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महालक्ष्मी मन्त्र (पद्मासने पद्मकरे) — Complete Lyrics

महालक्ष्मी मन्त्र (पद्मासने पद्मकरे)

Sanskrit text with English transliteration and translation

Verse 1
पद्मासने पद्मकरे सर्वलोकैकपूजिते। नारायणप्रिये देवि सुप्रीता भव सर्वदा॥
Padmāsane padmakare sarvalokaikapūjite। Nārāyaṇapriye devi suprītā bhava sarvadā॥
हे कमल के आसन पर विराजमान, हाथों में कमल धारण करने वाली, समस्त लोकों द्वारा एकमात्र पूजनीया, भगवान नारायण की प्रिया देवी — हे देवी, मुझ पर सदा प्रसन्न एवं अनुकूल रहें। ॐ, महालक्ष्मी देवी को नमस्कार।
Verse 2
श्रीं महालक्ष्म्यै नमः॥
Oṁ śrīṁ mahālakṣmyai namaḥ॥

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