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यस्य पुत्रो वशीभूतो — Complete Lyrics

यस्य पुत्रो वशीभूतो

Sanskrit text with English transliteration and translation

यस्य पुत्रो वशीभूतो भार्या छन्दानुगामिनी। विभवे यश्च सन्तुष्टस्तस्य स्वर्ग इहैव हि॥
yasya putro vaśībhūto bhāryā chandānugāminī। vibhave yaś ca santuṣṭas tasya svarga ihaiva hi॥
जिसका पुत्र आज्ञाकारी एवं सुसंस्कृत है, जिसकी पत्नी उसके अनुकूल एवं सामंजस्यपूर्ण है, और जो अपने पास उपलब्ध धन से सन्तुष्ट है — ऐसे व्यक्ति के लिए स्वर्ग इसी संसार में, यहीं है। चाणक्य सिखाते हैं कि सच्चा स्वर्ग कोई दूरस्थ लोक नहीं, बल्कि सन्तोष से सुशोभित एक सामंजस्यपूर्ण गृहस्थी है।

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