Mantra.Tips

सर्वाबाधाविनिर्मुक्तो PDF

सर्वाबाधाविनिर्मुक्तो की पूरी लिरिक्स — संस्कृत, रोमन व अर्थ सहित। एक क्लिक में PDF सेव करें या प्रिंट करें।

सर्वाबाधाविनिर्मुक्तो धनधान्यसमन्वितः । मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशयः ॥

sarvābādhāvinirmukto dhanadhānyasamanvitaḥ manuṣyo matprasādena bhaviṣyati na saṃśayaḥ

वह मनुष्य मेरी कृपा से समस्त बाधाओं से मुक्त और धन-धान्य से सम्पन्न हो जाएगा; इसमें कोई संदेह नहीं।