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दुर्गा मंत्र — Word-by-Word Meaning

दुर्गा मंत्र

Every Sanskrit word explained in English

Word-by-Word Breakdown

Om
आदि नाद (प्रणव)
दुं
Dum
देवी दुर्गा का बीजाक्षर — रक्षात्मक शक्ति का स्पंदन
दुर्गायै
Durgayai
अजेय जगज्जननी देवी दुर्गा को
नमः
Namah
नमस्कार / मैं नमन करता हूँ

Complete Translation

ॐ। अजेय जगज्जननी देवी दुर्गा को नमस्कार है।

Origin & History

Source: The beej mantra of Goddess Durga

Author: Traditional (Vedic / Puranic)

"ॐ दुं दुर्गायै नमः" देवी दुर्गा का सर्वप्रमुख बीज मंत्र है — अजेय जगज्जननी, जो सिंह पर सवार होती हैं और महिषासुर का संहार करती हैं। उनका बीजाक्षर "दुं" रक्षात्मक शक्ति का स्पंदन धारण करता है। नवरात्रि की नौ रातों में तथा संकट की हर घड़ी में भक्तों ने माता के साहस, शक्ति और अटूट रक्षा का आह्वान करने हेतु इस मंत्र का जप किया है।

Frequently Asked Questions

दुर्गा मंत्र क्या है?
देवी दुर्गा का प्रमुख बीज मंत्र "ॐ दुं दुर्गायै नमः" है। "दुं" उनका बीजाक्षर है — उनकी रक्षात्मक, अजेय शक्ति का स्पंदन — और यह मंत्र जगज्जननी को नमस्कार है।
दुर्गा मंत्र के क्या लाभ हैं?
यह शत्रुओं, संकटों, दुर्घटनाओं, नकारात्मकता, काला जादू और भय से रक्षा हेतु तथा साहस, शक्ति और विजय के लिए जपा जाता है। माता का बुराई के संहारक और भक्तों के रक्षक के रूप में आह्वान किया जाता है।
दुर्गा मंत्र का जप कितनी बार करना चाहिए?
इसे माला पर नित्य 108 बार जपें, विशेषकर प्रातः या सायंकाल और नवरात्रि की नौ रातों में। जब भी रक्षा या साहस की आवश्यकता हो तब भी इसका जप किया जा सकता है।
दुर्गा मंत्र के जप का सर्वोत्तम समय कौन-सा है?
नवरात्रि (चैत्र और शारद दोनों) सर्वाधिक प्रभावशाली समय है, विशेषकर अष्टमी और नवमी। मंगलवार और शुक्रवार देवी के साप्ताहिक दिन हैं।
दुर्गा की और कौन-सी प्रार्थनाएँ मैं पढ़ सकता हूँ?
इस मंत्र के साथ दुर्गा चालीसा, दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्यम्), "या देवी सर्वभूतेषु", दुर्गा कवच और सिद्ध कुंजिका स्तोत्रम् का पाठ करें।

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