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हे कृष्ण करुणासिन्धो PDF

हे कृष्ण करुणासिन्धो की पूरी लिरिक्स — संस्कृत, रोमन व अर्थ सहित। एक क्लिक में PDF सेव करें या प्रिंट करें।

हे कृष्ण करुणासिन्धो दीनबन्धो जगत्पते । गोपेश गोपिकाकान्त राधाकान्त नमोऽस्तु ते ॥

He Krishna karuna-sindho dina-bandho jagat-pate Gopesha gopika-kanta radha-kanta namo'stu te

हे कृष्ण, करुणा के सागर! हे दीन-दुखियों के बन्धु! हे जगत् के स्वामी! हे ग्वालों के नाथ, गोपियों के प्रियतम, राधा के प्राणवल्लभ — आपको मेरा बारम्बार प्रणाम।