बृहस्पति गायत्री मंत्र PDF
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ॐ वृषभध्वजाय विद्महे क्रुणिहस्ताय धीमहि । तन्नो गुरुः प्रचोदयात् ॥
Om Vrishabhadhwajaya Vidmahe Krunihastaya Dhimahi. Tanno Guruh Prachodayat.
ॐ। हम वृषभ-ध्वज वाले को जानें, हाथ में दण्ड धारण करने वाले का ध्यान करें; वे गुरु (बृहस्पति) हमारी बुद्धि को प्रेरित व प्रकाशित करें।