Mantra.Tips

महालक्ष्मी मन्त्र (पद्मासने पद्मकरे) PDF

महालक्ष्मी मन्त्र (पद्मासने पद्मकरे) की पूरी लिरिक्स — संस्कृत, रोमन व अर्थ सहित। एक क्लिक में PDF सेव करें या प्रिंट करें।

पद्मासने पद्मकरे सर्वलोकैकपूजिते। नारायणप्रिये देवि सुप्रीता भव सर्वदा॥

Padmāsane padmakare sarvalokaikapūjite। Nārāyaṇapriye devi suprītā bhava sarvadā॥

हे कमल के आसन पर विराजमान, हाथों में कमल धारण करने वाली, समस्त लोकों द्वारा एकमात्र पूजनीया, भगवान नारायण की प्रिया देवी — हे देवी, मुझ पर सदा प्रसन्न एवं अनुकूल रहें। ॐ, महालक्ष्मी देवी को नमस्कार।

ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः॥

Oṁ śrīṁ mahālakṣmyai namaḥ॥