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हरिर्दाता हरिर्भोक्ता PDF

हरिर्दाता हरिर्भोक्ता की पूरी लिरिक्स — संस्कृत, रोमन व अर्थ सहित। एक क्लिक में PDF सेव करें या प्रिंट करें।

हरिर्दाता हरिर्भोक्ता हरिरन्नं प्रजापतिः । हरिः सर्वशरीरस्थो भुङ्क्ते भोजयते हरिः ॥

Harir data harir bhokta harir annam prajapatih Harih sarva-sharira-stho bhunkte bhojayate harih

हरि ही दाता हैं, हरि ही भोक्ता हैं; हरि ही अन्न हैं और हरि ही प्रजापति (समस्त प्राणियों के स्वामी) हैं। सब शरीरों में विराजमान वही हरि भोजन करते हैं और वही हरि (सबको) भोजन कराते हैं।