संकल्प मन्त्र PDF
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ॐ विष्णुर्विष्णुर्विष्णुः। श्रीमद्भगवतो महापुरुषस्य विष्णोराज्ञया प्रवर्तमानस्य अद्य ब्रह्मणो द्वितीये परार्धे श्रीश्वेतवाराहकल्पे वैवस्वतमन्वन्तरे कलियुगे प्रथमचरणे भरतवर्षे भरतखण्डे जम्बूद्वीपे अस्मिन् वर्तमाने व्यावहारिके प्रभवादिषष्टिसंवत्सराणां मध्ये अमुकनामसंवत्सरे अमुकायने अमुकऋतौ अमुकमासे अमुकपक्षे अमुकतिथौ अमुकवासरयुक्तायां एवं गुणविशेषणविशिष्टायां शुभपुण्यतिथौ मम उपात्तसमस्तदुरितक्षयद्वारा श्रीपरमेश्वरप्रीत्यर्थं यथाशक्ति अमुककर्म करिष्ये॥
Om Vishnur Vishnur Vishnuh. Shrimad-Bhagavato Mahapurushasya Vishnor-Ajnaya Pravartamanasya Adya Brahmano Dvitiye Pararadhe Shri-Shveta-Varaha-Kalpe Vaivasvata-Manvantare Kali-Yuge Prathama-Charane Bharata-Varshe Bharata-Khande Jambu-Dvipe Asmin Vartamane Vyavaharike Prabhavadi-Shashti-Samvatsaranam Madhye Amuka-Nama-Samvatsare Amuka-Ayane Amuka-Ritau Amuka-Mase Amuka-Pakshe Amuka-Tithau Amuka-Vasara-Yuktayam Evam Guna-Visheshana-Vishishtayam Shubha-Punya-Tithau Mama Upatta-Samasta-Durita-Kshaya-Dvara Shri-Parameshvara-Prityartham Yatha-Shakti Amuka-Karma Karishye.
ॐ — विष्णु, विष्णु, विष्णु। श्रीमान् महापुरुष भगवान् विष्णु की आज्ञा से प्रवृत्त होकर — आज, ब्रह्मा के द्वितीय परार्ध में, श्वेतवाराह कल्प में, वैवस्वत मन्वन्तर में, कलियुग के प्रथम चरण में, भरतवर्ष में, जम्बूद्वीप में, इस वर्तमान व्यावहारिक काल में, प्रभव आदि साठ संवत्सरों में से (अमुक नामक) संवत्सर में, (अमुक) अयन में, (अमुक) ऋतु में, (अमुक) मास में, (अमुक) पक्ष में, (अमुक) तिथि में, (अमुक) वार से युक्त, इन समस्त गुण-विशेषणों से युक्त इस शुभ-पुण्य तिथि पर — अपने द्वारा संचित समस्त पापों के क्षय हेतु तथा श्रीपरमेश्वर की प्रसन्नता के लिए, मैं यथाशक्ति यह (अमुक) कर्म करूँगा। (साधक 'अमुक' स्थानों पर वर्तमान वर्ष, मास, तिथि, स्थान और किए जाने वाले कर्म का नाम भरता है।)