सुंदर ते ध्यान PDF
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सुंदर ते ध्यान उभे विटेवरी । कर कटावरी ठेवूनिया ॥
Sundar Te Dhyan Ubhe Vitevari | Kar Katavari Thevuniya ||
सुंदर है वह ध्यान-योग्य रूप, ईंट पर खड़ा, कमर पर हाथ रखे हुए।
तुळसीहार गळां कासे पीतांबर । आवडे निरंतर तेंचि ध्यान ॥
Tulasihar Gala Kase Pitambar | Aavade Nirantar Techi Dhyan ||
गले में तुलसी की माला, कमर पर पीतांबर — वही दर्शन मुझे निरंतर प्रिय है, अनंत काल तक।
मकरकुंडले तळपती श्रवणीं । कंठीं कौस्तुभमणि विराजित ॥
Makarakundale Talapati Shravani | Kanthi Kaustubhamani Virajit ||
कानों में मकरकुंडल झिलमिलाते हैं, और वक्ष पर कौस्तुभमणि शोभायमान है।
तुका म्हणे माझे हेंचि सर्व सुख । पाहीन श्रीमुख आवडीने ॥
Tuka Mhane Majhe Hechi Sarva Sukh | Paahin Shrimukh Aavadine ||
तुका कहते हैं — यही मेरा सम्पूर्ण सुख है, कि मैं बार-बार प्रेमपूर्वक उस श्रीमुख के दर्शन करूँ।