रश्मिमन्तं समुद्यन्तम् PDF
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रश्मिमन्तं समुद्यन्तं देवासुरनमस्कृतम् । पूजयस्व विवस्वन्तं भास्करं भुवनेश्वरम् ॥
Rashmimantam samudyantam devasuranamaskritam Pujayasva vivasvantam bhaskaram bhuvaneshvaram
किरणों से युक्त, उदित होते हुए, देवों और असुरों दोनों से नमस्कृत — उन विवस्वान् (सूर्य), प्रकाशकर्ता भास्कर, समस्त लोकों के स्वामी भुवनेश्वर की आप पूजा कीजिए।