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सत्यनारायण ध्यान मंत्र (सत्यनारायणं देवं वन्दे) PDF

सत्यनारायण ध्यान मंत्र (सत्यनारायणं देवं वन्दे) की पूरी लिरिक्स — संस्कृत, रोमन व अर्थ सहित। एक क्लिक में PDF सेव करें या प्रिंट करें।

सत्यनारायणं देवं वन्देऽहं कामदं प्रभुम्। लीलया विततं विश्वं येन तस्मै नमो नमः॥

Satyanarayanam Devam Vande'ham Kamadam Prabhum Leelaya Vitatam Vishvam Yena Tasmai Namo Namah

मैं सत्यनारायण देव को नमन करता हूँ, जो समस्त कामनाओं के दाता और परम प्रभु हैं, जिनकी लीला से यह सम्पूर्ण विश्व विस्तृत हुआ है — उन्हें बार-बार नमस्कार। ॐ नमो भगवते वासुदेवाय। मैं उन विष्णु की वन्दना करता हूँ जो शान्त स्वरूप हैं, शेषनाग पर शयन करते हैं, जिनकी नाभि से कमल प्रकट होता है, जो देवों के ईश हैं; जो विश्व के आधार, आकाश के समान व्यापक, मेघ के समान श्यामवर्ण और शुभ अंगों वाले हैं; जो लक्ष्मीकान्त, कमलनयन, योगियों द्वारा ध्यान में प्राप्य हैं; जो संसार के भय को हरने वाले और समस्त लोकों के एकमात्र स्वामी हैं।

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।

Om Namo Bhagavate Vasudevaya

शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम्। लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यं वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्॥

Shantakaram Bhujagashayanam Padmanabham Suresham Vishvadharam Gaganasadrisham Meghavarnam Shubhangam Lakshmikantam Kamalanayanam Yogibhir Dhyanagamyam Vande Vishnum Bhavabhayaharam Sarvalokaikanatham