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चामुण्डा मंत्र एवं नवार्ण मंत्र

🕉️ hindu·📿 108× जप·🕐 नवरात्रि के समय, शुक्रवार, अष्टमी, अथवा किसी भी आवश्यकता के समय·🎵 ऑडियो सहित·📜 Devi Mahatmyam / Durga Saptashati (Markandeya Purana)

अन्य नाम / खोज: om aim hrim klim chamundaye vichche · chamunda mantra · navarna mantra

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अर्थ

नवार्ण मंत्र 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे' देवी दुर्गा के उग्र रूप चामुण्डा का नौ अक्षरों वाला सर्वशक्तिशाली शक्ति मंत्र है। यह दुर्गा सप्तशती का बीज मंत्र है और तीन परम बीज — ऐं, ह्रीं, क्लीं — को समाहित करता है। यह शत्रुओं, बुराई और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा प्रदान करता है।

उत्पत्ति और कथा

Devi Mahatmyam / Durga Saptashati (Markandeya Purana) · Sage Markandeya · 5th-6th century CE (Purana compilation)

नवार्ण मंत्र देवी महात्म्यम् (जिसे दुर्गा सप्तशती अथवा चण्डी पाठ भी कहते हैं) से उद्भूत होता है, जो मार्कण्डेय पुराण में 700 श्लोकों का ग्रंथ है। यह वह बीज मंत्र है जो 700 श्लोकों की समस्त शक्ति को मात्र नौ अक्षरों में समाहित कर देता है। चामुण्डा वह उग्र रूप हैं जो राक्षस सेना के विरुद्ध महायुद्ध के समय प्रकट हुईं — वे दुर्गा के सबसे भयंकर और रक्षात्मक स्वरूप में हैं।

शास्त्रों में वर्णित

देवी महात्म्यम् वर्णन करता है: जब चण्ड और मुण्ड राक्षसों ने विशाल सेना के साथ आक्रमण किया, तब देवी काली ने अपने ललाट से चामुण्डा को प्रकट किया — स्याही के समान काली, मुण्डमाला धारण किए, भयंकर अट्टहास करती हुईं। चामुण्डा ने समस्त राक्षस सेना को निगल लिया और चण्ड व मुण्ड के कटे शीश दुर्गा के समक्ष लाईं। देवी पूजा का समापन करने वाला 'सर्वमंगल' श्लोक इतना शक्तिशाली माना जाता है कि भारत भर के शक्ति मंदिरों की दीवारों पर अंकित है — कहा जाता है कि इसकी उपस्थिति मात्र से ही वह स्थान समस्त नकारात्मकता से सुरक्षित रहता है।

सुनें और साथ में जपें

सम्पूर्ण पाठ अर्थ सहित

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श्लोक 1

ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे॥

Om Aim Hreem Kleem Chamundayai Vichche

अर्थ:ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे — चामुण्डा को नमस्कार (यह नवार्ण मन्त्र है — देवी के नौ अक्षर)।

श्लोक 2

जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तु ते॥

Om Jayanti Mangala Kali Bhadrakali Kapalini Durga Kshama Shiva Dhatri Svaha Svadha Namostu Te

अर्थ:ॐ — हे जयन्ती, मंगला, काली, भद्रकाली, कपालिनी, दुर्गा (आदि नामों वाली देवी) — तुम्हें नमस्कार।

श्लोक 3

सर्वमंगलमांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥

Sarvamangala Mangalye Shive Sarvartha Sadhike Sharanye Tryambake Gauri Narayani Namostu Te

अर्थ:हे समस्त मंगलों की मंगलमयी, शिवे, सब अर्थ सिद्ध करने वाली, शरण्ये, त्र्यम्बके, गौरी, नारायणी — तुम्हें नमस्कार।

