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सत्यं ज्ञानमनन्तं ब्रह्म PDF

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सत्यं ज्ञानमनन्तं ब्रह्म । यो वेद निहितं गुहायां परमे व्योमन् । सोऽश्नुते सर्वान् कामान् सह ब्रह्मणा विपश्चितेति ॥

satyaṁ jñānam anantaṁ brahma yo veda nihitaṁ guhāyāṁ parame vyoman so'śnute sarvān kāmān saha brahmaṇā vipaściteti

ब्रह्म सत्य, ज्ञान और अनन्त स्वरूप है। जो उसे हृदय-गुहा में, परम आकाश में स्थित जानता है, वह सर्वज्ञ ब्रह्म के साथ समस्त कामनाओं को प्राप्त कर लेता है।