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व्यास वन्दना (व्यासाय विष्णुरूपाय) PDF

व्यास वन्दना (व्यासाय विष्णुरूपाय) की पूरी लिरिक्स — संस्कृत, रोमन व अर्थ सहित। एक क्लिक में PDF सेव करें या प्रिंट करें।

व्यासाय विष्णुरूपाय व्यासरूपाय विष्णवे। नमो वै ब्रह्मनिधये वासिष्ठाय नमो नमः॥

Vyasaya Vishnu-rupaya Vyasa-rupaya Vishnave Namo Vai Brahma-nidhaye Vasishthaya Namo Namah

व्यास को नमस्कार, जो विष्णु के ही स्वरूप हैं, और उन विष्णु को, जिन्होंने व्यास का रूप धारण किया; वेदों के भण्डार को, वसिष्ठ-वंश के श्रेष्ठ व्यास को बार-बार नमस्कार। वे चार मुखों के बिना ब्रह्मा हैं, केवल दो भुजाओं वाले दूसरे विष्णु हैं, ललाट के तीसरे नेत्र के बिना शम्भु (शिव) हैं — ऐसे हैं भगवान बादरायण (व्यास)।

अचतुर्वदनो ब्रह्मा द्विबाहुरपरो हरिः। अफाललोचनः शम्भुर्भगवान् बादरायणः॥

Achatur-vadano Brahma Dvi-bahur-aparo Harih Aphala-lochanah Shambhur Bhagavan Badarayanah