्री श्याम हरे ।
पढ़ें और जपें →खाटू श्याम चालीसा
श्री गुरु चरण ध्यान धर,सुमिरि सच्चिदानन्द।
पढ़ें और जपें →क्रीं बीज मंत्र
ॐ क्रीं
पढ़ें और जपें →श्रीकृष्ण अष्टोत्तर शतनामावली
श्रीकृष्णाय नमः
पढ़ें और जपें →कृष्ण कृष्ण महायोगिन्
कृष्ण कृष्ण महायोगिन् भक्तानामभयङ्कर ।
पढ़ें और जपें →कृष्णाय वासुदेवाय
कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने ।
पढ़ें और जपें →कुन्ती स्तुति
नमस्ये पुरुषं त्वाद्यमीश्वरं प्रकृतेः परम् ।
पढ़ें और जपें →लक्ष्मी अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ ब्रह्मज्ञायै नमः
पढ़ें और जपें →लक्ष्मि लज्जे महाविद्ये
दंष्ट्राकरालवदने शिरोमालाविभूषणे ।
पढ़ें और जपें →लक्ष्मीनृसिंह अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ श्रीनृसिंहाय नमः
पढ़ें और जपें →लक्ष्मीनृसिंह करावलम्ब स्तोत्र
श्रीमत्पयोनिधिनिकेतन चक्रपाणे
पढ़ें और जपें →लक्ष्मीनृसिंह पञ्चरत्नम्
त्वत्प्रभुजीवप्रियमिच्छसि चेन्
पढ़ें और जपें →ललिता अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ श्रीकामेश्वर्यै नमः
पढ़ें और जपें →ललिता सहस्रनाम
॥ ध्यानम् ॥
पढ़ें और जपें →लवथवती विक्राळा (शंकराची आरती)
लवथवती विक्राळा ब्रह्मांडीं माळा ।
पढ़ें और जपें →लोकाभिरामं रणरङ्गधीरम्
लोकाभिरामं रणरङ्गधीरं
पढ़ें और जपें →महामृत्युंजय स्तोत्रम्
रुद्रं पशुपतिं स्थाणुं नीलकण्ठमुमापतिम्।
पढ़ें और जपें →महालक्ष्मी अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ शुद्धलक्ष्म्यै नमः
पढ़ें और जपें →महालक्ष्मी कवचम्
इन्द्र उवाच —
पढ़ें और जपें →महालिङ्गाष्टकम्
महालिङ्गं महादेवं महेश्वरमुमापतिम् ।
पढ़ें और जपें →महिषासुर मर्दिनी स्तोत्रम्
अयि गिरिनन्दिनि नन्दितमेदिनि विश्वविनोदिनि नन्दनुते
पढ़ें और जपें →मंगल मंत्र
ॐ अं अङ्गारकाय नमः ॥
पढ़ें और जपें →मंगल गायत्री मंत्र
ॐ अङ्गारकाय विद्महे शक्तिहस्ताय धीमहि ।
पढ़ें और जपें →मङ्गलकवचम्
॥ श्रीगणेशाय नमः ॥
पढ़ें और जपें →मनोजवं मारुततुल्यवेगं
मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम् ।
पढ़ें और जपें →मन्यु सूक्तम्
यस्ते मन्योऽविधद्वज्र सायक सह ओजः पुष्यति विश्वमानुषक्।
पढ़ें और जपें →मार्गबन्धु स्तोत्रम्
शम्भो महादेव देव शिव शम्भो महादेव देवेश शम्भो।
पढ़ें और जपें →मार्कण्डेय शिवाष्टकम्
सदा गोदावर्यास्तटनिकटवासं पशुपतिं
पढ़ें और जपें →मयूरेश स्तोत्रम्
ब्रह्मोवाच ।
