Mantra.Tips

विश्वं विष्णुर्वषट्कारः PDF

विश्वं विष्णुर्वषट्कारः की पूरी लिरिक्स — संस्कृत, रोमन व अर्थ सहित। एक क्लिक में PDF सेव करें या प्रिंट करें।

हरिः ॐ ।

Harih Om

हरिः ॐ। वे विश्व (समस्त जगत्) हैं; सर्वव्यापी विष्णु हैं; यज्ञ में वषट्कार द्वारा आहूत हैं; भूत, भविष्य और वर्तमान के प्रभु हैं। वे भूतों के रचयिता (भूतकृत्), भूतों के धारक (भूतभृत्), शुद्ध भाव (अस्तित्व), समस्त भूतों की आत्मा (भूतात्मा) और भूतों का पोषण करने वाले (भूतभावन) हैं।

विश्वं विष्णुर्वषट्कारो भूतभव्यभवत्प्रभुः । भूतकृद्भूतभृद्भावो भूतात्मा भूतभावनः ॥

Vishvam vishnurvashatkaro bhutabhavyabhavatprabhuh Bhutakridbhutabhridbhavo bhutatma bhutabhavanah