Mantra.Tips

रामस्कन्दं हनुमन्तम् PDF

रामस्कन्दं हनुमन्तम् की पूरी लिरिक्स — संस्कृत, रोमन व अर्थ सहित। एक क्लिक में PDF सेव करें या प्रिंट करें।

रामस्कन्दं हनूमन्तं वैनतेयं वृकोदरम्। शयने यः स्मरेन्नित्यं दुःस्वप्नस्तस्य नश्यति॥

Rāmaskandaṁ hanūmantaṁ vainateyaṁ vṛkodaram। Śayane yaḥ smaren nityaṁ duḥsvapnas tasya naśyati॥

जो व्यक्ति सोते समय प्रतिदिन राम (स्कन्द), हनुमान, वैनतेय (गरुड़) और वृकोदर (भीम) का स्मरण करता है — उसके सभी दुःस्वप्न (बुरे सपने) नष्ट हो जाते हैं।