पढ़ें और जपें →मीनाक्षी स्तोत्रम्
गौरीं काञ्चनपद्मिनीतटगृहां श्रीसुन्दरेशप्रियां
पढ़ें और जपें →मेघश्यामं पीतकौशेयवासम्
मेघश्यामं पीतकौशेयवासं
पढ़ें और जपें →मुकुन्दमाला स्तोत्रम्
वन्दे मुकुन्दमरविन्ददलायताक्षं
पढ़ें और जपें →नमः शिवाष्टकम्
संसारदावानलशामकाय
पढ़ें और जपें →नमामि भक्तवत्सलं (राम स्तुति)
नमामि भक्तवत्सलं । कृपालु शील कोमलं ।
पढ़ें और जपें →नमस्ते नरसिंहाय (नृसिंह प्रणाम)
नमस्ते नरसिंहाय प्रह्लादाह्लाददायिने ।
पढ़ें और जपें →नमो ब्रह्मण्यदेवाय
नमो ब्रह्मण्यदेवाय गोब्राह्मणहिताय च ।
पढ़ें और जपें →नमो देव्यै महादेव्यै
नमो देव्यै महादेव्यै शिवायै सततं नमः ।
पढ़ें और जपें →नन्दगोपगृहे जाता (देवी की भावी अवतार-भविष्यवाणी)
देव्युवाच
पढ़ें और जपें →नन्दिकेश्वर गायत्री मंत्र (नन्दी गायत्री)
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे
पढ़ें और जपें →नृसिंह अष्टोत्तर शतनामावली
श्रीनृसिंहाय नमः
पढ़ें और जपें →नृसिंह गायत्री मंत्र
ॐ वज्रनखाय विद्महे तीक्ष्णदंष्ट्राय धीमहि ।
पढ़ें और जपें →नृसिंह कवचम्
नृसिंहकवचं वक्ष्ये प्रह्लादेनोदितं पुरा ।
पढ़ें और जपें →नृसिंह नख स्तुतिः
पान्त्वस्मान् पुरुहूतवैरिबलवन्मातङ्गमाद्यद्घटा-
पढ़ें और जपें →नारायणी स्तुति
देवि प्रपन्नार्तिहरे प्रसीद
पढ़ें और जपें →नासै रोग हरै सब पीरा
नासै रोग हरै सब पीरा।
पढ़ें और जपें →नास्था धर्मे न वसुनिचये
नास्था धर्मे न वसुनिचये नैव कामोपभोगे
पढ़ें और जपें →नवनाग स्तोत्र (अनन्तं वासुकिं शेषं)
अनन्तं वासुकिं शेषं पद्मनाभं च कम्बलम्।
पढ़ें और जपें →नवदुर्गा स्तोत्रम्
वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्।
पढ़ें और जपें →नवग्रह अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ भानवे नमः
पढ़ें और जपें →नवग्रह मंत्र
ॐ सूर्याय नमः
पढ़ें और जपें →नवग्रह पीडाहर स्तोत्रम्
ग्रहाणामादिरादित्यो लोकरक्षणकारकः ।
पढ़ें और जपें →श्री नवग्रह स्तोत्रम्
जपाकुसुमसङ्काशं काश्यपेयं महाद्युतिम् ।
पढ़ें और जपें →श्री नवग्रह चालीसा
श्री गणपति गुरुपद कमल प्रेम सहित सिरनाय ।
पढ़ें और जपें →निर्वाण मञ्जरी
अहं नामरो नैव मर्त्यो न दैत्यो
पढ़ें और जपें →न्यासदशकम्
अहं मद्रक्षणभरो मद्रक्षणफलं तथा ।
पढ़ें और जपें →प्रत्यंगिरा मंत्र (ॐ ह्रीं प्रत्यंगिरायै नमः)
ॐ ह्रीं प्रत्यंगिरायै नमः॥
पढ़ें और जपें →ॐ नमो भगवते रुद्राय
ॐ नमो भगवते रुद्राय॥
