सुरवरवर्षिणि — Complete Lyrics
सुरवरवर्षिणि
Sanskrit text with English transliteration and translation
सुरवरवर्षिणि दुर्धरधर्षिणि दुर्मुखमर्षिणि हर्षरते
त्रिभुवनपोषिणि शङ्करतोषिणि किल्बिषमोषिणि घोषरते ।
दनुजनिरोषिणि दितिसुतरोषिणि दुर्मदशोषिणि सिन्धुसुते
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥
Suravaravarshini durdharadharshini durmukhamarshini harsharate
Tribhuvanaposhini shankaratoshini kilbishamoshini ghosharate
Danujaniroshini ditisutaroshini durmadashoshini sindhusute
Jaya jaya he mahishasuramardini ramyakapardini shailasute
हे श्रेष्ठ देवों पर कृपा बरसाने वाली, दुर्धर्ष शत्रुओं का दमन करने वाली, दुर्मुख (असुर) का नाश करने वाली, सदा हर्षमयी; हे तीनों लोकों का पोषण करने वाली, शंकर को प्रसन्न करने वाली, पापों को हरने वाली, रणघोष में रमने वाली; हे दानवों पर कुपित, दितिपुत्रों पर क्रुद्ध, दुष्ट अहंकार को सुखा देने वाली, हे सिन्धुसुते — हे महिषासुरमर्दिनि, सुन्दर केशपाश वाली, हे शैलसुते, आपकी जय हो, जय हो!
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