शब्द-दर-शब्द अर्थ

उच्चारण सुनने के लिए किसी भी शब्द पर क्लिक करें

ऐं🔊Aimसरस्वती का बीज — ज्ञान, वाणी
ह्रीं🔊Hreemमाया/शक्ति का बीज — ब्रह्मांडीय ऊर्जा
क्लीं🔊Kleemकाम का बीज — आकर्षण, इच्छा
चामुण्डा🔊Chamundaचण्ड और मुण्ड का वध करने वाली
विच्चे🔊Vichcheपवित्र बीजाक्षर (समापन)
नवार्ण🔊Navarnaनौ अक्षर (नौ-अक्षरी मंत्र)
जयन्ती🔊Jayantiविजयिनी
मंगला🔊Mangalaमंगलमयी
काली🔊Kaliउग्र/श्याम देवी
भद्रकाली🔊Bhadrakaliशुभ काली
कपालिनी🔊Kapaliniकपाल धारण करने वाली
क्षमा🔊Kshamaक्षमा
सर्वमंगलमांगल्ये🔊Sarvamangala Mangalyeहे समस्त मंगलों की मंगलमयी
सर्वार्थसाधिके🔊Sarvartha Sadhikeसब अर्थ सिद्ध करने वाली
शरण्ये🔊Sharanyeशरण देने वाली
त्र्यम्बके🔊Tryambakeत्रिनेत्रधारिणी
नारायणि🔊Narayaniनारायण की दिव्य स्त्री-शक्ति

चामुण्डा मंत्र एवं नवार्ण मंत्र पाठ के लाभ

नवार्ण मंत्र (नौ अक्षर) सबसे शक्तिशाली शक्ति मंत्र है।

इसमें तीन परम बीज मंत्र समाहित हैं: ऐं + ह्रीं + क्लीं।

समस्त दुर्गा सप्तशती परंपरा का केंद्रीय मंत्र।

'सर्वमंगल' श्लोक हिंदू धर्म में सर्वाधिक उद्धृत दुर्गा श्लोक है।

समस्त शत्रुओं, बुराई और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा प्रदान करता है।

समस्त शक्ति/देवी पूजा में प्रयुक्त — नवरात्रि से लेकर दैनिक पूजा तक।

चामुण्डा मंत्र एवं नवार्ण मंत्र जप विधि

जप संख्या108बार
उत्तम समयनवरात्रि के समय, शुक्रवार, अष्टमी, अथवा किसी भी आवश्यकता के समय

नवार्ण मंत्र (ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे) का माला से 108 बार जप किया जाता है। यह समस्त दुर्गा सप्तशती का बीज मंत्र है। प्रत्येक बीज अक्षर — ऐं, ह्रीं, क्लीं — को स्पष्ट उच्चारित करें। 'सर्वमंगल' श्लोक को किसी भी समय स्वतंत्र प्रार्थना के रूप में पढ़ा जा सकता है। नवरात्रि में नौ दिनों तक 1008 बार जप करना अत्यंत शक्तिशाली माना जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नौ अक्षरों वाला मंत्र 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे' नवार्ण (नौ-अक्षर) मंत्र कहलाता है। यह दुर्गा सप्तशती का मूल मंत्र है और हिंदू धर्म का सबसे शक्तिशाली शक्ति मंत्र माना जाता है।
चामुण्डा देवी दुर्गा का उग्र रूप हैं जिन्होंने चण्ड और मुण्ड राक्षसों का वध किया (इसी से चा-मुण्डा)। देवी महात्म्यम् में वर्णित युद्ध के समय वे देवी काली के ललाट से प्रकट हुईं।
'हे समस्त मंगलों में मंगलमयी, हे सब अर्थ सिद्ध करने वाली, हे शरण देने वाली, त्र्यम्बके गौरी, हे नारायणी — तुम्हें नमस्कार।' यह सर्वाधिक पठित दुर्गा श्लोक है, जिसका प्रयोग लगभग प्रत्येक देवी पूजा के समापन में होता है।
हाँ, बिल्कुल। नवार्ण मंत्र और चामुण्डा पूजा सभी भक्तों के लिए है, लिंग का कोई भेद नहीं। स्वयं देवी महात्म्यम् एक राजा और एक वैश्य को सुनाया गया था — दोनों पुरुष थे।

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