पढ़ें और जपें →ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
पढ़ें और जपें →ॐ नमो नारायणाय (अष्टाक्षर मंत्र)
ॐ नमो नारायणाय॥
पढ़ें और जपें →सुदर्शन मंत्र (ॐ सहस्रार हुं फट्)
ॐ सहस्रार हुं फट्॥
पढ़ें और जपें →ॐ शरवणभव मंत्र (सुब्रह्मण्य षडक्षर)
ॐ शरवणभव॥
पढ़ें और जपें →विश्वं विष्णुर्वषट्कारः
हरिः ॐ ।
पढ़ें और जपें →विष्णु पञ्चायुध स्तोत्रम्
स्फुरत्सहस्रारशिखातितीव्रं
पढ़ें और जपें →पञ्चमुखी हनुमान कवच
ॐ श्री पञ्चवदनायाञ्जनेयाय नमः । ॐ अस्य श्री
पढ़ें और जपें →पंचमुखी हनुमान
ॐ श्री पञ्चवदनाय पञ्चमुख हनुमते नमः ।
पढ़ें और जपें →पाण्डुरङ्ग (विठ्ठल) अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ क्लीम् नमः
पढ़ें और जपें →पाण्डुरङ्गाष्टकम्
ॐ श्री ।
पढ़ें और जपें →परमार्थस्तुतिः
श्रीमद्गृध्रसरस्तीरपारिजातमुपास्महे ।
पढ़ें और जपें →परशुराम अष्टकम्
शुभ्रदेहं सदा क्रोधरक्तेक्षणम्
पढ़ें और जपें →परित्राणाय साधूनाम्
परित्राणाय साधूनां
पढ़ें और जपें →पार्वती अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ महेश्वर्यै नमः
पढ़ें और जपें →पार्वती चालीसा
॥ दोहा ॥
पढ़ें और जपें →पार्वतीवल्लभनीलकण्ठाष्टकम्
नमो भूतनाथं नमो देवदेवं नमः कालकालं नमो दिव्यतेजः।
पढ़ें और जपें →पशुपत्यष्टकम्
पशुपतीन्दुपतिं धरणीपतिं भुजगलोकपतिं च सतीपतिम्।
पढ़ें और जपें →पवन तनय संकट हरन
पवन तनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप।
पढ़ें और जपें →पवनज अष्टकम्
भवभयापहं भारतीपतिं भजकसौख्यदं भानुदीधितिम् ।
पढ़ें और जपें →दशावतार स्तोत्रम् — प्रलयपयोधिजले (जयदेव)
प्रलयपयोधिजले धृतवानसि वेदं विहितवहित्रचरित्रमखेदम् ।
पढ़ें और जपें →राहु गायत्री मंत्र
ॐ नाकध्वजाय विद्महे पद्महस्ताय धीमहि ।
पढ़ें और जपें →राहुकवचम्
॥ श्रीगणेशाय नमः ॥
पढ़ें और जपें →राहु मंत्र
ॐ रां राहवे नमः ॥
पढ़ें और जपें →रक्षाबन्धन मंत्र (येन बद्धो बली राजा)
येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः।
पढ़ें और जपें →राम चालीसा
श्री रघुबीर भक्त हितकारी।
पढ़ें और जपें →राम दूत अतुलित बल धामा
राम दूत अतुलित बल धामा।
पढ़ें और जपें →राम रक्षा स्तोत्र
॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥
पढ़ें और जपें →श्रीराम आपदुद्धारण स्तोत्रम्
आपदामपहर्तारं दातारं सर्वसम्पदाम् ।
पढ़ें और जपें →राम अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ श्रीमत्सूर्यकुलाम्भोधिवर्धनीयकलानिधये नमः
