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सुब्रह्मण्य षोडशनाम स्तोत्रम् PDF

सुब्रह्मण्य षोडशनाम स्तोत्रम् की पूरी लिरिक्स — संस्कृत, रोमन व अर्थ सहित। एक क्लिक में PDF सेव करें या प्रिंट करें।

ज्ञानशक्तिधरः स्कन्दो देवसेनापतिस्तथा । सुब्रह्मण्यो गजारूढः शरकाननसम्भवः ॥ १॥

jñānaśaktidharaḥ skando devasenāpatistathā | subrahmaṇyo gajārūḍhaḥ śarakānanasambhavaḥ || 1||

ज्ञानशक्तिधर (ज्ञान-शक्ति के धारक), स्कन्द, तथा देवसेनापति (देवसेना के अधिपति); सुब्रह्मण्य, गजारूढ (हाथी पर सवार), शरकाननसम्भव (शरवण में उत्पन्न);

कार्तिकेयः कुमारश्च षण्मुखस्तारकान्तकः । सेनानीर्ब्रह्मशास्ता च वल्लीकल्याणसुन्दरः ॥ २॥

kārtikeyaḥ kumāraśca ṣaṇmukhastārakāntakaḥ | senānīrbrahmaśāstā ca vallīkalyāṇasundaraḥ || 2||

कार्तिकेय, कुमार, षण्मुख (छह मुख वाले), तारकान्तक (तारक के संहारक); सेनानी (सेनापति), ब्रह्मशास्ता (ब्रह्मा के उपदेशक), तथा वल्लीकल्याणसुन्दर (वल्ली के सुन्दर वर);

बालश्च क्रौञ्चभेत्ता च शिखिवाहन एव च । एतानि स्वामिनामानि षोडश प्रत्यहं नरः ॥ ३॥

bālaśca krauñcabhettā ca śikhivāhana eva ca | etāni svāmināmāni ṣoḍaśa pratyahaṃ naraḥ || 3||

बाल (बालक), क्रौञ्चभेत्ता (क्रौञ्च का भेदन करने वाले), तथा शिखिवाहन (मयूरवाहन) — ये भगवान (स्वामी) के सोलह नाम हैं।

यः पठेत्सर्वपापेभ्यः स मुच्यते महामुने ।

yaḥ paṭhetsarvapāpebhyaḥ sa mucyate mahāmune |

जो मनुष्य इन सोलह नामों का प्रतिदिन पाठ करता है, हे महामुने, वह समस्त पापों से मुक्त हो जाता है।