दुर्गा मंत्र
अन्य नाम / खोज: om dum durgayei namaha · durga beej mantra · om dum durgaye namaha
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✦ अर्थ
दुर्गा मंत्र "ॐ दुं दुर्गायै नमः" देवी दुर्गा का प्रमुख बीज मंत्र है, जो उनके बीजाक्षर "दुं" पर आधारित है। यह अजेय जगज्जननी को नमस्कार है, जो रक्षात्मक शक्ति का स्पंदन है। शत्रुओं, भय और हर प्रकार के संकट से रक्षा हेतु इसका जप किया जाता है।
उत्पत्ति और कथा
The beej mantra of Goddess Durga · Traditional (Vedic / Puranic)
"ॐ दुं दुर्गायै नमः" देवी दुर्गा का सर्वप्रमुख बीज मंत्र है — अजेय जगज्जननी, जो सिंह पर सवार होती हैं और महिषासुर का संहार करती हैं। उनका बीजाक्षर "दुं" रक्षात्मक शक्ति का स्पंदन धारण करता है। नवरात्रि की नौ रातों में तथा संकट की हर घड़ी में भक्तों ने माता के साहस, शक्ति और अटूट रक्षा का आह्वान करने हेतु इस मंत्र का जप किया है।
मंत्र
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ॐ दुं दुर्गायै नमः ॥
Om Dum Durgayai Namah.
अर्थ:ॐ। अजेय जगज्जननी देवी दुर्गा को नमस्कार है।
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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दुर्गा मंत्र पाठ के लाभ
देवी दुर्गा का प्रमुख बीज मंत्र, जो उनके बीजाक्षर "दुं" पर आधारित है — उग्र, रक्षात्मक शक्ति का स्पंदन।
शत्रुओं, संकटों, दुर्घटनाओं, नकारात्मक ऊर्जाओं, काला जादू और हर प्रकार के भय से रक्षा हेतु जपा जाता है।
उस माता के साहस, शक्ति और विजय का आह्वान करता है जो बुराई का संहार करती हैं और अपने भक्तों की रक्षा करती हैं।
नवरात्रि में, अष्टमी व नवमी को तथा मंगलवार और शुक्रवार को विशेष रूप से प्रभावशाली।
पूर्ण श्रद्धा से दुर्गा के चित्र के समक्ष लाल पुष्प, कुंकुम और दीपक के साथ 108 बार जपा जाता है।
जगज्जननी का एक सरल नित्य मंत्र, जो दुर्गा चालीसा और दुर्गा सप्तशती के साथ पढ़ा जाता है।
दुर्गा मंत्र जप विधि
स्नान के बाद माँ दुर्गा के चित्र के समक्ष लाल पुष्प, कुंकुम और घी या तेल के दीपक के साथ बैठें। माता की रक्षा का आह्वान करते हुए "ॐ दुं दुर्गायै नमः" का लाल मूँगा या रुद्राक्ष की माला पर 108 बार जप करें। यह नवरात्रि की नौ रातों में विशेष रूप से प्रभावशाली है। रक्षा, साहस और कठिनाइयों पर विजय हेतु इसे श्रद्धापूर्वक जपें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
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