पढ़ें और जपें →तक्कुवेमि मनकू
तक्कुवेमि मनकू रामुं-डॊक्कडुण्डु वरकू
पढ़ें और जपें →रामलिङ्गाष्टकम्
वेदवृन्दवन्दितं वरेण्यरूपसुन्दरं
पढ़ें और जपें →रामस्कन्दं हनुमन्तम्
रामस्कन्दं हनूमन्तं वैनतेयं वृकोदरम्।
पढ़ें और जपें →रामो राजमणिः सदा विजयते
रामो राजमणिः सदा विजयते रामं रमेशं भजे
पढ़ें और जपें →रामो विग्रहवान्धर्मः
रामो विग्रहवान्धर्मः साधुः सत्यपराक्रमः ।
पढ़ें और जपें →रङ्गनाथाष्टकम्
आनन्दरूपे निजबोधरूपे ब्रह्मस्वरूपे श्रुतिमूर्तिरूपे ।
पढ़ें और जपें →रङ्गनाथ अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ श्रीरङ्गशायिने नमः
पढ़ें और जपें →रात्रि सूक्तम्
रात्री व्यख्यदायती पुरुत्रा देव्यक्षभिः ।
पढ़ें और जपें →ऋणमोचक मङ्गल स्तोत्रम्
॥ श्रीगणेशाय नमः ॥
पढ़ें और जपें →रोगानशेषानपहंसि तुष्टा
रोगानशेषानपहंसि तुष्टा
पढ़ें और जपें →शिव रुद्राष्टकम्
नमामीशमीशान निर्वाणरूपं
पढ़ें और जपें →रुद्र सूक्तम्
ॐ आ ते पितर्मरुतां सुम्नमेतु मा नः सूर्यस्य संदृशो युयोथाः।
पढ़ें और जपें →रूपं देहि जयं देहि
ॐ जय त्वं देवि चामुण्डे जय भूतापहारिणि ।
पढ़ें और जपें →सदाशिव अष्टकम्
नन्दिस्कन्धविराजितं गिरिजापतिं सुरसुन्दरं
पढ़ें और जपें →साधन पञ्चकम्
वेदो नित्यमधीयतां तदुदितं कर्म स्वनुष्ठीयतां
पढ़ें और जपें →सद्योजात मंत्र (पंचब्रह्म — शिव का पश्चिम मुख)
सद्योजातं प्रपद्यामि
पढ़ें और जपें →श्री साईं चालीसा
पहले साईं के चरणों में, अपना शीश नमाऊं मैं।
पढ़ें और जपें →संकट कटै मिटै सब पीरा
संकट कटै मिटै सब पीरा।
पढ़ें और जपें →संकट मोचन हनुमानाष्टक
बालपना सों हनुमंत अति खेलें।
पढ़ें और जपें →संकट मोचन नाम तिहारो
संकट मोचन नाम तिहारो।
पढ़ें और जपें →सप्तश्लोकी दुर्गा
ॐ अस्य श्रीदुर्गासप्तश्लोकीस्तोत्रमन्त्रस्य नारायण ऋषिः,
पढ़ें और जपें →सरस्वती अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ सरस्वत्यै नमः
पढ़ें और जपें →सरस्वती कवचम्
शृणु वत्स प्रवक्ष्यामि कवचं सर्वकामदम्।
पढ़ें और जपें →सर्पः क्रूरः खलः क्रूरः
सर्पः क्रूरः खलः क्रूरः सर्पात्क्रूरतरः खलः।
पढ़ें और जपें →सर्वाबाधाविनिर्मुक्तो
सर्वाबाधाविनिर्मुक्तो धनधान्यसमन्वितः ।
पढ़ें और जपें →सर्व मंगल मांगल्ये
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके।
पढ़ें और जपें →सर्वं ममैतन्माहात्म्यम्
सर्वं ममैतन्माहात्म्यं मम सन्निधिकारकम् ।
