Mantra.Tips
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स्वास्थ्य और उपचार के मंत्र

Sacred healing mantras for physical health, recovery and vitality.

These healing mantras — led by the Mahamrityunjaya Mantra of Lord Shiva and the Dhanvantari mantra — are chanted for physical health, recovery from illness, longevity and freedom from the fear of death. They calm the nervous system, strengthen the will to heal, and are often recited for a loved one who is unwell. Each mantra below includes full Sanskrit lyrics, transliteration, meaning and chanting guidance.

79 mantras available in this collection

अच्युतानन्तगोविन्द

अच्युतानन्तगोविन्द नामोच्चारणभेषजात्।

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आदित्य हृदय स्तोत्र

ततो युद्धपरिश्रान्तं समरे चिन्तया स्थितम् ।

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अगस्त्यं कुम्भकर्णं च — भोजनोत्तर (पाचन) मन्त्र

अगस्त्यं कुम्भकर्णं च शनिं च बडबानलम् ।

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अग्नि गायत्री मंत्र

ॐ वैश्वानराय विद्महे लालीलाय धीमहि ।

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अहं वैश्वानरो भूत्वा — भोजन मन्त्र

अहं वैश्वानरो भूत्वा प्राणिनां देहमाश्रितः ।

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अनायासेन मरणम्

अनायासेन मरणं विना दैन्येन जीवनम्।

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अन्नं ब्रह्मेति

अन्नं ब्रह्मेति व्यजानात् ।

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श्री अन्नपूर्णा जी की आरती

बारम्बार प्रणाम, करूँ महारानी ।

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अन्नपूर्णा चालीसा

॥ दोहा ॥

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श्री अन्नपूर्णा स्तोत्रम्

नित्यानन्दकरी वराभयकरी सौन्दर्यरत्नाकरी

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अपवित्रः पवित्रो वा

अपवित्रः पवित्रो वा सर्वावस्थां गतोऽपि वा।

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आपो हि ष्ठा मयोभुवः

ॐ आपो हि ष्ठा मयोभुवस्ता न ऊर्जे दधातन।

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श्रीमद्भगवद्गीता 6.16 — नात्यश्नतस्तु योगोऽस्ति

नात्यश्नतस्तु योगोऽस्ति न चैकान्तमनश्नतः।

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श्रीमद्भगवद्गीता ६.१७ — युक्ताहारविहारस्य

युक्ताहारविहारस्य युक्तचेष्टस्य कर्मसु।

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भद्रं कर्णेभिः शृणुयाम

ॐ भद्रं कर्णेभिः शृणुयाम देवाः ।

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बुध कवचम्

श्रीगणेशाय नमः ।

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चन्द्र अष्टोत्तर शतनामावली

श्रीमते नमः

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चंद्र गायत्री मंत्र

ॐ क्षीरपुत्राय विद्महे अमृततत्त्वाय धीमहि ।

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चन्द्रकवचम्

॥ श्रीगणेशाय नमः ॥

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चन्द्रशेखर अष्टकम्

चन्द्रशेखर चन्द्रशेखर चन्द्रशेखर पाहि माम्।

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छठ पूजा सूर्य अर्घ्य मंत्र (जपाकुसुमसङ्काशं)

जपाकुसुमसङ्काशं काश्यपेयं महाद्युतिम्।

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श्रीदत्तात्रेय स्तोत्रम्

जटाधरं पाण्डुराङ्गं शूलहस्तं कृपानिधिम्।

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श्रीदत्तात्रेय वज्रकवचम्

ॐ दत्तात्रेय शिरः पातु सहस्राब्जेषु संस्थितः।

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दीपज्योतिः परब्रह्म — दीप प्रज्वलन मन्त्र

दीपज्योतिः परब्रह्म दीपज्योतिर्जनार्दनः ।

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धनतेरस धन्वन्तरि मंत्र एवं गायत्री

