Mantra.Tips

भगवद्गीता किञ्चिदधीता PDF

भगवद्गीता किञ्चिदधीता की पूरी लिरिक्स — संस्कृत, रोमन व अर्थ सहित। एक क्लिक में PDF सेव करें या प्रिंट करें।

भगवद्गीता किञ्चिदधीता गङ्गाजल लवकणिका पीता । सकृदपि येन मुरारिसमर्चा क्रियते तस्य यमेन न चर्चा ॥

Bhagavadgita kinchidadhita gangajala lavakanika pita Sakridapi yena murarisamarcha kriyate tasya yamena na charcha

जिसने भगवद्गीता का थोड़ा-सा भी अध्ययन किया, गंगाजल की एक बूँद भी पी, और एक बार भी मुरारि (विष्णु) की अर्चना की — उसके साथ यमराज कोई विवाद नहीं करते।