वैदेहीसहितं (राम पट्टाभिषेक ध्यानम्) — Complete Lyrics
वैदेहीसहितं (राम पट्टाभिषेक ध्यानम्)
Sanskrit text with English transliteration and translation
वैदेहीसहितं सुरद्रुमतले हैमे महामण्डपे
मध्ये पुष्पकमासने मणिमये वीरासने संस्थितम् ।
अग्रे वाचयति प्रभञ्जनसुते तत्त्वं मुनिभ्यः परं
व्याख्यान्तं भरतादिभिः परिवृतं रामं भजे श्यामलम् ॥
Vaidehi-Sahitam Sura-Druma-Tale Haime Maha-Mandape
Madhye Pushpakam-Asane Mani-Maye Virasane Samsthitam |
Agre Vachayati Prabhanjana-Sute Tattvam Munibhyah Param
Vyakhyantam Bharatadibhih Parivritam Ramam Bhaje Shyamalam ||
मैं उन श्यामवर्ण श्रीराम का भजन करता हूँ, जो सीता के साथ कल्पवृक्ष (देवद्रुम) के नीचे, एक विशाल स्वर्णमय मण्डप के मध्य, पुष्पक के मणिमय आसन पर वीरासन में विराजमान हैं; जो आगे बैठे पवनपुत्र हनुमान के पाठ करते समय मुनियों को परम तत्त्व का व्याख्यान कर रहे हैं; और जो भरत आदि भाइयों एवं भक्तों से घिरे हुए हैं।
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