यस्य स्मृत्या च नामोक्त्या PDF
यस्य स्मृत्या च नामोक्त्या की पूरी लिरिक्स — संस्कृत, रोमन व अर्थ सहित। एक क्लिक में PDF सेव करें या प्रिंट करें।
यस्य स्मृत्या च नामोक्त्या तपोयज्ञक्रियादिषु । न्यूनं सम्पूर्णतां याति सद्यो वन्दे तमच्युतम् ॥
Yasya Smritya Cha Namoktya Tapo-Yajna-Kriyadishu | Nyunam Sampurnatam Yati Sadyo Vande Tam-Achyutam ||
मैं उस अच्युत (अविनाशी भगवान विष्णु) को प्रणाम करता हूँ, जिनके स्मरण मात्र से और जिनके नाम के उच्चारण से तप, यज्ञ, अनुष्ठान आदि समस्त शुभ कर्मों में जो भी न्यूनता या त्रुटि रह जाती है, वह तत्काल पूर्णता को प्राप्त हो जाती है।