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हेचि दान देगा देवा Meaning — Line by Line

हेचि दान देगा देवा

Every verse and every word explained in English & Hindi

Meaning — Line by Line

Every verse of हेचि दान देगा देवा with its Hindi meaning. Tap any word to hear it, or ▶ to recite the verse.

Verse 1#

Hechi Dan Dega Deva | Tujha Visar Na Vhava ||

हेचि दान देगा देवा तुझा विसर व्हावा

Hechi Dan Dega Deva | Tujha Visar Na Vhava ||

Meaningहे प्रभु, मुझे बस यही दान दो — कि तुम्हारा विस्मरण कभी न हो।

Verse 2#

Gun Gain Aavadi | Hechi Majhi Sarva Jodi ||

गुण गाईन आवडी हेचि माझी सर्व जोडी

Gun Gain Aavadi | Hechi Majhi Sarva Jodi ||

Meaningमैं प्रेमपूर्वक तुम्हारे गुण गाऊँ — यही मेरी सम्पूर्ण कमाई, यही मेरा सर्वस्व है।

Verse 3#

Nalage Mukti Aani Sampada | Santsang Dei Sada ||

नलगे मुक्ति आणि संपदा संतसंग देई सदा

Nalage Mukti Aani Sampada | Santsang Dei Sada ||

Meaningमुझे मुक्ति नहीं चाहिए, न ही संपदा; बस मुझे सदा संतों का संग दो।

Verse 4#

Tuka Mhane Garbhavasi | Sukhe Ghalave Aamhansi ||

तुका म्हणे गर्भवासी सुखें घालावें आम्हांसी

Tuka Mhane Garbhavasi | Sukhe Ghalave Aamhansi ||

Meaningतुका कहते हैं — चाहे मुझे फिर गर्भवास (पुनर्जन्म) में रहना पड़े, तो भी सुखपूर्वक वहाँ रख दो, बस तुम्हारी स्मृति न छूटे।

Word-by-Word Breakdown

हेचि दान
Hechi Dan
यही दान / यही एकमात्र वरदान
देगा देवा
Dega Deva
दीजिए, हे प्रभु
तुझा विसर
Tujha Visar
तुम्हारा विस्मरण
न व्हावा
Na Vhava
कभी न हो (मैं तुम्हें कभी न भूलूँ)
गुण गाईन
Gun Gain
मैं गुण गाऊँगा
आवडी
Aavadi
प्रेम और आनन्द से
हेचि माझी सर्व जोडी
Hechi Majhi Sarva Jodi
यही मेरी सम्पूर्ण कमाई / सर्वस्व है
नलगे
Nalage
मुझे नहीं चाहिए / मुझे कोई आवश्यकता नहीं
मुक्ति आणि संपदा
Mukti Aani Sampada
मुक्ति और संपदा (सांसारिक ऐश्वर्य)
संतसंग
Santsang
संतों का संग (पवित्र सत्संग)
देई सदा
Dei Sada
सदा दीजिए / सर्वदा दो
तुका म्हणे
Tuka Mhane
तुका (संत तुकाराम) कहते हैं
गर्भवासी
Garbhavasi
गर्भवास (अर्थात् पुनर्जन्म, देहधारी अस्तित्व)
सुखें घालावें आम्हांसी
Sukhe Ghalave Aamhansi
हमें सुखपूर्वक (उसमें) रख दीजिए, यदि वह तुम्हारे निकट रखे

Origin & History

Source: Tukaram Gatha (Marathi abhang tradition of the Varkari sampradaya)

Author: Sant Tukaram

Period: 17th century CE

देहू के संत तुकाराम के हज़ारों अभंगों में, 'हेचि दान देगा देवा' निःस्वार्थ भक्ति के एक रत्न के रूप में चमकता है। मुक्ति और धन दोनों को अस्वीकार करते हुए, संत अपने प्रभु विठ्ठल से एक ही वरदान माँगते हैं — कि वे उन्हें कभी न भूलें — और संतों का अटूट संग। प्रभु की महिमा गाते रहने के बदले पुनर्जन्म तक स्वीकार करने की उनकी तत्परता ने इस अभंग को बिना प्रतिफल की कामना के प्रेम के वारकरी आदर्श की कसौटी बना दिया है।

Frequently Asked Questions

'हेचि दान देगा देवा' का क्या अर्थ है?
इसका अर्थ है 'हे प्रभु, मुझे बस यही दान दीजिए'। वह 'एक दान' जो तुकाराम माँगते हैं, वह यह है कि वे प्रभु को कभी न भूलें — किसी सांसारिक या आध्यात्मिक प्रतिफल के बजाय अखण्ड स्मृति और भक्ति की प्रार्थना।
यह अभंग किसने रचा?
इसकी रचना संत तुकाराम (17वीं शताब्दी) ने की, जो देहू के वारकरी कवि-संत थे, जिनका मुद्रालेख 'तुका म्हणे' (तुका कहते हैं) अभंग का समापन करता है। यह विठ्ठल को समर्पित उनके विशाल अभंग-संग्रह का अंश है।
तुकाराम इस प्रार्थना में मुक्ति को क्यों अस्वीकार करते हैं?
वारकरी पथ के भक्त के लिए प्रभु की प्रेमपूर्ण स्मृति और संतों का संग मुक्ति से भी मधुर है। तुकाराम कहते हैं कि वे पुनर्जन्म को भी सहर्ष स्वीकार करेंगे, यदि उससे वे पवित्र जनों के संग में प्रभु की महिमा गाते रह सकें।
वे जो 'संतसंग' माँगते हैं, वह क्या है?
संतसंग का अर्थ है संतों और भक्तों का संग या सत्संगति। तुकाराम इसे समस्त सांसारिक ऐश्वर्य और मुक्ति से भी ऊपर मानते हैं, क्योंकि पवित्र जनों के संग में ईश्वर की स्मृति जीवित रहती है और भक्ति बढ़ती है।

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