Mantra.Tips

पुनरपि जननं पुनरपि मरणम् PDF

पुनरपि जननं पुनरपि मरणम् की पूरी लिरिक्स — संस्कृत, रोमन व अर्थ सहित। एक क्लिक में PDF सेव करें या प्रिंट करें।

पुनरपि जननं पुनरपि मरणं पुनरपि जननीजठरे शयनम् । इह संसारे बहुदुस्तारे कृपयाऽपारे पाहि मुरारे ॥

Punarapi jananam punarapi maranam punarapi jananijathare shayanam Iha samsare bahudustare kripayapare pahi murare

फिर जन्म, फिर मृत्यु, फिर माता के गर्भ में शयन — यह संसार पार करना अत्यन्त कठिन है। हे मुरारे! अपनी अपार कृपा से मेरी रक्षा कीजिए।