पढ़ें और जपें →सर्वस्वरूपे सर्वेशे
सर्वस्वरूपे सर्वेशे सर्वशक्तिसमन्विते ।
पढ़ें और जपें →सर्वस्य बुद्धिरूपेण — नारायणि नमोऽस्तु ते (देवी के विश्वरूप)
सर्वस्य बुद्धिरूपेण जनस्य हृदि संस्थिते ।
पढ़ें और जपें →सशङ्खचक्रं सकिरीटकुण्डलम् (विष्णु ध्यानम्)
सशङ्खचक्रं सकिरीटकुण्डलं
पढ़ें और जपें →शम्भु स्तुति
नमामि शम्भुं पुरुषं पुराणं
पढ़ें और जपें →शनैश्चर अष्टोत्तर शतनामावली
शनैश्चराय नमः
पढ़ें और जपें →शनि चालीसा
जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल करण कृपाल ।
पढ़ें और जपें →श्री शनिदेव आरती
जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी ।
पढ़ें और जपें →शनि गायत्री मंत्र
ॐ काकध्वजाय विद्महे खड्गहस्ताय धीमहि ।
पढ़ें और जपें →शनि मन्त्र
ॐ शं शनैश्चराय नमः ॥
पढ़ें और जपें →शनि स्तोत्रम्
ॐ शनैश्चरः स्वधाकारी छायाभूः सूर्यनन्दनः ।
पढ़ें और जपें →शनि वज्र पञ्जर कवचम्
श्री गणेशाय नमः ॥
पढ़ें और जपें →षण्मुख भुजङ्गम्
श्रीजगद्गुरु शृङ्गेरी
पढ़ें और जपें →षण्मुख पञ्चरत्नम्
ॐ श्रीगणेशाय नमः ।
पढ़ें और जपें →षण्मुख षट्पदी स्तोत्रम्
श्रीमयूराचलक्षेत्रे - (कुन्नक्कुड्यपरनामके)
पढ़ें और जपें →षण्मुख स्तोत्रम् (षडाननं कुङ्कुमरक्तवर्णम्)
षडाननं कुङ्कुमरक्तवर्णं
पढ़ें और जपें →शान्ताकारं भुजगशयनं
शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं
पढ़ें और जपें →शान्तं पद्मासनस्थं (शिव ध्यान श्लोक)
शान्तं पद्मासनस्थं शशधरमकुटं पञ्चवक्त्रं त्रिनेत्रं
पढ़ें और जपें →शरभेशाष्टकम्
देवादिदेवाय जगन्मयाय शिवाय नालीकनिभाननाय।
पढ़ें और जपें →शरत्काले महापूजा
शरत्काले महापूजा क्रियते या च वार्षिकी ।
पढ़ें और जपें →श्री शीतला माता आरती
मैया जय शीतला माता ।
पढ़ें और जपें →शीतलाष्टकम्
वन्देऽहं शीतलां देवीं रासभस्थां दिगम्बराम्।
पढ़ें और जपें →शिव महिम्न स्तोत्र
महिम्नः पारं ते परमविदुषो यद्यसदृशी
पढ़ें और जपें →शिव पञ्चाक्षर स्तोत्र
नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय
पढ़ें और जपें →शिव सहस्रनाम
ध्यायेन्नित्यं महेशं रजतगिरिनिभं चारुचन्द्रावतंसं
पढ़ें और जपें →शिव अपराध क्षमापन स्तोत्रम्
जय शङ्कर पार्वतीपते कृपया पाहि परेश सत्पते ।
पढ़ें और जपें →शिव अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ शिवाय नमः।
पढ़ें और जपें →श्री शिव कवचम्
ध्यानम्
पढ़ें और जपें →शिवनामावल्यष्टकम्
हे चन्द्रचूड मदनान्तक शूलपाणे
