Mantra.Tips

षण्मुख गायत्री मंत्र (कार्तिकेय गायत्री) PDF

षण्मुख गायत्री मंत्र (कार्तिकेय गायत्री) की पूरी लिरिक्स — संस्कृत, रोमन व अर्थ सहित। एक क्लिक में PDF सेव करें या प्रिंट करें।

ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महासेनाय धीमहि। तन्नो षण्मुखः प्रचोदयात्॥

Om Tatpurushaya Vidmahe Mahasenaya Dhimahi Tanno Shanmukhah Prachodayat

ॐ। हम उस परम पुरुष को जानें; हम महासेन (देवसेनापति) का ध्यान करें। वे षण्मुख (छह मुख वाले) भगवान हमारी बुद्धि को प्रेरित एवं प्रकाशित करें।