अग्ने नय सुपथा राये PDF
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अग्ने नय सुपथा राये अस्मान् विश्वानि देव वयुनानि विद्वान्। युयोध्यस्मज्जुहुराणमेनो भूयिष्ठां ते नमउक्तिं विधेम॥
Agne naya supathā rāye asmān viśvāni deva vayunāni vidvān | yuyodhy asmaj juhurāṇam eno bhūyiṣṭhāṃ te nama-uktiṃ vidhema ||
हे अग्निदेव, जो हमारे समस्त मार्गों और कर्मों को जानने वाले हैं, हमें श्रेष्ठ मार्ग से सच्चे ऐश्वर्य (पूर्णता और मोक्ष) की ओर ले चलें। हमसे उस कुटिल पाप को दूर करें जो भटकाता है। आपको हम अपनी सर्वाधिक प्रचुर नमस्कार-वाणी अर्पित करते हैं। हे तेजोमय प्रभु, हमें उत्तम पथ पर ले चलें, हर भ्रामक दोष से हमें शुद्ध करें, और हम बार-बार आपको प्रणाम करते हैं।