पढ़ें और जपें →श्री शिव षडक्षर स्तोत्रम्
ॐकारं बिन्दुसंयुक्तं नित्यं ध्यायन्ति योगिनः ।
पढ़ें और जपें →शिव तांडव स्तोत्रम्
जटाटवी गलज्जल प्रवाह पावितस्थले
पढ़ें और जपें →शिवाष्टकम् (व्यास)
व्यास उवाच ।
पढ़ें और जपें →श्री रामचन्द्र कृपालु
श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन हरण भवभय दारुणम् ।
पढ़ें और जपें →श्री स्वामी समर्थ मंत्र
श्री स्वामी समर्थ॥
पढ़ें और जपें →शुक्र कवचम्
श्रीगणेशाय नमः ।
पढ़ें और जपें →शुक्र मंत्र
ॐ शुं शुक्राय नमः ॥
पढ़ें और जपें →शूलेन पाहि नो देवि
शूलेन पाहि नो देवि पाहि खड्गेन चाम्बिके ।
पढ़ें और जपें →सिद्ध कुञ्जिका स्तोत्रम्
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे।
पढ़ें और जपें →श्री सीता आरती
आरती श्री जनकदुलारी की ।
पढ़ें और जपें →सीता अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ सीतायै नमः
पढ़ें और जपें →स्कन्द षट्कम् (स्कन्द षष्ठी स्तोत्रम्)
षण्मुखं पार्वतीपुत्रं क्रौञ्चशैलविमर्दनम्।
पढ़ें और जपें →स्मरन् ममैतच्चरितम्
अरण्ये प्रान्तरे वापि दावाग्निपरिवारितः ।
पढ़ें और जपें →सौन्दर्यलहरी
शिवः शक्त्या युक्तो यदि भवति शक्तः प्रभवितुं
पढ़ें और जपें →श्रीराघवं दशरथात्मजम्
श्रीराघवं दशरथात्मजमप्रमेयं
पढ़ें और जपें →श्री राघवेन्द्र स्तोत्र (पूज्याय राघवेन्द्राय)
ॐ श्री राघवेन्द्राय नमः ॥
पढ़ें और जपें →श्रीरामचन्द्राष्टकम्
ॐ चिदाकारो धाता परमसुखदः पावनतनु-
पढ़ें और जपें →श्री रुद्रं नमकम्
ओं नमो भगवते॑ रुद्रा॒य ॥
पढ़ें और जपें →सुब्रह्मण्य षोडशनाम स्तोत्रम्
ज्ञानशक्तिधरः स्कन्दो देवसेनापतिस्तथा ।
पढ़ें और जपें →सुब्रह्मण्याष्टकम् (करावलम्ब स्तोत्र)
हे स्वामिनाथ करुणाकर दीनबन्धो
पढ़ें और जपें →सुब्रह्मण्य (षण्मुख) अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ श्रीगणेशाय नमः
पढ़ें और जपें →सुब्रह्मण्य भुजङ्गम्
सदा बालरूपाऽपि विघ्नाद्रिहन्त्री
पढ़ें और जपें →सुदर्शनाष्टकम्
प्रतिभटश्रेणि भीषण वरगुणस्तोम भूषण
पढ़ें और जपें →सुरवरवर्षिणि
सुरवरवर्षिणि दुर्धरधर्षिणि दुर्मुखमर्षिणि हर्षरते
पढ़ें और जपें →सूर्य अष्टकम्
॥ श्री गणेशाय नमः ॥
पढ़ें और जपें →सूर्य अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ सूर्याय नमः
पढ़ें और जपें →सूर्य कवचम्
श्रीभैरव उवाच ।
पढ़ें और जपें →सूर्य मंत्र
ॐ घृणिः सूर्याय नमः ॥
पढ़ें और जपें →स्वस्ति न इन्द्रो वृद्धश्रवाः
