सर्वस्वरूपे सर्वेशे PDF
सर्वस्वरूपे सर्वेशे की पूरी लिरिक्स — संस्कृत, रोमन व अर्थ सहित। एक क्लिक में PDF सेव करें या प्रिंट करें।
सर्वस्वरूपे सर्वेशे सर्वशक्तिसमन्विते । भयेभ्यस्त्राहि नो देवि दुर्गे देवि नमोऽस्तु ते ॥
sarvasvarūpe sarveśe sarvaśaktisamanvite bhayebhyastrāhi no devi durge devi namo'stu te
हे सर्व-स्वरूपा, सबकी ईश्वरी, समस्त शक्तियों से युक्त! हे देवी! हमें भयों से बचाइए; हे दुर्गे देवी! आपको नमस्कार है।
एतत्ते वदनं सौम्यं लोचनत्रयभूषितम् । पातु नः सर्वभूतेभ्यः कात्यायनि नमोऽस्तु ते ॥
etatte vadanaṃ saumyaṃ locanatrayabhūṣitam pātu naḥ sarvabhūtebhyaḥ kātyāyani namo'stu te
तीन नेत्रों से सुशोभित आपका यह सौम्य मुख हमें समस्त भयों से रक्षित करे; हे कात्यायनि! आपको नमस्कार है।
ज्वालाकरालमत्युग्रमशेषासुरसूदनम् । त्रिशूलं पातु नो भीतेर्भद्रकालि नमोऽस्तु ते ॥
jvālākarālamatyugramaśeṣāsurasūdanam triśūlaṃ pātu no bhīterbhadrakāli namo'stu te
ज्वालाओं से विकराल, अत्यन्त उग्र, समस्त असुरों का संहार करने वाला आपका त्रिशूल हमें भय से बचाए; हे भद्रकालि! आपको नमस्कार है।