ॐ नमो भगवते महासुदर्शनाय वासुदेवाय धन्वन्तरये

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धन्वंतरि उपचार मंत्र (महामंत्र)

ॐ नमो भगवते महासुदर्शनाय वासुदेवाय धन्वन्तरये।

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धन्वंतरि मंत्र

ॐ नमो भगवते धन्वन्तरये ।

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धन्वन्तरि स्तोत्रम्

ॐ शङ्खं चक्रं जलौकां दधदमृतघटं चारुदोर्भिश्चतुर्भिः

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ਦੁਖ ਭੰਜਨੀ ਸਾਹਿਬ

ਦੁਖ ਭੰਜਨੀ ਸਾਹਿਬ

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एष ब्रह्मा च विष्णुश्च

एष ब्रह्मा च विष्णुश्च शिवः स्कन्दः प्रजापतिः ।

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गङ्गे च यमुने चैव — स्नान मन्त्र

गङ्गे च यमुने चैव गोदावरि सरस्वति ।

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गरुड़ गायत्री मंत्र

ॐ तत्पुरुषाय विद्महे सुवर्णपक्षाय धीमहि ।

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हनुमान बाहुक

सिंधु तरन, सिय-सोच हरन, रबि बाल बरन तनु ।

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हनुमान् वडवानल स्तोत्रम्

अस्य श्रीहनुमद्वडवानलस्तोत्रमन्त्रस्य श्रीरामचन्द्र ऋषिः,

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हरिर्दाता हरिर्भोक्ता

हरिर्दाता हरिर्भोक्ता हरिरन्नं प्रजापतिः ।

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केतुकवचम्

॥ श्रीगणेशाय नमः ॥

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क्षीरोदन्वत्प्रदेशे (विष्णु ध्यानम्)

क्षीरोदन्वत्प्रदेशे शुचिमणिविलसत्सैकतेर्मौक्तिकानां

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महामृत्युंजय स्तोत्रम्

रुद्रं पशुपतिं स्थाणुं नीलकण्ठमुमापतिम्।

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मकर संक्रान्ति सूर्य मंत्र एवं गायत्री

ॐ सूर्याय नमः।

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मृत्युञ्जय मानसिक पूजा स्तोत्रम्

कैलासे कमनीयरत्नखचिते कल्पद्रुमूले स्थितं

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नन्दगोपगृहे जाता (देवी की भावी अवतार-भविष्यवाणी)

देव्युवाच

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श्री नर्मदा जी की आरती

ॐ जय जगदानन्दी, मैया जय आनन्द कन्दी ।

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नर्मदाष्टकम्

सबिन्दुसिन्धुसुस्खलत्तरङ्गभङ्गरञ्जितं

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नासै रोग हरै सब पीरा

नासै रोग हरै सब पीरा।

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ॐ नमो भगवते रुद्राय

ॐ नमो भगवते रुद्राय॥

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सुदर्शन मंत्र (ॐ सहस्रार हुं फट्)

ॐ सहस्रार हुं फट्॥

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तच्चक्षुर्देवहितम् — पश्येम शरदः शतम्

तच्चक्षुर्देवहितं पुरस्ताच्छुक्रमुच्चरत्।

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पवमान सूक्तम् (पुनन्तु माम्)

ॐ यदन्ति यच्च दूरके भयं विन्दति मामिह।

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पृथ्वी सूक्तम् (भूमि सूक्त)

ॐ सत्यं बृहदृतमुग्रं दीक्षा तपो ब्रह्म यज्ञः पृथिवीं धारयन्ति।

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रश्मिमन्तं समुद्यन्तम्

रश्मिमन्तं समुद्यन्तं देवासुरनमस्कृतम् ।

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रोगानशेषानपहंसि तुष्टा

रोगानशेषानपहंसि तुष्टा

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रुद्र सूक्तम्

ॐ आ ते पितर्मरुतां सुम्नमेतु मा नः सूर्यस्य संदृशो युयोथाः।

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सान्द्रानन्दावबोधात्मकम् (नारायणीयम् आरम्भ)

