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इस्ट पोर्टरभिल गौरी पंचांगम

मंगलवार, 16 जून 2026

इस्ट पोर्टरभिल, USA · local

दिन का गौरी पंचांगम

  • रोगम्अशुभ5:39 AM7:29 AM
  • लाभम्शुभ7:29 AM9:18 AM
  • धनम्शुभ9:18 AM11:08 AM
  • सुगमशुभ11:08 AM12:57 PM
  • सोरम्अशुभ12:57 PM2:47 PM
  • उतिशुभ2:47 PM4:36 PM
  • विषम्अशुभ4:36 PM6:26 PM
  • अमृतशुभ6:26 PM8:15 PM

रात का गौरी पंचांगम

  • सोरम्अशुभ8:15 PM9:26 PM
  • उतिशुभ9:26 PM10:36 PM
  • विषम्अशुभ10:36 PM11:47 PM
  • अमृतशुभ11:47 PM12:57 AM
  • रोगम्अशुभ12:57 AM2:08 AM
  • लाभम्शुभ2:08 AM3:18 AM
  • धनम्शुभ3:18 AM4:29 AM
  • सुगमशुभ4:29 AM5:40 AM
नल्ल नेरम (शुभ)अमृत, धनम्, उति, लाभम्, सुगमअशुभरोगम्, सोरम्, विषम्

अन्य शहरों का गौरी पंचांगम

गौरी पंचांगम को समझें

अमृतशुभ
सुगमशुभ
लाभम्शुभ
धनम्शुभ
उतिशुभ
रोगम्अशुभ
सोरम्अशुभ
विषम्अशुभ

सामान्य प्रश्न

गौरी पंचांगम क्या है?

गौरी पंचांगम (नल्ल नेरम) में दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। प्रत्येक भाग लगभग डेढ़ घंटे का शुभ या अशुभ काल होता है, जिससे शुभ समय (नल्ल नेरम) चुनना आसान होता है।

कौन-से गौरी काल शुभ (नल्ल नेरम) हैं?

अमृत (अमिर्धा), धनम, उति, लाभम और सुगम शुभ नल्ल नेरम हैं। रोगम, सोरम और विषम अशुभ माने जाते हैं और इन्हें टालना चाहिए। अमिर्धा सर्वश्रेष्ठ है।

गौरी पंचांगम और चौघड़िया में क्या अंतर है?

दोनों दिन-रात को आठ भागों में बाँटते हैं। गौरी पंचांगम (तमिलनाडु व दक्षिण भारत में प्रचलित) के काल अमिर्धा, रोगम, लाभम आदि कहलाते हैं और विषम काल राहु कालम के साथ आता है। चौघड़िया (अमृत, शुभ, लाभ…) उत्तर व पश्चिम भारत में अधिक प्रचलित है।

और देखें: पंचांग · चौघड़िया · राहु काल