स्वस्ति न इन्द्रो वृद्धश्रवाः स्वस्ति नः पूषा विश्ववेदाः।
पढ़ें और जपें →तारा स्तोत्रम् (ताराष्टकम् / नीलसरस्वती स्तोत्रम्)
मातर्नीलसरस्वति प्रणमतां सौभाग्यसम्पत्प्रदे
पढ़ें और जपें →தேவாரம் — தோடுடைய செவியன்
தோடுடைய செவியன் விடைஏறி ஓர் தூவெண்மதி சூடி
पढ़ें और जपें →திருப்பல்லாண்டு
பல்லாண்டு பல்லாண்டு பல்லாயிரத்தாண்டு
पढ़ें और जपें →तोटकाष्टकम्
विदिताखिलशास्त्रसुधाजलधे महितोपनिषत् कथितार्थनिधे ।
पढ़ें और जपें →त्रैलोक्यमङ्गल कृष्ण कवचम्
श्रीनारद उवाच —
पढ़ें और जपें →त्रैलोक्यमेतदखिलम्
त्रैलोक्यमेतदखिलं रिपुनाशनेन
पढ़ें और जपें →त्रिदलं त्रिगुणाकारम्
त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रियायुधम् ।
पढ़ें और जपें →त्रिपुरभैरवी ध्यान स्तोत्रम्
उद्यद्भानुसहस्रकान्तिमरुणक्षौमां शिरोमालिकां
पढ़ें और जपें →त्रिपुरसुन्दरी स्तोत्रम्
गणेशग्रहनक्षत्रयोगिनीराशिरूपिणीम् ।
पढ़ें और जपें →श्री तुलसी आरती
मैया जय तुलसी माता ।
पढ़ें और जपें →त्वदन्यः पाणिभ्याम्
त्वदन्यः पाणिभ्यामभयवरदो दैवतगणः
पढ़ें और जपें →त्वं स्वाहा त्वं स्वधा (ब्रह्मकृत योगनिद्रा स्तुति)
ब्रह्मोवाच
पढ़ें और जपें →జగదానంద కారక
జగదానంద కారక జయ జానకీ ప్రాణ నాయక
पढ़ें और जपें →नृसिंह मंत्र (उग्रं वीरं महाविष्णुं)
उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम्।
पढ़ें और जपें →वैद्यनाथाष्टकम्
श्रीरामसौमित्रिजटायुवेद-
पढ़ें और जपें →श्री वैष्णो देवी आरती
जय वैष्णवी माता मैया जय वैष्णवी माता ।
पढ़ें और जपें →श्री वैष्णो देवी चालीसा
गरुड़ वाहिनी वैष्णवी त्रिकुटा पर्वत धाम ।
पढ़ें और जपें →वन्दे शम्भुमुमापतिं (शिव ध्यान श्लोक)
वन्दे शम्भुमुमापतिं सुरगुरुं वन्दे जगत्कारणं
पढ़ें और जपें →वने रणे शत्रुजलाग्निमध्ये
वने रणे शत्रुजलाग्निमध्ये
पढ़ें और जपें →वराह स्तोत्रम्
चिदानन्दघनं शुद्धं विश्वमङ्गलकारकम् ।
पढ़ें और जपें →वास्तु शान्ति मन्त्र (वास्तोष्पते)
वास्तोष्पते प्रति जानीह्यस्मान्त्स्वावेशो अनमीवो भवा नः।
पढ़ें और जपें →वासुदेवाश्रयो मर्त्यः (विष्णु सहस्रनाम फलश्रुति)
दुर्गाण्यतितरत्याशु पुरुषः पुरुषोत्तमम् ।
पढ़ें और जपें →वेदसार शिव स्तोत्रम्
॥ श्रीः॥
पढ़ें और जपें →வேல் வகுப்பு
பருத்தமுலை சிறுத்தஇடை வெளுத்தநகை கறுத்தகுழல்
पढ़ें और जपें →वेङ्कटेश अष्टकम्
श्रीवेङ्कटेशपदपङ्कज धूलिपङ्क्तिः
पढ़ें और जपें →श्री वेङ्कटेश करावलम्ब स्तोत्रम्
श्रीशेषशैलसुनिकेतन दिव्यमूर्ते