सान्द्रानन्दावबोधात्मकमनुपमितं कालदेशावधिभ्यां

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संतान गोपाल मंत्र

ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं देवकीसुताय नमः ॥

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सन्तान गोपाल स्तोत्रम्

श्रीशं कमलपत्राक्षं देवकीनन्दनं हरिम् ।

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सर्वं ममैतन्माहात्म्यम्

सर्वं ममैतन्माहात्म्यं मम सन्निधिकारकम् ।

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शाकम्भरी स्तोत्रम्

शाकम्भरी शिवा धात्री दुर्गा रक्षणकारिणी।

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शनि स्तोत्रम्

ॐ शनैश्चरः स्वधाकारी छायाभूः सूर्यनन्दनः ।

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शरत्काले महापूजा

शरत्काले महापूजा क्रियते या च वार्षिकी ।

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श्री शीतला माता आरती

मैया जय शीतला माता ।

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शीतलाष्टकम्

वन्देऽहं शीतलां देवीं रासभस्थां दिगम्बराम्।

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शिव सहस्रनाम

ध्यायेन्नित्यं महेशं रजतगिरिनिभं चारुचन्द्रावतंसं

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श्री सूर्य देव आरती

ॐ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान ।

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सूर्य अर्घ्य मन्त्र

एहि सूर्य सहस्रांशो तेजोराशे जगत्पते।

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सूर्य चालीसा

कनक बदन कुण्डल मकर,मुक्ता माला अङ्ग।

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सूर्य कवचम्

श्रीभैरव उवाच ।

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सूर्य नमस्कार मंत्र

ॐ मित्राय नमः

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तच्छं योरावृणीमहे

ॐ तच्छं योरावृणीमहे। गातुं यज्ञाय। गातुं यज्ञपतये।

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तुलसी नमस्तुभ्यम्

तुलसि श्रीसखि शुभे पापहारिणि पुण्यदे।

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श्री तुलसी आरती

मैया जय तुलसी माता ।

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तुलसी चालीसा

॥ दोहा ॥

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तुलसी स्तोत्रम्

जगद्धात्रि नमस्तुभ्यं विष्णोश्च प्रियवल्लभे।

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वैद्यनाथाष्टकम्

श्रीरामसौमित्रिजटायुवेद-

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श्री वातपुरनाथाष्टकम्

कुन्दसुमवृन्दसममन्दहसितास्यं

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विष्णु षोडश नाम स्तोत्रम्

औषधे चिन्तयेद्विष्णुं

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यज्ञशिष्टाशिनः सन्तो — भोजन मन्त्र

यज्ञशिष्टाशिनः सन्तो मुच्यन्ते सर्वकिल्बिषैः ।

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श्री यमुना जी की आरती

ॐ जय यमुना माता, मैया जय यमुना माता ।

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स्थिरसुखमासनम्

स्थिरसुखमासनम् ॥ २.४६ ॥

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प्रयत्नशैथिल्यानन्तसमापत्तिभ्याम्

प्रयत्नशैथिल्यानन्तसमापत्तिभ्याम् ॥ २.४७ ॥

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Frequently Asked Questions

The Mahamrityunjaya Mantra ("Om Tryambakam Yajamahe...") is the supreme healing and life-restoring mantra. The Dhanvantari mantra and "Om Namah Shivaya" are also chanted for recovery and vitality.
Yes. Mantras like the Mahamrityunjaya are traditionally chanted on behalf of the sick. Chant with focus and compassion, dedicating the merit to the person's recovery and well-being.
Chant 108 times daily, ideally in the morning after bathing, in a calm seated posture. The Mahamrityunjaya is often chanted 11, 21 or 108 times, or in longer counts (1,000+) during serious illness.