Tuggeranong Administrative District गुलिक काल
गुरुवार, 18 जून 2026
Tuggeranong Administrative District, Australia · AET
गुलिक काल (गुलिकै या मांदी) दिन का एक अशुभ भाग है, जिसका स्वामी शनि-पुत्र गुलिक है। इस अवधि में नया शुभ कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।
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सामान्य प्रश्न
गुलिक काल क्या है?
गुलिक काल (गुलिकै या मांदी काल) दिनमान के आठ बराबर भागों में से एक है, जिसे अशुभ माना जाता है और जिसका स्वामी शनि-पुत्र गुलिक है। इस समय नया कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।
गुलिक काल की गणना कैसे होती है?
दिनमान (सूर्योदय से सूर्यास्त) को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। गुलिक का भाग वार अनुसार होता है — रवि 7वाँ, सोम 6ठा, मंगल 5वाँ, बुध 4था, गुरु 3रा, शुक्र 2रा और शनि 1ला।
गुलिक काल राहु काल से अधिक अशुभ है?
दोनों दिन के अशुभ भाग हैं। कुछ परंपराओं में माना जाता है कि गुलिक काल में आरंभ कार्य की पुनरावृत्ति होती है, इसलिए विवाह जैसे एक-बार के कार्यों में इसे विशेष रूप से टाला जाता है; नित्य कार्य व पूजा अप्रभावित रहते हैं।