पढ़ें और जपें →वेङ्कटेश्वर अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ ओंकारपरमर्थाय नमः
पढ़ें और जपें →श्री वेङ्कटेश प्रपत्तिः
ईशानां जगतोऽस्य वेङ्कटपतेर्विष्णोः परां प्रेयसीं
पढ़ें और जपें →श्री वेङ्कटेश्वर स्तोत्रम् (कमलाकुचचूचुक)
कमलाकुचचूचुक कुङ्कुमतो
पढ़ें और जपें →विभीषणकृत हनुमत् स्तोत्रम्
नमो हनुमते तुभ्यं नमो मारुतसूनवे।
पढ़ें और जपें →विन्ध्येश्वरी स्तोत्रम्
निशुम्भशुम्भगर्जिनी प्रचण्डमुण्डखण्डिनी।
पढ़ें और जपें →विष्णु अष्टोत्तर शतनामावली
ॐ हृषीकेशाय नमः
पढ़ें और जपें →विष्णु चालीसा
विष्णु सुनिए विनय, सेवक की चितलाय।
पढ़ें और जपें →विष्णु सहस्रनाम
शुक्लाम्बरधरं विष्णुं शशिवर्णं चतुर्भुजम् ।
पढ़ें और जपें →विष्णु षोडश नाम स्तोत्रम्
औषधे चिन्तयेद्विष्णुं
पढ़ें और जपें →विश्वेश्वरि त्वं परिपासि विश्वम्
एतत्कृतं यत्कदनं त्वयाद्य
पढ़ें और जपें →विश्वेश्वरि त्वं परिपासि विश्वम् (विश्व की रक्षिका देवी)
रक्षांसि यत्रोग्रविषाश्च नागा
पढ़ें और जपें →श्री विश्वकर्मा आरती
जय श्री विश्वकर्मा ।
पढ़ें और जपें →विश्वनाथ अष्टकम्
आदिशम्भु-स्वरूप-मुनिवर-चन्द्रशीश-जटाधरं
पढ़ें और जपें →वृश्चिकस्य विषं पुच्छं
वृश्चिकस्य विषं पुच्छं मक्षिकायाश्च मस्तके।
पढ़ें और जपें →या चण्डी मधुकैटभ (चण्डी ध्यान श्लोक)
या चण्डी मधुकैटभादिदैत्यदलनी या माहिषोन्मूलिनी
पढ़ें और जपें →या देवी सर्वभूतेषु दयारूपेण संस्थिता
या देवी सर्वभूतेषु दयारूपेण संस्थिता ।
पढ़ें और जपें →या देवी सर्वभूतेषु (तन्त्रोक्त देवीसूक्तम्)
देवा ऊचुः
पढ़ें और जपें →य इदं शृणुयान्नित्यम् (विष्णु सहस्रनाम फलश्रुति)
य इदं शृणुयान्नित्यं यश्चापि परिकीर्तयेत् ।
पढ़ें और जपें →या श्रीः स्वयं सुकृतिनाम्
या श्रीः स्वयं सुकृतिनां भवनेष्वलक्ष्मीः
पढ़ें और जपें →यदा यदा हि धर्मस्य
यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत ।
पढ़ें और जपें →यस्माच्चण्डं च मुण्डं च (चामुण्डा नामकरण)
मया तवात्रोपहृतौ चण्डमुण्डौ महापशू ।
पढ़ें और जपें →यति पञ्चकम् (कौपीन पञ्चकम्)
वेदान्तवाक्येषु सदा रमन्तो
पढ़ें और जपें →यत्रैतत्पठ्यते सम्यक्
उपसर्गानशेषांस्तु महामारीसमुद्भवान् ।
पढ़ें और जपें →यो मां जयति सङ्ग्रामे (देवी की प्रतिज्ञा)
देव्युवाच
पढ़ें और जपें →युधिष्ठिरकृत दुर्गा स्तोत्रम्
यशोदागर्भसम्भूतां नारायणवरप्रियाम्।
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